
नई दिल्ली: भारत में घरेलू और वाणिज्यिक LPG गैस सिलेंडर के दामों में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। लगभग एक वर्ष बाद पहली बार तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि की घोषणा की है। इस बढ़ोतरी के पीछे मध्य पूर्व में जारी ईरान-इजरायल संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल एवं गैस आपूर्ति में आई बाधा को प्रमुख कारण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ रहा है। गैस की उपलब्धता कम होने और आयात लागत बढ़ने के कारण उपभोक्ताओं को अब अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी।
घरेलू सिलेंडर ₹60 महंगा
नई दरों के अनुसार 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में ₹60 की बढ़ोतरी की गई है।
दिल्ली में नई कीमतें
| श्रेणी | पुरानी कीमत | नई कीमत |
|---|---|---|
| घरेलू LPG सिलेंडर (14.2 किग्रा) | ₹853 | ₹913 |
| वाणिज्यिक LPG सिलेंडर (19 किग्रा) | ₹1652.50 | ₹1802 |
इस बढ़ोतरी का सीधा असर करोड़ों परिवारों, छोटे व्यवसायों, होटल-रेस्तरां और खाद्य उद्योग पर पड़ेगा।
क्यों बढ़े गैस के दाम?
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य पूर्व में जारी संघर्ष ने होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाली तेल और गैस आपूर्ति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। दुनिया के ऊर्जा व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है।
संघर्ष के कारण:
- तेल और गैस टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई।
- बीमा और परिवहन लागत बढ़ी।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में तेजी आई।
- LPG आयात महंगा हो गया।
भारत अपनी LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए वैश्विक कीमतों का सीधा असर देश के उपभोक्ताओं पर पड़ता है।
सरकार ने उठाए कई कदम
स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों और संबंधित एजेंसियों को कई निर्देश जारी किए हैं।
प्रमुख सरकारी कदम
- PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) परियोजनाओं को तेजी से लागू करने के निर्देश।
- वैकल्पिक ईंधन के रूप में सीमित अवधि के लिए केरोसिन और कोयले के उपयोग की अनुमति।
- नए ऊर्जा स्रोतों की खोज और आयात विविधीकरण पर जोर।
- आपूर्ति संकट से निपटने के लिए अतिरिक्त गैस आयात की व्यवस्था।
अर्जेंटीना बना नया सहारा
ऊर्जा संकट के बीच अर्जेंटीना ने भारत को LPG की आपूर्ति बढ़ाने का फैसला किया है। रिपोर्टों के अनुसार अर्जेंटीना ने अपनी गैस आपूर्ति को दोगुने से भी अधिक स्तर तक बढ़ा दिया है, जिससे भारतीय बाजार को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
रूस के Urals तेल की बढ़ी मांग
मध्य पूर्व संकट का असर कच्चे तेल बाजार पर भी दिख रहा है। भारतीय बंदरगाहों पर रूसी Urals तेल की मांग तेजी से बढ़ी है। स्थिति यह है कि कुछ स्थानों पर Urals तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय Brent Crude के बराबर या उससे अधिक प्रीमियम पर पहुंच गई हैं।
होटल और उद्योगों पर बढ़ेगा दबाव
वाणिज्यिक सिलेंडर के दामों में लगभग ₹150 की बढ़ोतरी से होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकान, कैटरिंग व्यवसाय और छोटे उद्योग प्रभावित होंगे। आशंका है कि आने वाले दिनों में खाद्य पदार्थों और सेवाओं की कीमतों पर भी इसका असर दिखाई दे सकता है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर
संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि यदि मध्य पूर्व में संघर्ष लंबा खिंचता है तो एशिया-प्रशांत क्षेत्र सहित दुनिया भर में ऊर्जा, उर्वरक और खाद्य आपूर्ति श्रृंखलाएं प्रभावित हो सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार तेल और गैस की कीमतों में लगातार वृद्धि से महंगाई दर बढ़ने की आशंका है, जिससे आम उपभोक्ता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
LPG सिलेंडर की कीमतों में यह बढ़ोतरी केवल एक घरेलू आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव का परिणाम है। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर अब भारतीय रसोई तक पहुंच चुका है। यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले महीनों में ऊर्जा और परिवहन लागत में और वृद्धि देखने को मिल सकती है, जिसका असर देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता दोनों पर पड़ेगा।









