
जिले में संचालित सभी Petrol पंपों पर सड़क सुरक्षा, सुरक्षित ईंधन वितरण तथा आपातकालीन सेवाओं के लिए निर्बाध पेट्रोल-डीजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्रीमती सुनीला खलखो एवं जिला परिवहन पदाधिकारी श्री गौतम कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में पेट्रोल पंप संचालकों एवं प्रबंधकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न पेट्रोल पंपों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन का सख्त रुख
बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पेट्रोल पंप संचालकों की भी अहम भूमिका है। इसी उद्देश्य से सभी पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए।
सभी Petrol पंपों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालक ऐसे सीसीटीवी कैमरे लगाना सुनिश्चित करेंगे, जिनसे सड़क के दोनों ओर की गतिविधियों की निगरानी की जा सके। प्रशासन का मानना है कि इससे यातायात नियमों के उल्लंघन, दुर्घटनाओं और अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी तथा आवश्यकता पड़ने पर जांच में भी सहायता मिलेगी।
नो हेलमेट नो फ्यूल अभियान को सख्ती से लागू करने का निर्देश
बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक पेट्रोल पंप पर “NO HELMET NO FUEL” का बड़ा और स्पष्ट बैनर लगाया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं दिया जाए। प्रशासन का उद्देश्य हेलमेट पहनने की आदत को बढ़ावा देना और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करना है।
Petrol पंप पर सुरक्षा नियमों के पालन पर विशेष जोर
बैठक में बताया गया कि पेट्रोल पंप अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों जैसे पेट्रोल, डीजल और गैस के भंडारण एवं वितरण का स्थान होता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना या आगजनी का कारण बन सकती है। इसलिए प्रत्येक कर्मचारी और उपभोक्ता के लिए सुरक्षा नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है।
ईंधन भरवाते समय इंजन बंद रखना अनिवार्य
प्रशासन द्वारा निर्देश दिया गया कि वाहन में ईंधन भरवाने से पहले उसका इंजन पूरी तरह बंद कर दिया जाए। इंजन चालू रहने की स्थिति में किसी भी प्रकार की चिंगारी या तकनीकी खराबी से आग लगने की आशंका बनी रहती है। इसलिए वाहन चालकों को इस नियम का अनिवार्य रूप से पालन करना चाहिए।
दोपहिया वाहन चालकों को वाहन से उतरने की सलाह
बैठक में यह भी कहा गया कि बाइक या स्कूटर में पेट्रोल भरवाते समय चालक को वाहन से नीचे उतर जाना चाहिए। यदि किसी कारणवश पेट्रोल छलक जाए तो वाहन पर बैठे रहने से आग लगने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से यह सावधानी बेहद जरूरी है।
धूम्रपान और खुले आग के स्रोतों पर पूर्ण प्रतिबंध
Petrol पंप परिसर में धूम्रपान, बीड़ी, सिगरेट, माचिस या लाइटर का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। अधिकारियों ने कहा कि पेट्रोल के वाष्प अत्यधिक ज्वलनशील होते हैं और छोटी सी चिंगारी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
प्रमाणित कंटेनरों में ही दिया जाए ईंधन
बैठक में निर्देश दिया गया कि पेट्रोल या डीजल कभी भी सामान्य प्लास्टिक की बोतलों या असुरक्षित पात्रों में नहीं दिया जाए। केवल स्वीकृत धातु या सुरक्षा मानकों वाले कंटेनरों में ही ईंधन उपलब्ध कराया जाए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके।
मोबाइल फोन के उपयोग से बचने की अपील
ईंधन भरवाने के दौरान मोबाइल फोन के उपयोग से बचने की सलाह दी गई। अधिकारियों ने बताया कि मोबाइल उपकरणों से उत्पन्न होने वाली संभावित चिंगारी ज्वलनशील वाष्प के संपर्क में आने पर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए पेट्रोल पंप परिसर में अनावश्यक मोबाइल उपयोग से बचना चाहिए।
स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी से बचाव के लिए दिए गए निर्देश
बैठक में वाहन चालकों को स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी से सावधान रहने की भी सलाह दी गई। कार में ईंधन भरवाते समय बार-बार वाहन के अंदर-बाहर आने-जाने से शरीर में स्थैतिक विद्युत उत्पन्न हो सकती है, जो नोजल के संपर्क में आने पर चिंगारी पैदा कर सकती है। इसलिए ईंधन भरते समय अनावश्यक गतिविधियों से बचने की अपील की गई।
आपातकालीन स्थिति में तुरंत करें सूचना
प्रशासन ने निर्देश दिया कि यदि पेट्रोल पंप पर किसी प्रकार की दुर्घटना, ईंधन रिसाव या आग लगने जैसी स्थिति उत्पन्न होती है तो तत्काल ‘इमरजेंसी स्टॉप’ बटन का उपयोग किया जाए और कर्मचारियों को इसकी सूचना दी जाए। साथ ही प्रत्येक पेट्रोल पंप पर अग्निशामक यंत्र एवं रेत की बाल्टियां निर्धारित स्थान पर उपलब्ध रहनी चाहिए और कर्मचारियों को इनके उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए।
इमरजेंसी सेवाओं के लिए निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्रीमती सुनीला खलखो ने बैठक में कहा कि जिले में एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस वाहन तथा अन्य आवश्यक सेवाओं को किसी भी परिस्थिति में पेट्रोल और डीजल की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिया कि आवंटित मात्रा के अनुसार विवेकपूर्ण तरीके से ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करें तथा आपातकालीन सेवाओं की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दें।
प्रशासन ने सहयोग की अपील की
बैठक के अंत में जिला प्रशासन ने सभी Petrol पंप संचालकों से सड़क सुरक्षा अभियान को सफल बनाने, सुरक्षा मानकों का पालन करने तथा आम नागरिकों में जागरूकता फैलाने में सहयोग करने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालकों के संयुक्त प्रयासों से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।














