
जमशेदपुर: JPSC परीक्षा हेतु ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट का सराहनीय सहायता शिविर इसी दर्द को महसूस कर एक मिसाल कायम किया। जमशेदपुर में आयोजित इस शिविर ने ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट के सेवा भाव को नई ऊंचाई दी। दूर-दराज से आए अभ्यर्थियों को ठंडा पानी, भोजन और वाहन सुविधा देकर ट्रस्ट ने साबित किया कि समाज सेवा का असली मतलब यही है। इस लेख में हम JPSC परीक्षा हेतु ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट का सराहनीय सहायता शिविर की पूरी कहानी जानेंगे – आयोजन से लेकर प्रभाव तक। अगर आप सामाजिक सेवा की ऐसी प्रेरक गाथाओं से जुड़ना चाहते हैं, तो अंत तक पढ़िए।

ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट जमशेदपुर का एक सक्रिय सामाजिक संगठन है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और आपदा राहत में लगा रहता है। ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों की मदद करना है। JPSC परीक्षा हेतु ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट का सराहनीय सहायता शिविर इसका ताजा उदाहरण है। सचिव मुख्तार आलम खान के नेतृत्व में ट्रस्ट ने कई बार ऐसे शिविर लगाए हैं। इस बार JPSC (झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन) परीक्षा के दौरान भीषण गर्मी को देखते हुए यह पहल की गई।
ट्रस्ट के सदस्य मानते हैं कि परीक्षा सिर्फ छात्र की मेहनत नहीं, बल्कि सहयोग से पूरी होती है। JPSC परीक्षा हेतु ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट का सराहनीय सहायता शिविर ने साबित किया कि छोटी मदद बड़ी सफलता दिला सकती है। जमशेदपुर जैसे शहर में ट्रैफिक और गर्मी छात्रों के लिए चुनौती होती है। ट्रस्ट ने इन्हीं समस्याओं का समाधान खोजा।
ट्रस्ट के प्रमुख सदस्य और उनका योगदान
ट्रस्ट में सक्रिय सदस्यों की टीम मजबूत है। मुख्तार आलम खान ने योजना बनाई, सोहैल अख्तर अंसारी और डॉ. ताहिर हुसैन ने वाहन सेवा दी। JPSC परीक्षा हेतु ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट का सराहनीय सहायता शिविर में सभी ने कंधे से कंधा मिलाया।

शिविर का आयोजन चुनौतियां और तैयारी
JPSC परीक्षा हेतु ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट का सराहनीय सहायता शिविर जमशेदपुर के प्रमुख परीक्षा केंद्रों के पास लगाया गया। तारीखें JPSC परीक्षा की थीं – अप्रैल 2026 में। भीषण गर्मी (45 डिग्री सेल्सियस) में छात्र पैदल चल रहे थे। ट्रस्ट ने सुबह से शाम तक शिविर चलाया। तैयारी में हफ्ते लगे – सामान जुटाना, वॉलंटियर्स बुलाना।
सहयोगी संस्थाओं ने हाथ बंटाया। करीम सिटी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मोहम्मद रियाज ने सराहना की और जगह दी। नागालैंड सैनिक स्कूल के प्रिंसिपल कानू बर्मन और करिमिया ट्रस्ट के डॉ. मोहम्मद ज़कारिया ने संसाधन दिए। JPSC परीक्षा हेतु ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट का सराहनीय सहायता शिविर इन्हीं प्रयासों से सफल हुआ।
शिविर में उपलब्ध सुविधाएं विस्तार से
शिविर में क्या-क्या था? आइए देखें:
- ठंडा पानी और शरबत: हर आने वाले को फ्री।
- चना-गुड़, बिस्किट: ऊर्जा के लिए।
- छाया और बैठने की जगह: टेंट लगाए।
- मेडिकल किट: हीट स्ट्रोक के लिए।
- वाहन सेवा: निजी गाड़ियों से केंद्र तक ड्रॉप।
हजारों छात्रों ने फायदा उठाया। एक छात्रा ने कहा, “गर्मी में चलना मुश्किल था, ट्रस्ट ने जान बचा ली।”

प्रमुख योगदानकर्ताओं की भूमिका
JPSC परीक्षा हेतु ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट का सराहनीय सहायता शिविर में कई हीरोज उभरे। सोहैल अख्तर अंसारी और डॉ. ताहिर हुसैन ने अपनी गाड़ियां चलाईं। छात्रों को घर से केंद्र, केंद्र से वापस। खासकर लड़कियों और बुजुर्ग अभिभावकों के लिए यह वरदान था।
भारत बेकरी के मोहम्मद ताहिर ने भोजन सप्लाई किया। समाजसेवी अन्नू, हाजी अज़ीज़ हसनैन ने प्रबंधन संभाला। मीडिया इचार्ज शाजिद परवेज ने सोशल मीडिया पर लाइव अपडेट दिए। मोहम्मद मोइनुद्दीन अंसारी, शाहिद परवेज, मास्टर खुर्शीद अहमद खान, सिडीक अली, मोहम्मद अली और दुर्गा शर्मा ने ग्राउंड पर पसीना बहाया। JPSC परीक्षा हेतु ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट का सराहनीय सहायता शिविर इनके बिना अधूरा था।
विशेष प्रेरणा एसआईएस गार्ड सुनीता कुमारी
सोशल मीडिया पर सुनीता कुमारी ने ट्रस्ट के पोस्ट देखे। JPSC परीक्षा हेतु ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट का सराहनीय सहायता शिविर की तस्वीरें शेयर कर बोलीं, “मैं भी जुड़ना चाहती हूं।” यह दिखाता है कि सेवा छुआछूत फैला रही। फेसबुक पर वीडियो वायरल हुए, हजारों लाइक्स मिले।
JPSC शिविर का प्रभाव और समाज पर असर
JPSC परीक्षा हेतु ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट का सराहनीय सहायता शिविर ने छात्रों को मानसिक शांति दी। कई ने बेहतर प्रदर्शन किया। शहरभर में सराहना हुई – डॉ. रियाज ने पत्र लिखा, स्थानीय अखबारों ने कवरेज किया। यह शिविर सामाजिक एकता का प्रतीक बना।
ट्रस्ट को नए सदस्य मिले। भविष्य में जेपीएससी या अन्य परीक्षाओं के लिए ऐसे शिविर प्लान हैं। JPSC परीक्षा हेतु ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट का सराहनीय सहायता शिविर ने साबित किया – सेवा से समाज बदलता है।

चुनौतियां और सबक
गर्मी, भीड़, संसाधन की कमी – चुनौतियां थीं। लेकिन टीमवर्क ने जीत दिलाई। सबक: सामूहिक प्रयास से बड़ा बदलाव।
भविष्य की योजनाएं और अपील
ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट अब स्वास्थ्य शिविर, शिक्षा सहायता पर फोकस करेगा। JPSC परीक्षा हेतु ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट का सराहनीय सहायता शिविर जैसी पहलें जारी रहेंगी। अपील: आप भी जुड़ें, दान दें। समाज सेवा में योगदान दें।
JPSC परीक्षा हेतु ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट का सराहनीय सहायता शिविर मानवीय संवेदना का जीता-जागता उदाहरण है। ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट जैसे संगठन समाज को मजबूत बनाते हैं। आइए हम सब मिलकर सेवा का दायरा बढ़ाएं।











