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भारत देश में अल्पसंख्यक और उनके सुनहरे भविष्य के विकास की कहानी – पार्ट 1

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On: June 30, 2021 2:31 PM
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THE NEWS FRAME

पूरे विश्व में भारत ही एक ऐसा देश हैं जहां सबसे अधिक भाषा और धर्म के लोग एक साथ मिलकर रहते हैं। इसी प्रेम और भावना की वजह से कई देश भारत से चिढ़ते भी हैं। और प्रायः ऐसे-ऐसे प्रयोग करते हैं जिस वजह से भारत के लोगों का यह आपसी प्रेम नष्ट हो जाये। और उनका साथ देने के लिए भारत के कुछ मूर्ख लोग भी समर्थन कर देते हैं। वो यह नहीं जानते कि नुकसान वे स्वयं का ही कर रहे हैं। 

हमारे पुरखा यानी पूर्वजों का ऐसा मानना था कि हर चार कोस जाने पर भाषा बदल जाती है। भारत में राज्यों का गठन भी भाषाओं के आधार पर ही किया गया है। आज भी भारत में सौ से ज्यादा भाषा बोली जाती है। और इन्हीं भाषाई आधार पर अल्पसंख्यक बनाये गए हैं।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद: 350B के अनुसार भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय वर्ष 2006 में बनाया गया है। उनके बेहतर भविष्य और विकास को लेकर कई अधिकारी नियुक्त किये गए हैं। अनुच्छेद: 350B के तहत राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किए जाने वाले भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए एक विशेष अधिकारी होगा। इस विशेष अधिकारी का यह कर्तव्य होगा कि वह इस संविधान के नियमों के तहत भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए प्रदान किए गए सभी सुरक्षा उपायों से संबंधित मामलों के जांच की रिपोर्ट राष्ट्रपति को करेगा। यह रिपोर्ट संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखा जाएगा, और संबंधित राज्यों की सरकारों को भेजा जाएगा। ताकि उस रिपोर्ट की सत्यता पर अग्रिम कार्य पूर्ण किया जा सके।

अल्पसंख्यक मंत्रालय का गठन 29 जनवरी 2006 को भारत गणराज्य के मुख्यालय नई दिल्ली में और जिसका प्रमुख राष्ट्रपति को बनाया गया है। वर्ष 2018 – 19 के वार्षिक बजट में से 4700 करोड़ रुपये अल्पसंख्यक समुदाय के विकास के लिए देने का निर्णय लिया गया। वर्तमान समय में इस मंत्रालय की जिम्मेदारी मुख्तार अब्बास नकवी, जो केंद्र सरकार में मंत्री पद पर हैं। और राज्यों के अल्पसंख्यक मामलों की देखरेख किरेन रिजिजू, (राज्य मंत्री) को सौंपी गई है।

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अल्पसंख्यक मंत्रालय के बनने के बाद से अबतक कितने अधिकारी बनाये गए हैं इसपर एक नजर डालते हैं।

प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में –
1. अब्दुल रहमान अंतुले, 29 जनवरी 2006 से 19 जनवरी 2009 तक
2. सलमान खुर्शीद 19 जनवरी 2009 से 28 अक्टूबर 2012 तक
3. के. रहमान खान 28 अक्टूबर 2012 से 26 मई 2014 तक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में –

1. नजमा हेपतुल्ला 26 मई 2014 से 12 जुलाई 2016 तक
2. मुख्तार अब्बास नकवी 12 जुलाई 2016 से अब तक

क्या आप जानते हैं भारत देश में अल्पसंख्यक का दर्जा किसे दिया गया है या किन लोगों को अल्पसंख्यक की श्रेणी में माना गया हैं?

भारत देश में निम्नलिखित धार्मिक समुदायों को अल्पसंख्यक का दर्जा दिया गया है – मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी। जिन्हें अधिसूचित अल्पसंख्यक आयोग 1992 की राष्ट्रीय धारा 2 (C) अधिनियम के तहत अल्पसंख्यक समुदायों के रूप में   शामिल किया गया है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार देश में अल्पसंख्यकों की कुल संख्या जनसंख्या का लगभग 19.3% है। जिसमें देश में मुसलमानों की जनसंख्या 14.2%, ईसाई 2.3%,  सिख 1.7%, बौद्ध 0.7%, जैन 0.4% और पारसी 0.006% हैं।

यह इस कहानी का पार्ट 1 है, दूसरे पार्ट में हम भारतीय सरकार के अल्पसंख्यक आयोग के द्वारा अल्पसंख्यकों के विकास की बात करेंगे।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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