मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया

उपायुक्त की अध्यक्षता में पेसा Manual 2025 पर जिला स्तरीय राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन

On: June 5, 2026 8:10 PM
Follow Us:
Untitled Design 17 2

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड Manual 2025 (पेसा) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। समाहरणालय सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यशाला की अध्यक्षता उपायुक्त राजीव रंजन ने की। सम्मेलन में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों, सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों तथा समुदाय आधारित संगठनों के सदस्यों ने भाग लेकर पेसा नियमावली के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की।

---Advertisement---
Netaji Advertisement

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं की भूमिका को और अधिक मजबूत बनाना, पेसा नियमावली-2025 की स्पष्ट समझ विकसित करना तथा विकास योजनाओं में स्थानीय समुदायों की भागीदारी को बढ़ावा देना था।

पेसा Manual की जानकारी साझा करने पर रहा जोर

सम्मेलन के दौरान पेसा नियमावली-2025 के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि यह नियमावली अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों के अधिकारों को सशक्त बनाने और स्थानीय स्वशासन की व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार की गई है।

विशेषज्ञों ने बताया कि पेसा अधिनियम का मूल उद्देश्य ग्राम सभाओं को निर्णय प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका प्रदान करना है, ताकि स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की योजना और क्रियान्वयन में जनता की सीधी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

ग्राम सभा के अधिकारों पर हुई विस्तृत चर्चा

कार्यशाला में ग्राम सभा के अधिकारों और दायित्वों को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि पेसा नियमावली के तहत ग्राम सभा को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, भूमि उपयोग, सामाजिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण तथा स्थानीय विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण अधिकार प्राप्त हैं।

विशेषज्ञों ने कहा कि यदि ग्राम सभाओं को उनके अधिकारों की पूरी जानकारी होगी और वे सक्रिय रूप से कार्य करेंगी, तो स्थानीय स्तर पर शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बन सकेगी।

प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष बल

सम्मेलन में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में जल, जंगल और जमीन स्थानीय समुदायों के जीवन और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं।

पेसा नियमावली ग्राम सभाओं को इन संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका प्रदान करती है। इससे स्थानीय समुदायों को अपने संसाधनों पर अधिकार और संरक्षण की जिम्मेदारी दोनों मिलती हैं।

प्रतिभागियों ने माना कि प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग और संरक्षण के लिए ग्राम सभा की भूमिका को मजबूत बनाना समय की आवश्यकता है।

स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर चर्चा

कार्यशाला में यह भी बताया गया कि पेसा नियमावली केवल प्रशासनिक अधिकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।

विशेषज्ञों ने कहा कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत और परंपराएं उनकी पहचान का आधार हैं। पेसा नियमावली इन परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उपायुक्त ने अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि पेसा नियमावली अनुसूचित क्षेत्रों में लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस नियमावली के माध्यम से ग्राम सभाओं को अधिक अधिकार और जिम्मेदारियां प्रदान की गई हैं।

उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमावली के प्रावधानों का गंभीरता से अध्ययन करें और उसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं को सशक्त बनाना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

विकास योजनाओं में जनभागीदारी को मिलेगा बढ़ावा

उपायुक्त ने कहा कि सरकार की योजनाओं की सफलता स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। जब ग्राम सभा को निर्णय प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा, तब विकास योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।

उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली के माध्यम से ग्राम सभाओं को विकास योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका मिलेगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का किया समाधान

कार्यशाला में उपस्थित विषय विशेषज्ञों ने पेसा नियमावली-2025 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही प्रतिभागियों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी जिज्ञासाओं और प्रश्नों का समाधान भी किया गया।

विशेषज्ञों ने व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से बताया कि किस प्रकार ग्राम सभाएं अपने अधिकारों का उपयोग कर स्थानीय विकास और संसाधन प्रबंधन में प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं।

चुनौतियों और समाधान पर हुआ विचार-विमर्श

सम्मेलन के दौरान पेसा नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन में आने वाली संभावित चुनौतियों पर भी चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने बताया कि कई बार जागरूकता की कमी, संसाधनों का अभाव तथा प्रशासनिक समन्वय की चुनौतियां नियमावली के सफल कार्यान्वयन में बाधा बनती हैं।

इन समस्याओं के समाधान के लिए नियमित प्रशिक्षण, जनजागरूकता अभियान और प्रशासनिक स्तर पर बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया गया।

विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित

कार्यशाला में उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, डीसीएलआर धालभूम सहित जिला स्तरीय अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा विभिन्न प्रखंडों के अंचल अधिकारी (सीओ), प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ), सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, बुद्धिजीवी एवं समुदाय आधारित संगठनों के सदस्य भी शामिल हुए।

सभी प्रतिभागियों ने पेसा नियमावली को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए मिलकर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया।

ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

कार्यक्रम के समापन पर यह निष्कर्ष सामने आया कि पेसा Manual -2025 अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ेगी, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण बेहतर होगा और विकास योजनाओं में पारदर्शिता आएगी।

जिला प्रशासन द्वारा आयोजित यह राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस पेसा Manual को लेकर जागरूकता बढ़ाने और इसके सफल क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। प्रतिभागियों ने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से अनुसूचित क्षेत्रों में लोकतांत्रिक सशक्तिकरण और समावेशी विकास के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा।

---Advertisement---
Netaji Advertisement
---Advertisement---
Netaji Advertisement

और पढ़ें

TNF 2 1

Kiul रेलवे स्टेशन पर तीन मासूम बच्चों को छोड़कर चली गई महिला मां का इंतजार करती रहीं मासूम निगाहें

Untitled Design 6 9

नाटो की दहलीज तक पहुंची मिसाइल पोलैंड में रातभर बजते रहे सायरन Europe में बढ़ा युद्ध का खतरा

Untitled Design 3 9

Jharkhand ओडिशा और पश्चिम बंगाल पुलिस की इंटर स्टेट बोर्ड बैठक आयोजित नक्सलवाद ड्रग्स और पशु तस्करी पर संयुक्त कार्रवाई की बनी रणनीति

TNF 2

जिला स्तरीय Independence दिवस समारोह की तैयारी को लेकर उपायुक्त एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने की समीक्षा बैठक

Untitled Design 2 11

DM ने घाटशिला प्रखंड के विभिन्न विकास कार्यों एवं जनसुविधाओं का किया निरीक्षण

Untitled Design 1 6

निजी खर्च से झरना मिश्रा ने शुरू कराया Water टंकी परिसर की सफाई स्थानीय लोगों ने जताया आभार

Leave a Comment

💬
TNF AI असिस्टेंट
● ताज़ा खबरों के लिए तैयार
नमस्ते! 👋 मैं आपका TNF AI असिस्टेंट हूँ। आप हमारी वेबसाइट की कोई भी खबर, topic या इंटरनेट का कोई भी सवाल यहाँ पूछ सकते हैं!