जमशेदपुर। स्वतंत्रता के 80वें वर्षगांठ के अवसर पर सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन/तुलसी भवन परिसर में गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के अध्यक्ष सुभाष चन्द्र मुनका एवं उपाध्यक्ष रामनन्दन प्रसाद ने संयुक्त रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के बाद उपस्थित लोगों ने राष्ट्र के प्रति समर्पण और देशभक्ति की भावना के साथ राष्ट्रीय पर्व मनाया।
साहित्यकारों ने स्वतंत्रता के महत्व पर रखे विचार
समारोह को संस्थान के अध्यक्ष सुभाष चन्द्र मुनका के अलावा उपाध्यक्ष रामनन्दन प्रसाद, कार्यकारिणी सदस्य ओम प्रकाश अग्रवाल, विद्यासागर लाभ, प्रसन्न वदन मेहता एवं वंदे शंकर सिंह ने संबोधित किया।
साहित्य समिति की ओर से डॉ. रागिनी भूषण एवं डॉ. यमुना तिवारी ‘व्यथित’ ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों को याद करते हुए राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की भूमिका और साहित्य की जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला।
देशभक्ति गीतों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियों ने समारोह में विशेष रंग भर दिया। डॉ. रागिनी भूषण, नीलिमा पाण्डेय, डॉ. वीणा पाण्डेय ‘भारती’, माधवी उपाध्याय, उपासना सिन्हा, शकुन्तला शर्मा एवं रीना सिन्हा ‘सलोनी’ ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। गीतों के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और राष्ट्रप्रेम की भावना को अभिव्यक्त किया गया।
साहित्यकारों और सदस्यों की रही मौजूदगी
समारोह में संस्थान की कार्यकारिणी एवं साहित्य समिति के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में साहित्यकार उपस्थित रहे। इनमें अशोक पाठक स्नेही, वसंत जमशेदपुरी, मनीष सिंह वंदन, डॉ. अरुण सज्जन, क्षमाश्री दूबे, बलबिन्दर सिंह, सुजय कुमार, विन्ध्यवासिनी तिवारी, हरभजन सिंह रहबर, सुनीता बेदी, आलोक मंजरी, ममता कर्ण, वीणा कुमारी नंदिनी, आरती श्रीवास्तव, शकुन्तला शर्मा एवं वंदना केशव भारती सहित अन्य लोग शामिल थे।
कार्यक्रम का संचालन संस्थान के मानद महासचिव डॉ. प्रसेनजित तिवारी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन साहित्य समिति के सचिव डॉ. अजय कुमार ओझा ने किया। समारोह में संस्थान के सभी कर्मचारियों की भी उपस्थिति रही।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में साहित्य और राष्ट्रभावना का सुंदर संगम देखने को मिला। पूरे समारोह में देशभक्ति, एकता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश प्रमुख रूप से उभरकर सामने आया।















