
पश्चिमी सिंहभूम: पश्चिमी Singhbhum जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खूंटपानी के एएएम खूंटपानी, सदर चाईबासा के एएएम बड़बिल तथा बंदगांव के एएएम कटवा में “आयुष्मान आरोग्य शिविर” का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर विभिन्न स्वास्थ्य जांच एवं निःशुल्क चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठाया।

ग्रामीणों की हुई व्यापक स्वास्थ्य जांच
शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ग्रामीणों की प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच एवं स्क्रीनिंग की गई। लोगों को विभिन्न बीमारियों की समय रहते पहचान और उपचार की जानकारी दी गई। बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों एवं युवाओं ने शिविर में पहुंचकर अपनी स्वास्थ्य जांच कराई और विशेषज्ञों से परामर्श प्राप्त किया।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को घर के निकट उपलब्ध कराना और गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान सुनिश्चित करना है, ताकि मरीजों को उचित समय पर उपचार मिल सके।
टीबी स्क्रीनिंग और एक्स-रे जांच पर विशेष जोर
आयुष्मान आरोग्य शिविर के दौरान टीबी जैसी गंभीर बीमारी की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया गया। शिविर में कुल 721 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई, जबकि 228 लोगों का चेस्ट एक्स-रे किया गया। इसके अलावा 60 संदिग्ध मरीजों के बलगम (स्पुटम) के नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि टीबी की समय पर पहचान होने से इसका सफल इलाज संभव है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित रूप से स्क्रीनिंग अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि संक्रमण को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जा सके।
रक्तचाप शुगर और हिमोग्लोबिन जांच का मिला लाभ
शिविर में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की पहचान के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई। 159 लोगों का ब्लड प्रेशर परीक्षण तथा 159 लोगों का ब्लड शुगर परीक्षण किया गया। वहीं 152 लाभुकों की हिमोग्लोबिन जांच कर एनीमिया की स्थिति का आकलन किया गया।
इसके अलावा 162 लोगों का बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) परीक्षण कर उन्हें संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी गई।
ABHA कार्ड निर्माण की सुविधा भी रही उपलब्ध
शिविर में स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 70 लोगों का ABHA (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) कार्ड भी बनाया गया। इससे भविष्य में मरीजों का डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और उन्हें विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।

रोगों की समय पर पहचान और उपचार पर दिया गया जोर
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के शिविरों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच, रोगों की शीघ्र पहचान तथा समय पर उपचार सुनिश्चित करना है। कई बार जागरूकता के अभाव में लोग गंभीर बीमारियों की जांच नहीं करा पाते, जिससे बीमारी बढ़ जाती है। ऐसे शिविर लोगों को निःशुल्क जांच और विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराकर बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
स्वास्थ्यकर्मियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का रहा महत्वपूर्ण योगदान
आयुष्मान आरोग्य शिविर को सफल बनाने में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। शिविर में सीएचओ (CHO), एसटीएस (STS), एसटीएलएस (STLS), टीबीएचवी (TBHV), एक्स-रे तकनीशियन, एमपीडब्ल्यू (MPW), एएनएम (ANM), बीटीटी (BTT), सहिया साथी तथा संबंधित गांवों की सहिया दीदियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य जांच के लिए प्रेरित किया और उन्हें विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी।
आगे भी नियमित रूप से लगाए जाएंगे स्वास्थ्य शिविर
स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए इस प्रकार के आयुष्मान आरोग्य शिविर भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों तक निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, परामर्श और उपचार की सुविधा पहुंचाना है, ताकि ग्रामीण आबादी को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें और गंभीर बीमारियों की रोकथाम संभव हो सके।
इस सफल आयोजन से क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों को स्वास्थ्य लाभ मिला और लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।








