
Ghaziabad Crime: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर सामने आई है। बेंगलुरु में आयोजित 8वीं इंडियन ओपन इंटरनेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 400 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल जीतकर लौटे देश के होनहार इंटरनेशनल पैरा एथलीट चिराग त्यागी (25 वर्ष) की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। उनका शव गाजियाबाद के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ‘साई उपवन’ के जंगलों में मिला।

दिल्ली हॉस्टल से गांव के लिए निकले थे चिराग
मृतक चिराग त्यागी मुरादनगर के बसंतपुर साथली (सैंथली) गांव के रहने वाले थे और दिल्ली के एक स्पोर्ट्स हॉस्टल में रहकर ट्रेनिंग कर रहे थे। शनिवार सुबह वह बाइक टैक्सी से अपने गांव के लिए निकले थे। सुबह करीब 8 बजे उन्होंने अपने भाई को फोन कर खुद के गाजियाबाद पहुंचने और जल्द घर आने की बात भी कही थी, लेकिन इसके बाद वह लापता हो गए और शाम को उनका शव बरामद हुआ।
शरीर पर गहरे निशान, करंट और गोली मारने की आशंका
कोतवाली थाना प्रभारी (SHO) सचिन कुमार और एसीपी उपासना पांडेय ने बताया कि पुलिस को शनिवार को साई उपवन में एक युवक का शव पड़े होने की सूचना मिली थी, जिसकी शिनाख्त चिराग त्यागी के रूप में हुई।
- पीठ पर मिला गहरा घाव: शुरुआती जांच में चिराग की पीठ पर एक गहरा छेद/घाव मिला है।
- टॉर्चर की आशंका: शुरुआती फॉरेंसिक जांच और रिपोर्ट्स के मुताबिक, आशंका जताई जा रही है कि हत्या से पहले एथलीट को बिजली के झटके (करंट) दिए गए और पीठ पर किसी नुकीली चीज या गोली से हमला किया गया। हालांकि, मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह साफ हो पाएगी।
गर्लफ्रेंड कर रही थी इंतजार, पुलिस ने संदिग्ध को लिया हिरासत में
जांच में यह भी सामने आया है कि चिराग को गाजियाबाद में अपनी एक महिला मित्र से मिलना था, जो उनसे मिलने खास तौर पर इंदौर से आई थी और रेलवे स्टेशन पर उनका इंतजार कर रही थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नरेट ने मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच और कई स्पेशल टीमें गठित की हैं। डीसीपी (सिटी) धवल जायसवाल ने बताया:
“घटनास्थल से साक्ष्य जुटा लिए गए हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही चिराग के कोच और अन्य करीबियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।”
खेल जगत में शोक की लहर
चिराग के पिता मनोज त्यागी पेशे से किसान हैं और चिराग उनके इकलौते बेटे थे। आंखों में कमजोरी (विजुअल इंपेयरमेंट) के बावजूद चिराग ने देश-विदेश में कई पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया था। हाल ही में बेंगलुरु में गोल्ड मेडल जीतकर इंटरनेशनल लेवल के लिए क्वालिफाई करने वाले इस होनहार खिलाड़ी की मौत से खेल जगत और उनके गांव में मातम पसरा हुआ है।















