
जमशेदपुर: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले 24 अप्रैल 2026 को समाहरणालय स्थित DM कार्यालय कक्ष में आयोजित जनशिकायत निवारण दिवस में DM श्री राजीव रंजन ने विभिन्न प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं। बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, जिन्होंने पेंशन, आवास, जमीन विवाद जैसी शिकायतें रखीं। उपायुक्त ने हर आवेदन को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए। पूर्वी सिंहभूम जनशिकायत निवारण दिवस ने एक बार फिर दिखाया कि प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद कैसे समस्याओं का समाधान बनता है। आइए, इस महत्वपूर्ण दिवस की पूरी जानकारी लेते हैं।

जनशिकायत निवारण दिवस का महत्व और आयोजन
जनशिकायत निवारण दिवस साप्ताहिक कार्यक्रम है, जो आम नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का मौका देता है। समाहरणालय के उपायुक्त कक्ष में आयोजित इस सेशन में जिले भर से लोग आए। उपायुक्त राजीव रंजन ने व्यक्तिगत रूप से हर आवेदन सुना, नोट्स लिए और तुरंत संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश जारी किए।
उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलेगी। पारदर्शी और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित हो। ये दिवस प्रशासन की जवाबदेही बढ़ाता है, खासकर जमशेदपुर जैसे व्यस्त जिले में जहां शिकायतें जमा हो जाती हैं। कमजोर वर्गों के मामलों में संवेदनशीलता बरतने पर जोर दिया। ये प्रयास सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में मददगार साबित हो रहे हैं।
प्राप्त शिकायतें विविध मुद्दों पर जनता की आवाज
पूर्वी सिंहभूम जनशिकायत निवारण दिवस में दर्जनों आवेदन आए। मुख्य समस्याएं ऐसी रहीं:
- पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ: वृद्धावस्था पेंशन में देरी, बकाया भुगतान।
- आवास योजना: निर्माण में बाधा, लाभ न मिलना।
- ऋण और फीस माफी: बैंक लोन, स्कूल फीस छूट।
- बिजली-पानी: मानगो क्षेत्र में बिजली कटौती।
- जमीन विवाद और म्यूटेशन: राजस्व संबंधी झगड़े।
- शिक्षा: बीपीएल कोटा में प्राइवेट स्कूल नामांकन, जाति प्रमाण पत्र।
- अन्य: घरेलू विवाद, राशन कार्ड, अप्रोच रोड।
उपायुक्त ने सभी को आश्वासन दिया कि लंबित मामलों की मॉनिटरिंग होगी। संबंधित विभाग – सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण विकास, राजस्व, बिजली विभाग को तत्काल एक्शन लेने को कहा। ये शिकायतें दर्शाती हैं कि ग्रामीण-शहरी दोनों क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की जरूरत है।
DM के निर्देश त्वरित और पारदर्शी निष्पादन
उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने स्पष्ट निर्देश दिए:
- हर आवेदन का स्टेटस ट्रैक हो, समय सीमा में सॉल्व हो।
- जनहित मुद्दों को प्राथमिकता, कमजोर वर्ग पहले।
- विभागीय अधिकारी नियमित फॉलो-अप करें।
- JHMIS पोर्टल पर अपडेट रखें।
उन्होंने कहा, “जनशिकायत निवारण दिवस का मकसद प्रशासन-जनता के बीच ब्रिज बनाना है। लापरवाही नहीं चलेगी।” पदभार ग्रहण करने के बाद ये उनका सक्रिय रुख है। पहले भी ऐसी सुनवाइयों से पेंशन, आवास जैसे मामले सुलझे हैं।

लाभ और प्रभाव जनता का भरोसा बढ़ेगा
जनशिकायत निवारण दिवस से जिले में सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं:
- शिकायतें जमा नहीं होंगी, तेज समाधान।
- विभागों में समन्वय बढ़ेगा।
- योजनाओं का लाभ सही लाभुक को।
- ग्रामीण इलाकों में जागरूकता फैलेगी।
मानगो जैसे क्षेत्रों में बिजली समस्या पुरानी है। उपायुक्त के हस्तक्षेप से JBVNL अलर्ट होगा। जमीन विवादों में सीओ सक्रिय होंगे। ये साप्ताहिक सेशन प्रशासन को जमीनी हकीकत बताते हैं।
पूर्वी सिंहभूम जनशिकायत निवारण दिवस 24 अप्रैल 2026 ने DM राजीव रंजन की प्रतिबद्धता दिखाई। शिकायतों का तेज निपटारा होगा, जनता खुश होगी। सरकार की योजनाएं प्रभावी ढंग से पहुंचेंगी। नागरिक सक्रिय रहें, प्रशासन जवाबदेह बने। गर्मी में भी सेवाएं निर्बाध रहेंगी।















