
जमशेदपुर: बिरसानगर में PM आवास योजना (शहरी) के तहत निर्मित फ्लैटों का इंतजार कर रहे सैकड़ों लाभुकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। झारखंड सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने आश्वासन दिया है कि बिरसानगर PM आवास परियोजना के लाभार्थियों को उनके नाम से आवंटित फ्लैटों की चाबी 15 जून 2026 से पहले सौंप दी जाएगी। मंत्री ने यह भरोसा जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के साथ शनिवार सुबह हुई महत्वपूर्ण वार्ता के दौरान दिया।

मंत्री के इस आश्वासन के बाद विधायक सरयू राय ने 1 जून को पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रस्तावित अनशन कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित कर दिया है। उन्होंने इस निर्णय की जानकारी सभी लाभुकों को भी दे दी है और उनसे कुछ और समय तक धैर्य बनाए रखने की अपील की है।
सरयू राय ने इस संबंध में जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि बिरसानगर स्थित PM आवास योजना के लाभुकों ने लगभग तीन वर्ष पहले ही अपने हिस्से की पूरी राशि जमा कर दी थी। इनमें से अधिकांश लाभार्थियों ने बैंक से ऋण लेकर भुगतान किया था। इसके बावजूद उन्हें आज तक उनके नाम से आवंटित फ्लैटों का कब्जा नहीं मिल सका है। लंबे समय से चाबी नहीं मिलने के कारण लाभार्थियों में भारी नाराजगी थी।
उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के इन परिवारों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। एक तरफ वे बैंक से लिए गए हाउसिंग लोन की मासिक किश्त और ब्याज का भुगतान कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर किराये के मकानों में रहने को मजबूर हैं। इससे उन पर दोहरा आर्थिक बोझ पड़ रहा है। कई परिवारों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे लंबे समय तक किराया और ऋण दोनों का भार उठा सकें।
सरयू राय ने कहा कि लाभुकों की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाई जाती रही, लेकिन संबंधित एजेंसियों और विभागों की ओर से अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) और नगर विकास विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के कारण लाभुकों को अनावश्यक रूप से परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई बार लाभार्थियों को केवल आश्वासन देकर टालने का प्रयास किया गया।
स्थिति से परेशान होकर लाभुकों का एक प्रतिनिधिमंडल विधायक सरयू राय से मिला और अपनी समस्याओं से अवगत कराया। लाभार्थियों ने बताया कि वर्षों पहले भुगतान करने के बावजूद उन्हें अब तक फ्लैट नहीं मिला है, जिससे उनके परिवारों को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। इसके बाद सरयू राय ने उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया।
विधायक ने इस पूरे मामले को नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष भी उठाया। उन्होंने सरकार को बताया कि लाभुकों के साथ अन्याय हो रहा है और संबंधित अधिकारी उन्हें लगातार गुमराह कर रहे हैं। सरयू राय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण योजना के वास्तविक लाभार्थियों को समय पर उनका अधिकार नहीं मिल पा रहा है।
शनिवार को रांची में हुई बैठक के दौरान सरयू राय ने मंत्री के समक्ष लाभुकों की समस्याओं को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो लाभार्थियों का आक्रोश और बढ़ेगा। इस पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने स्थिति की समीक्षा करने के बाद अतिरिक्त 15 दिनों का समय मांगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर हाल में 15 जून 2026 से पहले लाभुकों को उनके फ्लैटों की चाबी सौंप दी जाएगी।
मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार चाहती है कि लाभार्थी अपने फ्लैटों का निरीक्षण कर सकें, उनकी स्थिति को समझ सकें और विधिवत गृह प्रवेश की तैयारी कर सकें। इसके लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी पात्र लाभार्थी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
मंत्री के इस वादे पर विश्वास जताते हुए सरयू राय ने अपना प्रस्तावित अनशन कार्यक्रम स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यदि मंत्री ने स्वयं समय मांगकर आश्वासन दिया है, तो उन्हें भरोसा है कि सरकार अपना वादा निभाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा तक लाभुकों को चाबी नहीं मिली तो वे आगे की रणनीति पर विचार करेंगे।
सरयू राय ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का राजनीतिक लाभ लेना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को उनका अधिकार दिलाना है। उन्होंने लाभुकों से अपील की कि वे फिलहाल धैर्य रखें और सरकार को दिए गए अतिरिक्त समय का इंतजार करें। साथ ही उन्होंने कहा कि वे स्वयं इस पूरे मामले की लगातार निगरानी करेंगे।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले नगर विकास मंत्री ने सरयू राय को आश्वस्त किया था कि 31 मई 2026 तक लाभुकों को उनके फ्लैटों की चाबी दे दी जाएगी। इसी आश्वासन के आधार पर लाभार्थियों को उम्मीद थी कि मई के अंत तक उन्हें उनका घर मिल जाएगा। लेकिन समय सीमा पूरी होने के बावजूद चाबी वितरण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी।
इसके बाद सरयू राय ने चेतावनी दी थी कि यदि 31 मई तक लाभुकों को उनके फ्लैटों की चाबी नहीं मिली तो वे 1 जून को पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठेंगे। इस घोषणा के बाद प्रशासन और विभागीय स्तर पर हलचल तेज हो गई थी।
अब मंत्री द्वारा 15 जून तक चाबी सौंपने का नया आश्वासन दिए जाने के बाद फिलहाल टकराव की स्थिति टल गई है। लाभुकों को उम्मीद है कि इस बार सरकार अपना वादा निभाएगी और वर्षों से जिस घर का सपना वे देख रहे हैं, वह जल्द ही पूरा होगा। पूरे मामले पर अब लाभार्थियों, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।









