
चक्रधरपुर: सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र के विभिन्न Rail समपार फाटकों पर प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा को लेकर शनिवार को चक्रधरपुर मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) कार्यालय के सभागार में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक सांसद जोबा माझी की पहल पर आयोजित हुई, जिसमें जिले के कई महत्वपूर्ण रेल ओवर ब्रिज परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, निर्माण कार्य की गति तथा विभिन्न प्रशासनिक बाधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में सांसद जोबा माझी के अलावा उपायुक्त मनीष कुमार, चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया, झारखंड एनएचएआई के मुख्य अभियंता, चक्रधरपुर की अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राज लक्ष्मी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी तथा चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुझाव और दिशा-निर्देश दिए।
कई महत्वपूर्ण रेल समपार फाटकों पर प्रस्तावित आरओबी की हुई समीक्षा
बैठक में मनोहरपुर रेलवे स्टेशन यार्ड, सिंहपोखरिया-झींकपानी खंड, झींकपानी-तालाबुरू खंड, तालाबुरू-केंदपोसी खंड सहित जिले के अन्य प्रमुख रेलवे समपार फाटकों पर प्रस्तावित रेल ओवर ब्रिज परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, निर्माण कार्य की गति तथा लंबित प्रक्रियाओं पर अधिकारियों ने विस्तार से चर्चा की।
आरओबी निर्माण में देरी से जनता को हो रही भारी परेशानी
बैठक के दौरान सांसद जोबा माझी ने कहा कि सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र के विभिन्न रेलवे फाटकों पर प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन रेल ओवर ब्रिजों को लेकर आम जनता, जनप्रतिनिधियों, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं की ओर से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। कई परियोजनाओं में अत्यधिक विलंब और कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य की बेहद धीमी गति के कारण लोगों को प्रतिदिन गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक रेलवे फाटक बंद रहने, ट्रेनों के आवागमन के दौरान जाम की स्थिति तथा वैकल्पिक मार्गों की कमी से लोगों का समय और धन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों विद्यार्थियों और मरीजों को सबसे अधिक कठिनाई
सांसद ने विशेष रूप से आदिवासी बहुल क्षेत्रों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन इलाकों के ग्रामीणों, विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और दैनिक यात्रियों को रेलवे फाटक बंद रहने के कारण काफी परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार मरीजों को अस्पताल पहुंचने में देरी होती है, विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है और किसानों को कृषि उत्पादों के परिवहन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और आम नागरिकों की सुविधा के लिए इन परियोजनाओं का समय पर पूरा होना अत्यंत आवश्यक है।
व्यापार और औद्योगिक गतिविधियां भी हो रही प्रभावित
बैठक में यह भी बताया गया कि Rail फाटकों पर लंबे समय तक जाम लगने के कारण औद्योगिक गतिविधियों और स्थानीय व्यापार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। व्यापारियों एवं उद्योगों से जुड़े वाहनों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है। परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने के कारण स्थानीय व्यवसायियों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
भूमि अधिग्रहण और प्रशासनिक बाधाओं की हुई समीक्षा
उच्चस्तरीय बैठक में सभी स्वीकृत, निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित Rail ओवर ब्रिज परियोजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति, उपयोगिता स्थानांतरण तथा अन्य प्रशासनिक अड़चनों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने इन बाधाओं को जल्द दूर कर निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर सहमति व्यक्त की।
Rail एनएचएआई और जिला प्रशासन के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर
बैठक में Rail विभाग, एनएचएआई और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। लंबित मामलों का शीघ्र समाधान कर परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करेंगे ताकि आम जनता को जल्द राहत मिल सके।
जनहित में जल्द पूरी हों परियोजनाएं
बैठक के अंत में सांसद जोबा माझी ने कहा कि Rail ओवर ब्रिज परियोजनाएं केवल आधारभूत संरचना का विकास नहीं हैं, बल्कि ये क्षेत्र के लाखों लोगों की दैनिक समस्याओं का समाधान भी हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य में तेजी लाने और लंबित प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया, ताकि लोगों को जाम, दुर्घटनाओं और आवागमन की समस्याओं से राहत मिल सके।
उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन, रेलवे और संबंधित एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से जिले की सभी महत्वपूर्ण रेल ओवर ब्रिज परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।














