जमशेदपुर: Motilal नेहरू पब्लिक स्कूल, नॉर्दर्न टाउन, जमशेदपुर में शनिवार, 29 अगस्त 2026 को विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नए फायर सेफ्टी सिस्टम का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर स्कूल परिसर में फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों और कर्मचारियों को आग लगने जैसी आपात स्थिति में सुरक्षित तरीके से बचाव करने, फायर फाइटिंग उपकरणों का सही इस्तेमाल करने और छात्रों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की जानकारी देना था।
नए फायर सेफ्टी सिस्टम का हुआ उद्घाटन
कार्यक्रम की शुरुआत मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल के चेयरमैन अखिलेश दुबे द्वारा विद्यालय में नवनिर्मित फायर सेफ्टी सिस्टम के उद्घाटन के साथ हुई। स्कूल प्रबंधन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
स्कूल परिसर में फायर सेफ्टी की बेहतर व्यवस्था होने से किसी भी आकस्मिक आग की घटना के दौरान समय रहते बचाव कार्य शुरू करने में मदद मिलेगी। स्कूल प्रबंधन ने इस बात पर जोर दिया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा किसी भी शिक्षण संस्थान की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और इसके लिए समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा एवं प्रशिक्षण जरूरी है।
झारखंड फायर सर्विस की टीम ने किया मॉक ड्रिल
फायर सेफ्टी कार्यक्रम में झारखंड फायर सर्विस, जमशेदपुर के फायर ऑफिसर राम प्रवेश ओझा अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ मौजूद रहे। उन्होंने स्कूल के शिक्षकों, कर्मचारियों और प्रबंधन समिति के सदस्यों को आग से बचाव के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी।
फायर सर्विस की टीम ने मॉक ड्रिल के माध्यम से यह समझाया कि आग लगने की स्थिति में किस तरह शांत रहते हुए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। टीम ने आग बुझाने वाले उपकरणों का सही तरीके से इस्तेमाल करने की प्रक्रिया को भी व्यावहारिक रूप से समझाया।
आग लगने पर क्या सावधानी बरतें, दी गई जानकारी
मॉक ड्रिल के दौरान फायर सर्विस के विशेषज्ञों ने आग लगने की स्थिति में बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय सबसे पहले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना जरूरी है।
स्कूल के शिक्षकों और कर्मचारियों को बताया गया कि आग लगने की स्थिति में विद्यार्थियों को व्यवस्थित तरीके से बाहर निकालना चाहिए। साथ ही, आग के स्रोत और उसके प्रकार के अनुसार सही फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल करना भी जरूरी है।
टीम ने यह भी बताया कि आपातकालीन स्थिति में स्कूल परिसर से सुरक्षित निकासी के लिए निर्धारित रास्तों का उपयोग किया जाना चाहिए। इस तरह की मॉक ड्रिल से वास्तविक आपदा के समय लोगों को बेहतर तरीके से प्रतिक्रिया देने में मदद मिलती है।
शिक्षकों और कर्मचारियों को मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि उन्हें फायर फाइटिंग उपकरणों के इस्तेमाल का व्यावहारिक प्रदर्शन भी कराया गया।
फायर सर्विस की टीम ने बताया कि आग लगने की घटना के दौरान शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि सही जानकारी और उचित उपकरण उपलब्ध हों, तो आग को शुरुआती स्तर पर नियंत्रित करने में काफी मदद मिल सकती है।
मॉक ड्रिल में स्कूल के कर्मचारियों को आपात स्थिति में विद्यार्थियों की जिम्मेदारी संभालने और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया।
स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य रहे मौजूद
कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधन समिति के कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे। इनमें यूपी संघ के उपाध्यक्ष रवि दुबे, सचिव लल्लन प्रसाद राय और कोषाध्यक्ष गिरिश कुमार तिवारी सहित अन्य समिति सदस्य शामिल थे।
इसके अलावा विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। सभी ने फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल को गंभीरता से देखा और फायर सर्विस की टीम द्वारा दी गई महत्वपूर्ण जानकारियों को समझा।
विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती संगीता सिंह ने कहा कि स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा विद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए केवल सुरक्षा उपकरणों का होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका सही इस्तेमाल करने की जानकारी भी जरूरी है।
उन्होंने नियमित रूप से फायर सेफ्टी प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्राचार्या ने कहा कि नियमित मॉक ड्रिल के माध्यम से शिक्षकों और कर्मचारियों को आपात स्थिति में अपनी भूमिका और जिम्मेदारी समझने का अवसर मिलता है।
नियमित मॉक ड्रिल से बढ़ेगी जागरूकता
स्कूल प्रबंधन का मानना है कि इस तरह के सुरक्षा कार्यक्रम केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहने चाहिए। समय-समय पर फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल आयोजित करने से स्कूल के कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार रखा जा सकता है।
ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से स्कूल में सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ती है और आग जैसी अप्रत्याशित घटना के दौरान होने वाले नुकसान को कम करने में सहायता मिल सकती है।
फायर एक्सटिंग्विशर के इस्तेमाल की दी जानकारी
फायर सर्विस की टीम ने विभिन्न प्रकार के फायर एक्सटिंग्विशर के इस्तेमाल के बारे में भी जानकारी दी। टीम ने बताया कि आग की प्रकृति के अनुसार उचित अग्निशमन उपकरण का चुनाव करना जरूरी है।
प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को बताया गया कि फायर एक्सटिंग्विशर को किस तरह पकड़ना है, आग की दिशा में कैसे इस्तेमाल करना है और सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए आग पर नियंत्रण कैसे पाया जा सकता है।
इस व्यावहारिक प्रशिक्षण से शिक्षकों और कर्मचारियों को आपात स्थिति में बेहतर तरीके से काम करने का आत्मविश्वास मिला।
सुरक्षित निकासी प्रक्रिया पर दिया गया जोर
मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षित निकासी यानी इवैक्यूएशन प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया गया। फायर सर्विस टीम ने बताया कि आग लगने की स्थिति में विद्यार्थियों को जल्दबाजी या भगदड़ के बिना निर्धारित सुरक्षित रास्ते से बाहर निकालना चाहिए।
स्कूल जैसे बड़े परिसर में एक व्यवस्थित इवैक्यूएशन प्लान होना बहुत महत्वपूर्ण है। कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी विद्यार्थी सुरक्षित स्थान पर पहुंचें और कोई भी व्यक्ति परिसर के अंदर न रह जाए।
स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगा मजबूती
नए फायर सेफ्टी सिस्टम की स्थापना और मॉक ड्रिल के आयोजन से मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। स्कूल प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए भविष्य में भी आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे।
फायर सेफ्टी सिस्टम की नियमित जांच, कर्मचारियों का प्रशिक्षण और समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित करना स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।
प्राचार्या ने जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती संगीता सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने झारखंड फायर सर्विस के फायर ऑफिसर राम प्रवेश ओझा और उनकी पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि फायर सर्विस टीम द्वारा दिए गए मार्गदर्शन, व्यावहारिक प्रदर्शन और महत्वपूर्ण सुझाव स्कूल के लिए बेहद उपयोगी हैं। उन्होंने कार्यक्रम में सहयोग करने वाले स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों, शिक्षकों और कर्मचारियों का भी धन्यवाद किया।
सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश
मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल में आयोजित यह कार्यक्रम केवल नए फायर सेफ्टी सिस्टम के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने स्कूल समुदाय को आग से बचाव और आपातकालीन सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का भी काम किया।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि किसी भी आपदा से बचाव के लिए पहले से तैयारी, सही जानकारी और नियमित अभ्यास बेहद जरूरी है। स्कूल प्रबंधन द्वारा उठाया गया यह कदम विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है





















