जालंधर: पंजाब के करतारपुर में एक महिला की इलाज के दौरान Death के मामले ने सनसनी फैला दी है। मृतका के पति और सास पर उसे कथित तौर पर जबरन टॉयलेट क्लीनर पिलाने का गंभीर आरोप लगा है। महिला ने मौत से पहले ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराया था, जिसमें उसने पति और सास पर गंभीर आरोप लगाए थे।
महिला की हालत बिगड़ने के बाद उसे इलाज के लिए फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद महिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने महिला के बयान के आधार पर पति और सास के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मृतका की पहचान नेहा के रूप में
मृतका की पहचान संगरूर जिले के धूरी निवासी नेहा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, करीब सात साल पहले नेहा की शादी करतारपुर निवासी उमंग बस्सी से हुई थी। दंपती की छह साल की एक बेटी भी है।
शादी के बाद नेहा अपने ससुराल में रह रही थी। परिवार के अनुसार, घटना से पहले भी पति-पत्नी के बीच विवाद होते रहते थे। पुलिस जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, विवाद का एक कारण पति के किसी अन्य युवती से कथित संबंधों को लेकर नेहा का विरोध करना था।
पति के कथित संबंधों को लेकर विवाद का आरोप
पुलिस के अनुसार, अस्पताल में इलाज के दौरान नेहा ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराया था। महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति के किसी अन्य युवती के साथ कथित संबंध थे और वह इसका विरोध करती थी।
महिला के मुताबिक, इसी मुद्दे को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। 19 अगस्त को भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था।

नेहा ने अपने बयान में आरोप लगाया कि विवाद के बाद उसके पति उमंग बस्सी और सास कुसुम बस्सी ने मिलकर उसे कथित तौर पर जबरन टॉयलेट साफ करने वाला केमिकल पिला दिया।
हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती
टॉयलेट क्लीनर पिलाए जाने के कथित बाद नेहा की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए परिवार की ओर से उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
बाद में उसे फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज शुरू हुआ। महिला की हालत बेहद गंभीर बताई गई और उपचार के दौरान उसे वेंटिलेटर पर भी रखा गया।
डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और आखिरकार इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बोल नहीं पा रही थी महिला, लिखकर दिया बयान
परिजनों के अनुसार, अस्पताल में भर्ती होने के दौरान नेहा की हालत इतनी गंभीर थी कि वह ठीक से बोल भी नहीं पा रही थी। ऐसी स्थिति में उसने लिखकर अपनी बात सामने रखी।
महिला के बयान को पुलिस ने मामले की जांच में महत्वपूर्ण आधार बनाया है। इसके अलावा ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज बयान को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।

मौत से पहले महिला की गंभीर हालत से जुड़ा एक वीडियो सामने आने की बात भी कही जा रही है। पुलिस इस वीडियो और महिला द्वारा दिए गए बयान समेत उपलब्ध सभी साक्ष्यों की जांच कर रही है।
मौत से पहले दर्ज हुआ मजिस्ट्रेट के सामने बयान
इस मामले में महिला का ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने दिया गया बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गंभीर हालत में महिला ने अपने साथ हुई कथित घटना के बारे में जानकारी दी थी।
कानूनी प्रक्रिया के तहत दर्ज इस बयान में उसने अपने पति और सास पर गंभीर आरोप लगाए। पुलिस ने इसी बयान के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई शुरू की।

हालांकि, लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
भाई ने 24 घंटे बाद जानकारी मिलने का लगाया आरोप
मृतका के भाई अमरीश कुमार ने आरोप लगाया कि मायके वालों को घटना की जानकारी करीब 24 घंटे बाद दी गई। उनका दावा है कि घटना के बाद परिवार को तुरंत सूचना नहीं दी गई।
भाई के अनुसार, आरोपी पति अस्पताल में मौजूद था। बाद में वह अपनी मां और छह साल की बच्ची को लेकर वहां से चला गया।

परिजनों ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों ने गिरफ्तारी की मांग की
नेहा के मायके पक्ष के लोगों ने पुलिस प्रशासन से उसके पति और सास को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। परिवार का कहना है कि महिला ने मौत से पहले जो आरोप लगाए हैं, उनकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
परिजनों ने मांग की कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय तभी मिलेगा जब मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी।
पति और सास के खिलाफ केस दर्ज
पुलिस के अनुसार, नेहा के मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज बयान के आधार पर करतारपुर पुलिस ने 21 अगस्त को उसके पति उमंग बस्सी और सास कुसुम बस्सी के खिलाफ मामला दर्ज किया।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ BNS की धारा 123, 109 और 85 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें कार्रवाई कर रही हैं।
आरोपियों की तलाश में छापेमारी
पुलिस के अनुसार, मामले के दोनों आरोपी फिलहाल जांच के दायरे में हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
जांच अधिकारियों का कहना है कि मामले में उपलब्ध दस्तावेजों, महिला के बयान, वीडियो और अन्य साक्ष्यों को भी देखा जा रहा है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय वास्तव में क्या हुआ था और महिला को अस्पताल पहुंचाने में कितना समय लगा।
छह साल की बेटी को लेकर भी सवाल
नेहा और उमंग बस्सी की छह साल की बेटी भी है। घटना के बाद बच्ची को लेकर भी परिवार और पुलिस के सामने कई सवाल खड़े हुए हैं।
मृतका के भाई ने दावा किया है कि आरोपी पति अपनी मां और बच्ची को लेकर अस्पताल से चला गया। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की भी जांच कर रही है।
बच्ची की स्थिति और उसकी सुरक्षा को लेकर भी परिवार की चिंता सामने आई है। इस संबंध में पुलिस जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
घटना की पूरी सच्चाई जांच के बाद आएगी सामने
मामला बेहद गंभीर है और इसमें महिला की मौत हो चुकी है। ऐसे में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाना है।
क्या महिला को वास्तव में जबरन केमिकल पिलाया गया था, विवाद के पीछे क्या वजह थी और घटना के बाद परिजनों को सूचना देने में कथित देरी क्यों हुई—इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद सामने आ सकते हैं।
पुलिस को महिला के बयान के साथ-साथ मेडिकल रिकॉर्ड, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य और अन्य उपलब्ध जानकारी की भी जांच करनी होगी।
मेडिकल और फोरेंसिक साक्ष्य होंगे महत्वपूर्ण
इस तरह के मामले में मेडिकल रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। महिला को जिस हालत में अस्पताल लाया गया था, उसकी मेडिकल हिस्ट्री और उपचार से संबंधित दस्तावेज भी जांच का हिस्सा हो सकते हैं।
महिला की मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि चिकित्सकीय जांच और पोस्टमार्टम प्रक्रिया से हो सकती है। इसके साथ ही पुलिस अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की परिस्थितियों को जोड़ने का प्रयास करेगी।
परिवार को न्याय की उम्मीद
नेहा की मौत के बाद उसके मायके पक्ष के लोगों ने न्याय की मांग की है। परिवार का कहना है कि महिला ने मौत से पहले जो आरोप लगाए, उन्हें गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
परिजनों की मांग है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
परिवार का कहना है कि यदि आरोप जांच में सही साबित होते हैं तो दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
पुलिस ने जांच जारी रखने की बात कही
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों की तलाश में कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, उपलब्ध साक्ष्यों और महिला के बयान के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के लिए कौन जिम्मेदार है और महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
करतारपुर में नेहा की इलाज के दौरान हुई मौत ने एक गंभीर मामला सामने ला दिया है। महिला ने मौत से पहले ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराते हुए अपने पति और सास पर विवाद के बाद जबरन टॉयलेट क्लीनर पिलाने का आरोप लगाया था।
गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती नेहा बोलने की स्थिति में नहीं थी और परिजनों के अनुसार उसने लिखकर भी अपनी बात बताई। इलाज के दौरान उसकी हालत बिगड़ती गई और बाद में उसकी मौत हो गई।
मृतका के भाई अमरीश कुमार ने मायके वालों को घटना की जानकारी देर से देने का आरोप लगाया है। परिवार ने पति और सास की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
पुलिस ने नेहा के बयान के आधार पर पति उमंग बस्सी और सास कुसुम बस्सी के खिलाफ BNS की धारा 123, 109 और 85 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने तक नहीं हुई है। पुलिस जांच, मेडिकल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही घटना की पूरी सच्चाई सामने आएगी। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और पुलिस इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करती है।
























