
चाईबासा: झारखंड के चाईबासा में ट्रेजरी घोटाले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में सिपाही देवनारायण समेत उसके जीजा, साला और एक दोस्त को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने सरकारी धन के गबन के लिए एक संगठित नेटवर्क तैयार किया था, जिसमें रिश्तेदारों और करीबी लोगों की मदद ली जा रही थी।

जानकारी के अनुसार, देवनारायण न सिर्फ इस पूरे मामले का मुख्य किरदार था, बल्कि उसने अपनी गतिविधियों को छुपाने के लिए “किंगफिशर एफसी” नाम से एक फुटबॉल क्लब भी चला रखा था। इस क्लब के जरिए बड़े-बड़े टूर्नामेंट आयोजित किए जाते थे, जिससे उसकी सामाजिक छवि मजबूत बनी रहे और किसी को उस पर आसानी से शक न हो।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ट्रेजरी से जुड़े वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान कई संदिग्ध ट्रांजैक्शन और फर्जी दस्तावेज सामने आए, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया बताया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में शामिल थे और सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहे थे। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि इस घोटाले के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।
इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सरकारी तंत्र के भीतर ही किस तरह भ्रष्टाचार की जड़ें फैली हुई हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट हुआ है कि अपराधी अब अपनी पहचान छुपाने के लिए सामाजिक और खेल गतिविधियों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। साथ ही वित्तीय लेनदेन और संबंधित दस्तावेजों की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि पूरे घोटाले की सच्चाई सामने लाई जा सके।














