
Crime Jamshedur : सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के बारीडीह चौक स्थित मां केरा मंदिर में 1 जुलाई को हुई चोरी की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मंदिर से चोरी करने वाले आरोपी के साथ-साथ चोरी का सामान खरीदने वाला एक दुकानदार भी शामिल है। पुलिस ने चोरी गए तांबे-पीतल के बर्तन और एक जोड़ी पायल भी बरामद कर लिए हैं।

1 जुलाई 2025 को मां केरा मंदिर में अज्ञात चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया था। इस संबंध में सिदगोड़ा थाना कांड संख्या 87/2025, धारा 303(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
जांच के दौरान मंदिर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए और पूर्व में चोरी की घटनाओं में शामिल संदिग्धों से पूछताछ की गई। इसी कड़ी में राजा महतो उर्फ घोंचु को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसने मंदिर में चोरी की बात स्वीकार करते हुए अपने सहयोगियों के नाम उजागर किए।
Crime: बरामदगी और गिरफ्तारियां
राजा महतो की निशानदेही पर जहां चोरी का सामान बेचा गया था, वहां से सामान बरामद किया गया। साथ ही चोरी का सामान खरीदने वाले दुकानदार को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों को 15 जुलाई को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
जब्त सामान की सूची
- मंदिर से चुराए गए तांबे और पीतल के बर्तन
- एक जोड़ी पायल
गिरफ्तार अभियुक्तों की जानकारी
1. राजा महतो उर्फ घोंचु (उम्र 19), पिता: सोनू महतो, पता: बागुनहातु रोड नंबर 6, गजरा चौक
2. नीरज महाजन (उम्र 19), पिता: अशोक महानंद, पता: बागुनहातु रोड नंबर 6, गजरा चौक
3. निखिल सिंह सरदार उर्फ क्रिस (उम्र 19), पिता: सन्नी सिंह सरदार, पता: बागुनहातु रोड नंबर 6, गजरा चौक
4. संजय डे (उम्र 45) – दुकानदार, पिता: दामोदर प्रसाद डे, पता: मकान संख्या 130, बागुनहातु रोड नंबर 2
छापामारी दल में शामिल अधिकारी
- बिरेन्द्र कुमार, थाना प्रभारी, सिदगोड़ा थाना
- विकास कुमार, सहायक उप निरीक्षक
- देवेंद्र कुमार, सहायक अवर निरीक्षक
- धर्मेंद्र सिंह (आरक्षी संख्या 2214)
- ललन संगा (आरक्षी संख्या 158)
- नरेंद्र टुड्डू (आरक्षी संख्या 1523)
- रितेश कुमार सिंह और मनीष दुबे (गृहरक्षक चालक)
सिदगोड़ा पुलिस की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई के चलते इस मंदिर चोरी कांड का सफलतापूर्वक खुलासा हो पाया। यह कार्रवाई धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हालांकि, घटना यह भी दर्शाती है कि चोरी जैसे अपराधों में स्थानीय युवाओं की संलिप्तता चिंता का विषय है, जिस पर सामाजिक स्तर पर भी ध्यान देने की जरूरत है।











































