मौसम मनोरंजन चुनाव टेक्नोलॉजी खेल क्राइम जॉब सोशल लाइफस्टाइल देश-विदेश व्यापार मोटिवेशनल मूवी धार्मिक त्योहार Inspirational गजब-दूनिया

चक्रधरपुर में ब्लैक बेल्ट Grading व विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन पांच सीनियर कराटेकारों ने हासिल की सफलता

On: August 8, 2026 6:21 PM
Follow Us:

चक्रधरपुर: व्हाईट टाईगर गोजू रियु कराटे एसोसिएशन, चक्रधरपुर की ओर से ब्लैक बेल्ट Grading एवं विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, तुलसी भवन के प्रांगण में किया गया। दो दिनों तक चले इस विशेष शिविर में चक्रधरपुर, गोइलकेरा, संबलपुर और नोवामुंडी से आए सीनियर कराटेकारों ने हिस्सा लिया।

Headlines

---Advertisement---
Netaji Advertisement

ग्रेडिंग परीक्षा के दौरान प्रतिभागियों की तकनीकी दक्षता, शारीरिक क्षमता, अनुशासन और कराटे के विभिन्न पहलुओं की गहन जांच की गई। कठिन प्रशिक्षण और कड़ी मेहनत के बाद सभी प्रतिभागियों ने ब्लैक बेल्ट ग्रेडिंग परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की।

चक्रधरपुर में आयोजित हुआ विशेष कराटे शिविर

व्हाईट टाईगर गोजू रियु कराटे एसोसिएशन चक्रधरपुर की ओर से आयोजित इस शिविर का उद्देश्य सीनियर कराटेकारों की तकनीकी क्षमता को परखने के साथ उन्हें उच्च स्तर के प्रशिक्षण से जोड़ना था।

शिविर में विभिन्न क्षेत्रों से आए कराटे खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। चक्रधरपुर के अलावा गोइलकेरा, संबलपुर और नोवामुंडी से भी सीनियर कराटेकार इस ग्रेडिंग परीक्षा में शामिल हुए।

आयोजकों के अनुसार, ब्लैक बेल्ट ग्रेडिंग कराटे के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है। इसके लिए प्रतिभागियों को लंबे समय तक नियमित अभ्यास, अनुशासन और कठिन प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता है।

सेंसेई आशीष कुमार पाण्डेय ने किया प्रतिभागियों का परीक्षण

ब्लैक बेल्ट ग्रेडिंग परीक्षा में शामिल कराटेकारों का परीक्षण संस्था प्रमुख एवं मुख्य तकनीकी निदेशक सेंसेई आशीष कुमार पाण्डेय ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों की तकनीकी क्षमता और कराटे की विभिन्न विधाओं में उनकी दक्षता का मूल्यांकन किया।

ग्रेडिंग प्रक्रिया में सेंसेई राहुल कुमार गांगुली ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों की विभिन्न तकनीकी क्षमताओं को बारीकी से परखा गया।

कीहोन से लेकर कुमीते तक हुई कठिन परीक्षा

दो दिनों तक चली ब्लैक बेल्ट ग्रेडिंग परीक्षा में कराटेकारों को कई तकनीकी और शारीरिक परीक्षणों से गुजरना पड़ा। इसमें कराटे की बुनियादी तकनीकों से लेकर मुकाबले और व्यावहारिक प्रदर्शन तक कई चरण शामिल रहे।

परीक्षा में मुख्य रूप से कीहोन, फॉर्म्स, कुमीते, बुनकाई, कंडीशनिंग, पावर, स्टेमिना और लिखित परीक्षा सहित कई तकनीकी चरणों की जांच की गई।

प्रतिभागियों की तकनीकी शुद्धता, गति, शक्ति, संतुलन, सहनशक्ति और परिस्थितियों के अनुसार तकनीकों के इस्तेमाल की क्षमता का भी मूल्यांकन किया गया।

दो दिनों तक चला ग्रेडिंग का कठिन दौर

ब्लैक बेल्ट ग्रेडिंग परीक्षा लगातार दो दिनों तक चली। इस दौरान प्रतिभागियों को कड़ी मेहनत और शारीरिक क्षमता की परीक्षा से गुजरना पड़ा।

कराटेकारों ने विभिन्न तकनीकी अभ्यासों और शारीरिक परीक्षणों में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। कठिन परीक्षा के बावजूद सभी सीनियर कराटेकारों ने आत्मविश्वास के साथ अपनी तकनीकों का प्रदर्शन किया।

आयोजकों ने बताया कि सभी प्रतिभागियों ने मेहनत के साथ ग्रेडिंग के निर्धारित मानकों को पूरा किया और ब्लैक बेल्ट ग्रेडिंग परीक्षा सफलतापूर्वक पास की।

सभी सफल कराटेकारों को मिला प्रमाण पत्र और किटबैग

ग्रेडिंग परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले सभी सीनियर कराटेकारों को सम्मानित किया गया। कराटे अकादमी ऑफ जापान गोजू रियू इंडिया की ओर से सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और किटबैग प्रदान किए गए।

प्रमाण पत्र मिलने के बाद सफल कराटेकारों में उत्साह देखने को मिला। प्रशिक्षकों और संस्था के पदाधिकारियों ने सफल खिलाड़ियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

कराटे अकादमी ऑफ जापान गोजू रियू इंडिया से मान्यता प्राप्त है संस्था

व्हाईट टाईगर गोजू रियु कराटे एसोसिएशन चक्रधरपुर को कराटे अकादमी ऑफ जापान गोजू रियू इंडिया, गुजरात से मान्यता प्राप्त है।

इसी मान्यता के तहत इस ग्रेडिंग परीक्षा में सफल सीनियर कराटेकारों को कराटे अकादमी ऑफ जापान गोजू रियू इंडिया की ओर से ब्लैक बेल्ट के प्रमाण पत्र जारी किए गए।

आयोजकों ने कहा कि प्रमाण पत्र का जारी होना सफल कराटेकारों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है और इससे उनके प्रशिक्षण एवं तकनीकी दक्षता को आधिकारिक मान्यता मिलती है।

ब्लैक बेल्ट हासिल करना बड़ी उपलब्धि

कराटे में ब्लैक बेल्ट हासिल करना किसी भी खिलाड़ी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है। इसके लिए लंबे समय तक नियमित अभ्यास, अनुशासन और तकनीकी प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है।

ब्लैक बेल्ट ग्रेडिंग के दौरान केवल शारीरिक क्षमता ही नहीं, बल्कि कराटे के सिद्धांतों, तकनीकी ज्ञान और मानसिक दृढ़ता की भी परीक्षा होती है।

इस शिविर में सफल हुए कराटेकारों ने भी अपने कठिन प्रशिक्षण और अभ्यास का परिणाम ग्रेडिंग परीक्षा में सफलता के रूप में हासिल किया।

गोइलकेरा के वीर सिंह सिरका बने सेकंड डॉन

ग्रेडिंग परीक्षा में सेंसेई वीर सिंह सिरका ने ब्लैक बेल्ट सेकंड डॉन की ग्रेडिंग हासिल की। वे गोइलकेरा से संबंधित हैं।

उनकी सफलता पर प्रशिक्षकों और संगठन से जुड़े लोगों ने बधाई दी। लंबे समय से कराटे प्रशिक्षण से जुड़े वीर सिंह सिरका ने ग्रेडिंग के विभिन्न चरणों में अपनी तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया।

चक्रधरपुर के शैलेश बोदरा ने भी हासिल किया सेकंड डॉन

चक्रधरपुर के सेंसेई शैलेश बोदरा ने भी ब्लैक बेल्ट सेकंड डॉन की ग्रेडिंग सफलतापूर्वक पूरी की।

चक्रधरपुर में आयोजित इस ग्रेडिंग परीक्षा में स्थानीय कराटेकार के रूप में उनकी सफलता को महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया। उनकी सफलता से स्थानीय कराटे खिलाड़ियों और प्रशिक्षुओं में भी उत्साह बढ़ा।

नोवामुंडी के मुकेश दास को फर्स्ट डॉन

सेंसेई मुकेश दास, नोवामुंडी ने ब्लैक बेल्ट फर्स्ट डॉन की ग्रेडिंग हासिल की। उन्होंने ग्रेडिंग परीक्षा के विभिन्न तकनीकी और शारीरिक चरणों में हिस्सा लेते हुए सफलता प्राप्त की।

उनकी उपलब्धि पर प्रशिक्षकों और संगठन के सदस्यों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।

संबलपुर के उमा शंकर जाल ने हासिल किया फर्स्ट डॉन

संबलपुर से आए सेंसेई उमा शंकर जाल ने भी ब्लैक बेल्ट फर्स्ट डॉन की ग्रेडिंग परीक्षा सफलतापूर्वक पास की।

दो दिनों तक चले कठिन परीक्षण के बाद उन्होंने अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन करते हुए यह उपलब्धि हासिल की।

गोइलकेरा के एंथोनी सिरका को भी फर्स्ट डॉन

गोइलकेरा के सेंसेई एंथोनी सिरका ने ब्लैक बेल्ट फर्स्ट डॉन की ग्रेडिंग हासिल की।

उनकी सफलता के साथ ग्रेडिंग परीक्षा में सफल होने वाले पांचों सीनियर कराटेकारों को प्रमाण पत्र और किटबैग देकर सम्मानित किया गया।

पांच सीनियर कराटेकारों ने हासिल की सफलता

इस ब्लैक बेल्ट ग्रेडिंग परीक्षा में सफल होने वाले सीनियर कराटेकारों की सूची इस प्रकार है:

  1. सेंसेई वीर सिंह सिरका — ब्लैक बेल्ट सेकंड डॉन, गोइलकेरा
  2. सेंसेई शैलेश बोदरा — ब्लैक बेल्ट सेकंड डॉन, चक्रधरपुर
  3. सेंसेई मुकेश दास — ब्लैक बेल्ट फर्स्ट डॉन, नोवामुंडी
  4. सेंसेई उमा शंकर जाल — ब्लैक बेल्ट फर्स्ट डॉन, संबलपुर
  5. सेंसेई एंथोनी सिरका — ब्लैक बेल्ट फर्स्ट डॉन, गोइलकेरा

कराटे के प्रति युवाओं में बढ़ रहा उत्साह

इस तरह के प्रशिक्षण और Grading शिविरों से युवाओं में कराटे जैसे मार्शल आर्ट के प्रति रुचि बढ़ने के साथ अनुशासन, आत्मविश्वास और शारीरिक फिटनेस को भी बढ़ावा मिलता है।

कराटे प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ी शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक मजबूती और आत्मनियंत्रण भी सीखते हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा और तकनीकी क्षमता को उच्च स्तर पर परखने का अवसर मिलता है।

चक्रधरपुर में आयोजित व्हाईट टाईगर गोजू रियु कराटे एसोसिएशन के ब्लैक बेल्ट Grading एवं विशेष प्रशिक्षण शिविर में विभिन्न क्षेत्रों से आए सीनियर कराटेकारों ने हिस्सा लिया। दो दिनों तक चली कठिन परीक्षा में कीहोन, फॉर्म्स, कुमीते, बुनकाई, कंडीशनिंग, पावर, स्टेमिना और लिखित परीक्षा सहित कई चरणों में प्रतिभागियों की क्षमता का मूल्यांकन किया गया।

कड़ी मेहनत के बाद पांचों सीनियर कराटेकारों ने ब्लैक बेल्ट ग्रेडिंग सफलतापूर्वक पास की। इनमें दो कराटेकारों ने सेकंड डॉन और तीन ने फर्स्ट डॉन की उपलब्धि हासिल की। सभी सफल प्रतिभागियों को कराटे अकादमी ऑफ जापान गोजू रियू इंडिया की ओर से प्रमाण पत्र और किटबैग देकर सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि न केवल सफल कराटेकारों के लिए बल्कि चक्रधरपुर, गोइलकेरा, नोवामुंडी और संबलपुर के कराटे जगत के लिए भी उत्साह बढ़ाने वाली है।

---Advertisement---
Netaji Advertisement
---Advertisement---
Netaji Advertisement

Leave a Comment