मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया

“गोल्डन ऑवर” में बचाई जान, प्रशासन ने बढ़ाया किशन गुप्ता का हौसला

On: July 30, 2025 9:46 PM
Follow Us:

जमशेदपुर | सड़क हादसे में घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले ‘गुड समारिटन’ किशन गुप्ता को मिला सम्मान।

---Advertisement---
Netaji Advertisement

पोटका के खरियासाई निवासी किशन गुप्ता को सड़क दुर्घटना में घायल एक व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के अंदर अस्पताल पहुंचाने पर जिला प्रशासन द्वारा 2,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया।

किशन गुप्ता ने बिना किसी डर और हिचक के एक घायल को समय पर इलाज के लिए पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच सकी। प्रशासन ने इसे “गुड समारिटन” का सराहनीय उदाहरण मानते हुए उन्हें सम्मानित किया।

गुड समारिटन को नहीं होगी कानूनी परेशानी

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि “गुड समारिटन” यानी मददगार नागरिकों को किसी भी प्रकार की कानूनी प्रक्रिया में नहीं फंसाया जाएगा। यह जानकारी जनसाधारण तक पहुंचाने के लिए प्रचार-प्रसार करने का भी निर्देश दिया गया।

अधिकारियों की सराहना

जिला के वरीय पदाधिकारियों ने किशन गुप्ता के कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि,

“ऐसे लोगों को आगे लाना समाज को सकारात्मक दिशा देने जैसा है। हम सभी को सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।”

किशन गुप्ता जैसे नागरिक समाज में साहस, मानवता और जिम्मेदारी का संदेश देते हैं। ऐसे नेक कार्यों को पहचान और सम्मान देकर प्रशासन ने एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

क्या है ‘गोल्डन ऑवर’? — जान बचाने का सबसे कीमती समय

गोल्डन ऑवर (Golden Hour) चिकित्सा विज्ञान में वह पहला एक घंटा (60 मिनट) होता है जब किसी गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को उचित इलाज मिल जाए तो उसकी जान बचाने की संभावना सबसे ज़्यादा होती है। यह विशेषकर सड़क दुर्घटना, सिर की चोट, भारी रक्तस्राव (bleeding), हार्ट अटैक, या आघात (trauma) के मामलों में अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

गोल्डन ऑवर का महत्व क्यों है?

जब किसी व्यक्ति को गंभीर चोट लगती है तो उसके शरीर में तेजी से रक्त बहाव, सांस की कमी, या अंगों के काम करना बंद करने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। अगर ऐसे में पीड़ित को पहले 1 घंटे में अस्पताल पहुंचाकर प्राथमिक उपचार दे दिया जाए, तो उसकी जान बचाई जा सकती है और आगे की जटिलताओं को भी रोका जा सकता है।

उदाहरण से समझें:
उदाहरण 1:

राहुल बाइक से जा रहा था, बिना हेलमेट के दुर्घटनाग्रस्त हुआ और सिर पर गंभीर चोट लगी। एक राहगीर ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाकर 30 मिनट में उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचा दिया। डॉक्टरों ने कहा कि यदि राहुल को 10 मिनट और देर होती, तो उसका ब्रेन डैमेज हो सकता था या उसकी जान जा सकती थी। यहां उस राहगीर ने राहुल को गोल्डन ऑवर के भीतर बचा लिया।

उदाहरण 2:

एक अन्य केस में रमेश को हार्ट अटैक आया। परिवार ने देर से एम्बुलेंस बुलाई और अस्पताल पहुंचने में 2 घंटे लग गए। डॉक्टरों ने बताया कि अगर उसे पहले 1 घंटे में CPR और सही दवा मिलती, तो उसकी हालत गंभीर न होती।

गोल्डन ऑवर में क्या करना चाहिए?

1. तुरंत एम्बुलेंस या 108 डायल करें।

2. भीड़ लगाने की बजाय घायल को सुरक्षित जगह पर ले जाएं।

3. यदि संभव हो तो प्राथमिक उपचार दें (जैसे खून रोकना, सांस चल रही है या नहीं देखना)।

4. घबराएं नहीं – हर सेकेंड महत्वपूर्ण होता है।

5. गुड समारिटन कानून का फायदा उठाएं – कानूनी झंझट नहीं होगा।

गुड समारिटन कानून से जुड़ाव

भारत सरकार ने “गुड समारिटन” (सड़क दुर्घटना में मदद करने वाले नागरिक) के लिए कानून बनाया है जिसके तहत:

  • अगर आप घायल की मदद करते हैं, तो आपको कानूनी कार्यवाही से छूट है।
  •  आपको पुलिस या कोर्ट में जाने की बाध्यता नहीं है।
  •  अस्पताल इलाज से मना नहीं कर सकते, चाहे पीड़ित के पास पैसे हों या नहीं।

 गोल्डन ऑवर का हर मिनट कीमती होता है। यह केवल डॉक्टरों या एम्बुलेंस की जिम्मेदारी नहीं, हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम संकट में घायलों को तुरंत सहायता पहुंचाएं। एक सही समय पर किया गया प्रयास, एक ज़िंदगी बचा सकता है।

---Advertisement---
Netaji Advertisement
---Advertisement---
Netaji Advertisement

Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

Leave a Comment