
झारखंड: HFO प्रमोद कुमार दास का सुंदर नगर में आकस्मिक निधन जैसी घटना हमें याद दिलाती है कि जीवन कितना अनिश्चित है। 40 साल तक सेना में चुनौतीपूर्ण सेवा देने वाले इस बहादुर सैनिक का हृदय गति रुकने से निधन हो गया, वो भी सेवानिवृत्ति के महज एक साल बाद। उनके पार्थिव शरीर को आज सुबह 10 बजे सैनिक सम्मान के साथ पार्वती घाट, बिस्टुपुर ले जाया जाएगा, जहां 11 बजे सेना द्वारा अंतिम विदाई दी जाएगी। इस लेख में हम HFO प्रमोद कुमार दास का सुंदर नगर में आकस्मिक निधन की पूरी जानकारी साझा करेंगे, उनकी जिंदगी की प्रेरणादायक कहानी बताएंगे और उनके परिवार को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। आइए, इस वीर सपूत को याद करें।

HFO प्रमोद कुमार दास एक सैनिक की शानदार यात्रा
HFO प्रमोद कुमार दास का सुंदर नगर में आकस्मिक निधन हमें उनके गौरवशाली अतीत की याद दिलाता है। प्रमोद जी का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था, लेकिन उनका दिल हमेशा देश सेवा के लिए धड़कता था। युवावस्था में ही उन्होंने सेना जॉइन की और लगभग 40 साल तक विभिन्न चुनौतीपूर्ण मिशनों में हिस्सा लिया। चाहे सीमाओं पर दुश्मनों से मुकाबला हो या आपदा प्रभावित इलाकों में राहत कार्य, प्रमोद जी हर मोर्चे पर डटे रहे।
उनकी सेवा का एक यादगार किस्सा तब का है जब 1990 के दशक में वे कश्मीर घाटी में तैनात थे। बर्फीली चोटियों पर, भारी गोलीबारी के बीच उन्होंने अपने साथियों को बचाया। कई बार वे घायल हुए, लेकिन कभी हार नहीं मानी। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे सुंदर नगर में रहकर युवाओं को देशभक्ति की प्रेरणा देते रहे। HFO प्रमोद कुमार दास का सुंदर नगर में आकस्मिक निधन जैसी घटना से पूरा समुदाय स्तब्ध है, क्योंकि वे एक जीवंत प्रेरणा स्रोत थे।

सेना में उनके योगदान की झलक
प्रमोद जी HFO (Head Fireman Operator) के पद पर तैनात थे, जो सेना के फायर सर्विस डिपार्टमेंट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आग की लपटों से जूझना, युद्धकाल में विस्फोटों का मुकाबला करना – ये सब उनके दैनिक जीवन का हिस्सा था। उन्होंने कई ट्रेनिंग प्रोग्राम्स में हिस्सा लिया और जूनियर्स को प्रशिक्षित किया। सेवानिवृत्ति के बाद वे स्थानीय स्तर पर फायर सेफ्टी अवेयरनेस कैंप लगाते थे। HFO प्रमोद कुमार दास का सुंदर नगर में आकस्मिक निधन से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा सुंदर नगर क्षेत्र शोकाकुल है।
निधन की दुखद परिस्थितियां हृदय गति रुकने से आकस्मिक अंत
HFO प्रमोद कुमार दास का सुंदर नगर में आकस्मिक निधन आज सुबह हुआ, जब वे अपने घर पर थे। सेवानिवृत्ति के ठीक एक साल बाद, अचानक हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया। डॉक्टरों के अनुसार, यह हार्ट अटैक था, जो बिना किसी पूर्व चेतावनी के आया। सुंदर नगर के निवासी बताते हैं कि प्रमोद जी हमेशा स्वस्थ और सक्रिय रहते थे। वे रोज सुबह व्यायाम करते, पड़ोसियों से मिलते-जुलते। लेकिन जीवन की विडंबना देखिए, इतने समर्पित सैनिक का अंत इतना आकस्मिक।
आज सुबह 10 बजे उनका पार्थिव शरीर सैनिक सम्मान के साथ पार्वती घाट, बिस्टुपुर के लिए प्रस्थान करेगा। 11 बजे सेना के जवान रीथ चढ़ाएंगे और पूर्ण सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा। पूरा समुदाय वहां पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि देगा। HFO प्रमोद कुमार दास का सुंदर नगर में आकस्मिक निधन की यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, और लोग उनकी स्मृति में संदेश भेज रहे हैं।
स्वास्थ्य संबंधी सबक सैनिकों के बाद की जिंदगी
इस घटना से हमें सीख मिलती है कि सेवानिवृत्त सैनिकों को स्वास्थ्य जांच की कितनी जरूरत है। 40 साल की कठिन सेवा के बाद तनाव, अनियमित जीवनशैली हृदय रोग का कारण बन सकती है। प्रमोद जी जैसे वीरों के लिए सरकार को विशेष स्वास्थ्य योजनाएं चलानी चाहिए। HFO प्रमोद कुमार दास का सुंदर नगर में आकस्मिक निधन हमें जागरूक करता है – नियमित चेकअप, संतुलित आहार और मानसिक शांति जरूरी है।
परिवार का गौरव बेटा CRPF में, बेटी पीएचडी धारक
HFO प्रमोद कुमार दास का सुंदर नगर में आकस्मिक निधन से सबसे ज्यादा प्रभावित उनका परिवार है। उनके एक बेटे CRPF में असिस्टेंट इंस्पेक्टर के पद पर तैनात है। पिता की तरह ही वह भी देश सेवा में लगा है। दूसरी ओर, उनकी बेटी पीएचडी पूरी कर चुकी है और शायद किसी यूनिवर्सिटी में रिसर्च कर रही होगी। प्रमोद जी हमेशा कहते थे, “मेरे बच्चे मेरी असली ताकत हैं।”
परिवार के सदस्य बताते हैं कि प्रमोद जी घर पर भी अनुशासित जीवन जीते थे। वे बच्चों को देशभक्ति की कहानियां सुनाते, किताबें पढ़ने को प्रोत्साहित करते। बेटे की CRPF पोस्टिंग पर वे गर्व महसूस करते। HFO प्रमोद कुमार दास का सुंदर नगर में आकस्मिक निधन के बाद परिवार को समुदाय का पूरा साथ मिल रहा है। पड़ोसी, सेना के साथी और स्थानीय नेता मदद के लिए आगे आ रहे हैं।
सैनिक परिवारों की चुनौतियां
सेवानिवृत्त सैनिकों के परिवार अक्सर अकेले पड़ जाते हैं। प्रमोद जी का परिवार इसका उदाहरण है। बेटा दूर ड्यूटी पर, बेटी पढ़ाई में व्यस्त – पिता ही उनका सहारा थे। HFO प्रमोद कुमार दास का सुंदर नगर में आकस्मिक निधन हमें सोचने पर मजबूर करता है कि समाज को इन परिवारों को कैसे सपोर्ट करना चाहिए। वेलफेयर सोसाइटियां, काउंसलिंग और आर्थिक सहायता जरूरी है।
सुंदर नगर में शोक की लहर समुदाय की प्रतिक्रिया
सुंदर नगर में HFO प्रमोद कुमार दास का सुंदर नगर में आकस्मिक निधन की खबर फैलते ही शोक सभा बुलाई गई। स्थानीय विधायक, नगर निगम अधिकारी और सेना के रिटायर्ड जवान पहुंचे। सोशल मीडिया पर #RIPPromodDas ट्रेंड कर रहा है। लोग उनकी फोटो शेयर कर रहे, पुरानी यादें ताजा कर रहे।
प्रमोद जी स्थानीय फायर स्टेशन से जुड़े रहते थे। वे स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाते। उनका निधन क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति है। HFO प्रमोद कुमार दास का सुंदर नगर में आकस्मिक निधन से युवा पीढ़ी ने सीखा कि देश सेवा कभी समाप्त नहीं होती।
सैनिक सम्मान का महत्व
आज का अंतिम संस्कार सैनिक सम्मान के साथ होगा। यह परंपरा उन वीरों को सम्मान देती है जिन्होंने जीवनभर देश को समर्पित किया। 10 बजे प्रस्थान, 11 बजे रीथ चढ़ाना – ये पल अविस्मरणीय होंगे।














