
जमशेदपुर: राष्ट्रीय नदी पर्वत सम्मेलन में भाग लेने के लिए देशभर से आए प्रतिनिधि और विशेषज्ञ Jamshedpur पहुंच चुके हैं। सम्मेलन में शामिल होने वाले सभी डेलीगेट्स को शहर के विभिन्न होटल और गेस्ट हाउस में ठहराया गया है। यह जानकारी सम्मेलन के संयोजक और प्रख्यात पर्यावरणविद Dinesh Mishra ने दी।

उन्होंने बताया कि सम्मेलन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और विभिन्न राज्यों से आए विशेषज्ञ जल, जंगल, पर्वत और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार साझा करेंगे।
23 मई को होगा सम्मेलन का समापन समारोह
सम्मेलन के संयोजक Dinesh Mishra ने बताया कि 23 मई को आयोजित समापन समारोह में National Institute of Technology Jamshedpur के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधर भी उपस्थित रहेंगे।
सम्मेलन के दौरान पर्यावरण संरक्षण, नदियों के अस्तित्व, जल संकट, पहाड़ों की सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। आयोजकों का मानना है कि इस सम्मेलन से पर्यावरण संरक्षण को लेकर जनजागरूकता बढ़ेगी।
देशभर के विशेषज्ञ और पर्यावरणविद पहुंचे जमशेदपुर
राष्ट्रीय नदी पर्वत सम्मेलन में शामिल होने के लिए कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञ, पर्यावरणविद, शिक्षाविद और पूर्व प्रशासनिक अधिकारी जमशेदपुर पहुंच चुके हैं। सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रमुख लोगों में शामिल हैं:
- V. Gopala Gowda, सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश
- Rajendra Singh, जलपुरुष
- Anshul Charan, युगांतर भारती के अध्यक्ष
- दीपक पर्वतीयार
- मधुकर
- डॉ. रामबूझ
- डॉ. राकेश कुमार सिंह
- डॉ. समीर कुमार सिन्हा
- प्रोफेसर अंशुमाली
- सिद्धार्थ त्रिपाठी, भारतीय वन सेवा अधिकारी
- बोसेल्टी सत्यनारायणा
- बिभूति देब बर्मा
- अरुण कुमार शुक्ला
- डॉ. गोपाल शर्मा
- डॉ. मनोज कुमार
- प्रोफेसर एम.के. जमुआर
- पूर्व आईपीएस संजय रंजन सिंह
- संजय उपाध्याय
इन सभी विशेषज्ञों की उपस्थिति से सम्मेलन को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नदी और पर्वत संरक्षण पर होगा व्यापक विमर्श
सम्मेलन में जल संरक्षण, नदियों के प्रदूषण, भूजल संकट, पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यावरणीय चुनौतियां और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। विशेषज्ञ अपने अनुभव और शोध के आधार पर समाधान प्रस्तुत करेंगे।
आयोजकों का कहना है कि वर्तमान समय में नदियों और पर्वतीय क्षेत्रों को बचाना बेहद जरूरी हो गया है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण और पर्यावरणीय असंतुलन के कारण प्राकृतिक संसाधनों पर खतरा बढ़ रहा है।
Jamshedpur बना पर्यावरणीय विमर्श का केंद्र
राष्ट्रीय नदी पर्वत सम्मेलन के आयोजन से Jamshedpur देशभर के पर्यावरणविदों और विशेषज्ञों का केंद्र बन गया है। सम्मेलन में शामिल प्रतिनिधि विभिन्न राज्यों के पर्यावरणीय अनुभव साझा करेंगे, जिससे भविष्य की नीतियों और योजनाओं को दिशा मिलने की उम्मीद है।
सम्मेलन को लेकर शहर के पर्यावरण प्रेमियों और शिक्षाविदों में भी उत्साह देखा जा रहा है। आयोजकों को उम्मीद है कि यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।












