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DALSA मासिक लोक अदालत में 106 मामलों का हुआ निष्पादन 20.02 लाख रुपये की राजस्व प्राप्ति

On: August 30, 2026 7:45 PM
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जमशेदपुर: जिला विधिक सेवा प्राधिकार DALSA जमशेदपुर के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में शनिवार को सिविल कोर्ट जमशेदपुर और घाटशिला में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) के निर्देशानुसार मासिक लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। लोक अदालत के दौरान विभिन्न प्रकार के मामलों का आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटारा किया गया।

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इस अवसर पर कुल 106 मामलों का निष्पादन किया गया। इन मामलों में बैंकिंग सहित विभिन्न प्रकार के विवाद शामिल रहे। सभी मामलों के निष्पादन के बाद कुल 20,02,685 रुपये की रिकवरी/समझौता राशि दर्ज की गई। लोक अदालत में मामलों के त्वरित एवं सुगम निपटारे के लिए जमशेदपुर और घाटशिला सिविल कोर्ट परिसरों में कुल 10 न्यायपीठों का गठन किया गया था।

यूनियन बैंक के मामलों के लिए विशेष पीठ का गठन

मासिक लोक अदालत के दौरान यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से संबंधित मामलों के निपटारे के लिए विशेष लोक अदालत पीठ का गठन किया गया था। इस विशेष पहल का उद्देश्य बैंक से जुड़े मामलों का आपसी सहमति के आधार पर शीघ्र समाधान करना था।

डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने लोक अदालत की उपलब्धियों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से जुड़े कुल 21 मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान किया गया।

इन 21 मामलों में कुल 16,90,000 रुपये की समझौता राशि तय की गई। बैंक से जुड़े मामलों के निपटारे से संबंधित पक्षों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिली और आपसी सहमति से विवादों का समाधान संभव हुआ।

कुल 106 मामलों का हुआ निपटारा

मासिक लोक अदालत के दौरान यूनियन बैंक के मामलों के अलावा विभिन्न श्रेणियों के अन्य मामलों का भी निष्पादन किया गया। बैंक सहित कुल 106 मामलों का निपटारा किया गया।

इन सभी मामलों में बैंकिंग सहित कुल 20,02,685 रुपये की रिकवरी/समझौता राशि दर्ज की गई। लोक अदालत में मामलों के त्वरित निष्पादन से संबंधित पक्षों को समय और खर्च दोनों की बचत हुई।

जमशेदपुर और घाटशिला में लगीं 10 न्यायपीठ

लोक अदालत को प्रभावी और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए जमशेदपुर और घाटशिला सिविल कोर्ट परिसरों में कुल 10 न्यायपीठों (Benches) का गठन किया गया था।

अलग-अलग न्यायपीठों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के मामलों की सुनवाई की गई। न्यायपीठों का गठन इस उद्देश्य से किया गया था कि अधिक से अधिक मामलों का निपटारा एक ही दिन में किया जा सके और पक्षकारों को सरल एवं त्वरित न्याय मिल सके।

आपसी सहमति से विवादों का समाधान

लोक अदालत की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें मामलों का समाधान आपसी सहमति और समझौते के आधार पर किया जाता है। इससे पक्षकारों को लंबी अदालती प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता कम होती है।

मासिक लोक अदालत में भी संबंधित पक्षों के बीच समझौते के माध्यम से कई मामलों का समाधान किया गया। इससे न केवल न्यायिक प्रक्रिया का बोझ कम हुआ, बल्कि दोनों पक्षों के बीच विवाद समाप्त करने का अवसर भी मिला।

बिजली और पानी से जुड़े मामलों का निपटारा

मासिक लोक अदालत में बिजली और पानी से जुड़े मामलों का भी निपटारा किया गया। ऐसे मामलों में अक्सर बिल, भुगतान और अन्य संबंधित विवाद सामने आते हैं।

लोक अदालत के माध्यम से इन विवादों का समाधान होने से संबंधित उपभोक्ताओं को राहत मिली। मौके पर मामलों के निपटारे से लोगों को बार-बार न्यायालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता भी कम हुई।

बैंकिंग विवादों में मिली राहत

लोक अदालत के दौरान बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े मामलों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के 21 मामलों के समाधान से बैंक और संबंधित पक्षों के बीच लंबित विवादों को समाप्त करने का अवसर मिला।

16.90 लाख रुपये की समझौता राशि तय होने से बैंकिंग मामलों के निपटारे में लोक अदालत की भूमिका सामने आई। इस तरह की विशेष लोक अदालतें बैंकिंग से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान के लिए उपयोगी साबित होती हैं।

एक्साइज एक्ट से जुड़े मामलों का भी निष्पादन

मासिक लोक अदालत में एक्साइज एक्ट से जुड़े कई मामलों का भी निपटारा किया गया। संबंधित मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत पक्षकारों के बीच समाधान कराया गया।

लोक अदालत में विभिन्न श्रेणी के मामलों को शामिल किए जाने से अलग-अलग प्रकार के विवादों का एक ही मंच पर समाधान करने में मदद मिली।

आम जनता को मिली बड़ी राहत

मासिक लोक अदालत का उद्देश्य लोगों को सुलभ, सरल और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। इस आयोजन के दौरान बिजली, पानी, बैंकिंग और एक्साइज एक्ट सहित विभिन्न मामलों के मौके पर निपटारे से आम जनता को राहत मिली।

लोक अदालत की प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल होने के कारण पक्षकारों के लिए विवादों का समाधान आसान हो जाता है। इससे समय और आर्थिक संसाधनों की भी बचत होती है।

DALSA सचिव ने दी लोक अदालत की जानकारी

डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने मासिक लोक अदालत की उपलब्धियों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के मामलों के लिए विशेष पीठ का गठन किया गया था।

उन्होंने बताया कि बैंक से जुड़े 21 मामलों का समाधान किया गया, जबकि बैंक सहित विभिन्न प्रकार के कुल 106 मामलों का निष्पादन हुआ। इन मामलों में कुल 20,02,685 रुपये की रिकवरी/समझौता राशि दर्ज की गई।

त्वरित न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

मासिक लोक अदालत न्यायिक प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसमें छोटे और समझौता योग्य विवादों का आपसी सहमति से निपटारा किया जाता है।

जमशेदपुर और घाटशिला में आयोजित लोक अदालत में 10 न्यायपीठों का गठन किए जाने से बड़ी संख्या में मामलों को सुनवाई और समाधान का अवसर मिला। इससे त्वरित न्याय के उद्देश्य को आगे बढ़ाने में मदद मिली।

न्यायालयों पर मुकदमों का बोझ कम करने में सहायक

लोक अदालत न केवल पक्षकारों को राहत देती है, बल्कि न्यायालयों पर लंबित मामलों के बोझ को कम करने में भी मदद करती है। जिन मामलों का समझौते के आधार पर समाधान संभव होता है, उन्हें लोक अदालत के माध्यम से निपटाया जा सकता है।

मासिक लोक अदालत में 106 मामलों का निष्पादन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। इससे संबंधित मामलों के पक्षकारों को शीघ्र समाधान मिला और लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिली।

नालसा के निर्देशानुसार हुआ आयोजन

यह मासिक लोक अदालत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) के निर्देशानुसार आयोजित की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकार जमशेदपुर की ओर से लोक अदालत के आयोजन के लिए आवश्यक तैयारियां की गई थीं।

जमशेदपुर और घाटशिला दोनों न्यायालय परिसरों में न्यायपीठों के गठन के साथ मामलों की सुनवाई एवं निष्पादन की व्यवस्था की गई।

लोक अदालत की सफलता से बढ़ा भरोसा

106 मामलों का निष्पादन और 20,02,685 रुपये की रिकवरी/समझौता राशि लोक अदालत की प्रभावी कार्यप्रणाली को दर्शाती है। विशेष रूप से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के 21 मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान बैंकिंग विवादों के निपटारे की दिशा में महत्वपूर्ण रहा।

लोक अदालत जैसे आयोजनों से आम लोगों में वैकल्पिक विवाद समाधान प्रक्रिया के प्रति जागरूकता बढ़ती है। साथ ही लोगों को यह भरोसा मिलता है कि आपसी सहमति और संवाद के माध्यम से भी कई विवादों का शीघ्र समाधान संभव है।

भविष्य में भी जारी रहेगा त्वरित न्याय का प्रयास

मासिक लोक अदालत के माध्यम से लोगों को सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। विभिन्न प्रकार के मामलों के निपटारे से संबंधित पक्षकारों को राहत मिली।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से आयोजित इस लोक अदालत ने यह संदेश दिया कि विवादों के शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए लोक अदालत एक प्रभावी मंच है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से न्याय को आम लोगों तक सरल तरीके से पहुंचाने और लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

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