
उत्तर प्रदेश: के Gorakhpur में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की भारी किल्लत ने आम लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। शहर के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गंगा गैस एजेंसी पर हालात इतने खराब हो चुके हैं कि उपभोक्ताओं को सिलेंडर लेने के लिए पूरी-पूरी रात सड़क किनारे गुजारनी पड़ रही है। भीषण गर्मी, उमस और मच्छरों के बीच लोग अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि एजेंसी पर गैस सिलेंडरों की पर्याप्त सप्लाई नहीं पहुंच रही है, जिसके कारण हर दिन लंबी कतारें लग रही हैं। कई उपभोक्ता लगातार तीन-तीन और चार-चार दिनों तक लाइन में लगने के बावजूद खाली हाथ लौट रहे हैं।
रातभर सड़क किनारे डेरा डाल रहे उपभोक्ता
Gorakhpur में एलपीजी संकट की स्थिति अब गंभीर रूप ले चुकी है। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गैस एजेंसी के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी लाइनें दिन ही नहीं बल्कि पूरी रात लगी रहती हैं। हालात ऐसे हैं कि कई लोग सड़क किनारे मच्छरदानी लगाकर रात गुजार रहे हैं ताकि सुबह तक उनकी बारी बनी रहे।
लोग अपने घरेलू गैस सिलेंडरों को लाइन में लगाकर वहीं बैठे रहते हैं। कई उपभोक्ताओं ने सिलेंडर चोरी होने के डर से उनमें ताला तक लगा दिया है। गर्मी और उमस के कारण लोगों की हालत खराब हो रही है, लेकिन मजबूरी ऐसी है कि उन्हें रातभर जागकर अपनी जगह बचानी पड़ रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि एजेंसी पर हर दिन सैकड़ों सिलेंडरों की मांग रहती है, लेकिन सप्लाई बेहद सीमित पहुंच रही है। इसी वजह से लोगों को घंटों नहीं बल्कि कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
तीन-चार दिन लाइन लगाने के बाद भी नहीं मिलता सिलेंडर”
हांसूपुर निवासी राजाराम ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि यह समस्या कोई नई नहीं है। उनके मुताबिक हर महीने गैस संकट की यही स्थिति बन जाती है। उन्होंने बताया कि कई बार लगातार तीन-चार दिन तक लाइन में लगने के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल पाता।
राजाराम ने कहा कि वह रात 11 बजे से लाइन में खड़े हैं और उनके आगे लगभग 200 सिलेंडरों की कतार लगी हुई है। उन्होंने बताया कि पूरी रात जागना पड़ता है क्योंकि सिलेंडर चोरी होने का डर बना रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एजेंसी पर अव्यवस्था इतनी ज्यादा है कि किसी को यह जानकारी तक नहीं मिल पाती कि कितने सिलेंडर आएंगे और किसे मिल पाएंगे। इससे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ रही है।
LPG संकट से घरों का बिगड़ा बजट और रसोई व्यवस्था
Gorakhpur में गैस सिलेंडर की कमी का असर सीधे आम परिवारों की रसोई पर पड़ रहा है। कई घरों में गैस खत्म हो चुकी है, जिससे खाना बनाने तक की समस्या खड़ी हो गई है। महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चों वाले परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
कई परिवारों को मजबूरी में लकड़ी और कोयले का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं कुछ लोग बाहर से खाना खरीदने को मजबूर हैं, जिससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। सुबह बच्चों के लिए नाश्ता बनाना हो या परिवार के लिए खाना तैयार करना, हर काम गैस की कमी के कारण मुश्किल हो गया है।
भीषण गर्मी और उमस ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें
एक तरफ भीषण गर्मी और उमस, दूसरी तरफ गैस सिलेंडर के लिए लंबी लाइनें इस दोहरी मार ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है। दिन के समय तेज धूप में लाइन में खड़ा रहना मुश्किल हो रहा है, जबकि रात में मच्छरों और उमस के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कई बुजुर्ग और महिलाएं लाइन में खड़े-खड़े बेहोश होने जैसी स्थिति तक पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस गंभीर समस्या का तत्काल समाधान निकालना चाहिए ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
गैस एजेंसी पर अव्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी
उपभोक्ताओं ने गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि सिलेंडर वितरण व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी है। लाइन में लगे लोगों को स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती और कई बार घंटों इंतजार करने के बाद भी सिलेंडर खत्म होने की घोषणा कर दी जाती है।
कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि पर्याप्त निगरानी नहीं होने के कारण अव्यवस्था बढ़ रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि टोकन व्यवस्था या ऑनलाइन वितरण प्रणाली को सही तरीके से लागू किया जाए तो लोगों को राहत मिल सकती है।
प्रशासन और गैस एजेंसी से नियमित सप्लाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और गैस एजेंसी से जल्द नियमित सप्लाई सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में संकट और गहरा सकता है।
उपभोक्ताओं ने मांग की है कि गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए। साथ ही रातभर लाइन लगाने की मजबूरी खत्म करने के लिए अतिरिक्त काउंटर और बेहतर प्रबंधन व्यवस्था लागू की जाए।
आम जनता के लिए बड़ी चुनौती बना एलपीजी संकट
Gorakhpur में बढ़ता एलपीजी संकट अब सिर्फ गैस की कमी का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह आम लोगों की दैनिक जिंदगी से जुड़ी बड़ी समस्या बन चुका है। घरेलू रसोई से लेकर परिवारों की दिनचर्या तक पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
लोगों का कहना है कि अगर समय रहते गैस सप्लाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। आम जनता को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द इस संकट का समाधान करेगा और लोगों को राहत मिलेगी।









