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Odisha में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई सरकारी इंजीनियर के ठिकानों पर विजिलेंस की छापेमारी करोड़ों की नकदी और कई संपत्तियां जांच के दायरे में

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On: June 7, 2026 7:30 PM
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भुवनेश्वर: Odisha में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत राज्य सतर्कता (विजिलेंस) विभाग ने एक बड़े सरकारी अधिकारी से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज, भारी नकदी और अचल संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड बरामद किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई आदिवासी विकास एजेंसी (आईटीडीए) बलिगुड़ा में कार्यरत सहायक कार्यपालक अभियंता बैकुंठनाथ बेहरा से जुड़े परिसरों पर की गई। प्रारंभिक जांच में बड़ी मात्रा में नकदी और कई संपत्तियों का पता चलने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।

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विशेष न्यायालय के सर्च वारंट पर हुई कार्रवाई

विजिलेंस विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विशेष सतर्कता न्यायालय से प्राप्त सर्च वारंट के आधार पर राज्य के विभिन्न स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत भुवनेश्वर, बालासोर, जाजपुर और कंधमाल सहित कुल नौ ठिकानों पर छापेमारी की गई।

इस कार्रवाई में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, डीएसपी स्तर के अधिकारी और कई निरीक्षक शामिल रहे। सभी टीमों ने एक साथ अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर तलाशी अभियान शुरू किया, जिससे दस्तावेजों और संपत्तियों की जांच प्रभावी ढंग से की जा सके।

बैंक लॉकरों से मिली भारी नकदी

तलाशी अभियान के दौरान अधिकारियों ने संबंधित बैंक लॉकरों की भी जांच की। विजिलेंस विभाग के अनुसार, लॉकरों से करीब दो करोड़ रुपये नकद बरामद हुए। नोटों की गिनती और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद राशि को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया गया।

अधिकारियों का कहना है कि बरामद नकदी का स्रोत क्या है और यह धन किस माध्यम से प्राप्त हुआ, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।

पांच बहुमंजिला इमारतें और 13 प्लॉट जांच के दायरे में

प्रारंभिक जांच में अभियंता अथवा उनसे जुड़े व्यक्तियों के नाम पर पांच बहुमंजिला इमारतों और 13 आवासीय प्लॉटों की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा कई बैंक खाते, निवेश संबंधी दस्तावेज और अन्य अचल संपत्तियों के रिकॉर्ड भी अधिकारियों को मिले हैं।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इन संपत्तियों का अधिग्रहण किस प्रकार किया गया और क्या इनकी खरीद संबंधित अधिकारी की घोषित आय के अनुरूप है या नहीं।

बैंक खाते और निवेश दस्तावेजों की भी हो रही जांच

छापेमारी के दौरान कई बैंक खातों, निवेश योजनाओं और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। विजिलेंस विभाग अब इन सभी वित्तीय रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रहा है ताकि संपत्तियों के स्रोत और धन के प्रवाह की पूरी जानकारी सामने आ सके।

अधिकारियों के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर अन्य एजेंसियों की सहायता भी ली जा सकती है ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच सुनिश्चित की जा सके।

आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच तेज

विजिलेंस विभाग अब अभियंता की घोषित आय और उनके पास उपलब्ध संपत्तियों का तुलनात्मक परीक्षण कर रहा है। यदि जांच में यह साबित होता है कि संपत्तियां आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक हैं, तो संबंधित कानूनों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल जांच जारी है और अधिकारियों ने कहा है कि सभी पहलुओं की गहन पड़ताल के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख का संकेत

राज्य में हाल के वर्षों में भ्रष्टाचार के मामलों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। विजिलेंस विभाग का कहना है कि सार्वजनिक पदों पर कार्यरत अधिकारियों की आय और संपत्तियों की निगरानी की जा रही है तथा शिकायत मिलने पर निष्पक्ष जांच की जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

प्रमुख बिंदु
  • विजिलेंस विभाग ने सरकारी इंजीनियर से जुड़े नौ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
  • बैंक लॉकरों से करीब दो करोड़ रुपये नकद बरामद किए जाने का दावा किया गया।
  • पांच बहुमंजिला इमारतें और 13 आवासीय प्लॉट जांच के दायरे में आए हैं।
  • कई बैंक खाते, निवेश दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच जारी है।
  • विशेष सतर्कता न्यायालय के सर्च वारंट के आधार पर कार्रवाई की गई।
  • आय से अधिक संपत्ति के मामले में विस्तृत जांच जारी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

Odisha में हुई यह विजिलेंस कार्रवाई राज्य की चर्चित भ्रष्टाचार विरोधी जांचों में शामिल मानी जा रही है। भारी नकदी और बड़ी संख्या में संपत्तियों के सामने आने के बाद मामले ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे। फिलहाल विजिलेंस विभाग संपत्तियों के स्रोत, वित्तीय लेन-देन और आय के रिकॉर्ड का विस्तृत विश्लेषण कर रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

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