जमशेदपुर: जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), पूर्वी सिंहभूम के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 20 अगस्त 2026 को बोड़ाम प्रखंड स्थित Adivasi उच्च विद्यालय, बोड़ाम में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और उपलब्ध विधिक सहायता के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में कक्षा 9वीं एवं 10वीं के करीब 200 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनी विषयों की जानकारी दी गई और किसी भी तरह के शोषण या अपराध की स्थिति में उचित कानूनी सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।
पीएलवी निताई चन्द्र गोराई ने दी डालसा की जानकारी
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए बोड़ाम प्रखंड के पीएलवी निताई चन्द्र गोराई ने विद्यार्थियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की कार्यप्रणाली और उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकार का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक कानूनी सहायता और न्याय से संबंधित जानकारी पहुंचाना है। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के लिए उपलब्ध कानूनी सहायता की जानकारी होना बेहद जरूरी है।
इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और विधिक सहायता के संबंध में भी जानकारी प्रदान की।
मुख्य अतिथि योगिता कुमारी ने बताए कानूनी अधिकार
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि लीगल एड डिफेंस कौंसिल की सदस्य योगिता कुमारी रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को कई महत्वपूर्ण कानूनी और सामाजिक विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों को बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी, पोक्सो एक्ट, गुड टच-बैड टच, नशा उन्मूलन, डायन प्रथा, घरेलू हिंसा और पीड़ित मुआवजा योजना (Victim Compensation) जैसे विषयों के बारे में बताया।
योगिता कुमारी ने कहा कि बच्चों और युवाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि यदि उनके साथ या उनके आसपास किसी व्यक्ति के साथ किसी प्रकार का शोषण, हिंसा या अपराध होता है तो वे डरने के बजाय उचित कानूनी सहायता लें।
बाल विवाह के खिलाफ किया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में भी बताया गया। बच्चों को समझाया गया कि कम उम्र में विवाह उनके शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
विद्यार्थियों को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक रहने तथा अपने आसपास होने वाली ऐसी घटनाओं की जानकारी संबंधित जिम्मेदार लोगों या संस्थाओं तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
बाल श्रम और बाल तस्करी पर दी जानकारी
विद्यार्थियों को बाल श्रम और बाल तस्करी जैसे गंभीर सामाजिक एवं कानूनी मुद्दों की जानकारी भी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि बच्चों का शोषण किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।
कार्यक्रम में बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि यदि किसी बच्चे से जबरन काम कराया जा रहा हो या उसे किसी प्रकार के शोषण का सामना करना पड़ रहा हो तो ऐसी स्थिति में कानूनी सहायता लेना जरूरी है।

पोक्सो एक्ट और गुड टच-बैड टच की जानकारी
कार्यक्रम में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े पोक्सो एक्ट के बारे में भी जागरूक किया गया। विद्यार्थियों को सुरक्षित और असुरक्षित व्यवहार के बीच अंतर समझाने के लिए गुड टच और बैड टच के बारे में जानकारी दी गई।
बच्चों को बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति का व्यवहार उन्हें असहज करता है या किसी प्रकार की अनुचित हरकत होती है, तो उन्हें चुप नहीं रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में भरोसेमंद अभिभावक, शिक्षक या उचित कानूनी सहायता उपलब्ध कराने वाले लोगों से संपर्क करना चाहिए।
नशा उन्मूलन को लेकर विद्यार्थियों को किया जागरूक
कार्यक्रम में नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों पर भी चर्चा की गई। पीएलवी आशीष प्रजापति, दिलीप जायसवाल एवं नागेंद्र कुमार ने विद्यार्थियों को नशे से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया।
उन्होंने बताया कि नशे की आदत व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और भविष्य पर गंभीर असर डाल सकती है। विद्यार्थियों से नशे से पूरी तरह दूर रहने तथा अपने दोस्तों और आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की अपील की गई।
घरेलू हिंसा और डायन प्रथा पर चर्चा
विद्यार्थियों को घरेलू हिंसा और डायन प्रथा जैसी सामाजिक समस्याओं के खिलाफ भी जागरूक किया गया। वक्ताओं ने बताया कि किसी भी व्यक्ति के साथ हिंसा या अंधविश्वास के नाम पर अत्याचार करना गलत है।
समाज में जागरूकता बढ़ाकर ऐसी कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
पीड़ित मुआवजा योजना की दी जानकारी
कार्यक्रम में पीड़ित मुआवजा योजना (Victim Compensation) के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि अपराध से प्रभावित पीड़ितों के लिए कानून के तहत विभिन्न प्रकार की सहायता और मुआवजे की व्यवस्था हो सकती है।
इस तरह की जानकारी विद्यार्थियों और उनके परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है, क्योंकि कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सहायता की जानकारी होने से जरूरत के समय उचित कदम उठाना आसान होता है।
विद्यार्थियों को अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील
मुख्य अतिथि सहित सभी वक्ताओं ने विद्यार्थियों से अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्हें बताया गया कि किसी भी प्रकार की समस्या या अपराध की स्थिति में डरकर चुप रहने के बजाय उचित माध्यम से सहायता प्राप्त करनी चाहिए।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कानूनी जानकारी देकर उनमें आत्मविश्वास पैदा करना और उन्हें सुरक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा।
डालसा टीम के सदस्यों ने किया संबोधित
कार्यक्रम के दौरान डालसा से जुड़े पीएलवी आशीष प्रजापति, दिलीप जायसवाल एवं नागेंद्र कुमार ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने विशेष रूप से नशे और उसके दुष्प्रभावों को लेकर बच्चों को जागरूक किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही अपने परिवार और समाज में भी नशा विरोधी संदेश फैलाने की अपील की।
प्रधानाध्यापक ने व्यक्त किया आभार
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाध्यापक मजनू अंसारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, डालसा की टीम और सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
केंदडीह गांव में भी चलाया गया कानूनी जागरूकता अभियान
Adivasi उच्च विद्यालय बोड़ाम में कार्यक्रम के अलावा डालसा टीम द्वारा केंदडीह गांव में भी ग्रामीणों के बीच कानूनी जागरूकता अभियान चलाया गया।
इस दौरान ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों, उपलब्ध विधिक सहायता और विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनी विषयों के बारे में जानकारी दी गई। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक कानूनी जागरूकता पहुंचाना और जरूरतमंद लोगों को न्यायिक सहायता के प्रति जागरूक करना रहा।
ग्रामीणों को भी दी गई कानूनी जानकारी
केंदडीह गांव में आयोजित जागरूकता अभियान के दौरान डालसा टीम ने ग्रामीणों के बीच कानून और उनके अधिकारों को लेकर जानकारी साझा की। ग्रामीणों को यह संदेश दिया गया कि किसी भी कानूनी समस्या के समय उचित मार्गदर्शन और सहायता प्राप्त करना महत्वपूर्ण है।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के अभियान लोगों को उनके अधिकारों और कानूनी सहायता के उपलब्ध माध्यमों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में ये लोग रहे उपस्थित
विधिक जागरूकता अभियान के दौरान डालसा पीएलवी निताई चंद्र गोराई, दिलीप जायसवाल, नागेंद्र कुमार, आशीष प्रजापति, प्रकाश मिश्रा, गीता रानी दास सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
सभी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया और विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को आवश्यक कानूनी जानकारी उपलब्ध कराने में अपनी भूमिका निभाई।
कानूनी जागरूकता से मजबूत होगा समाज
कानून की जानकारी केवल कानूनी पेशे से जुड़े लोगों के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि आम नागरिकों और विद्यार्थियों के लिए भी इसका महत्व है। अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों की जानकारी होने से लोग शोषण, हिंसा और अन्याय के खिलाफ उचित कदम उठा सकते हैं।
बोड़ाम में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों और ग्रामीणों को इसी दिशा में जागरूक करने का प्रयास किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्वी सिंहभूम के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 20 अगस्त 2026 को आदिवासी उच्च विद्यालय, बोड़ाम में आयोजित विधिक जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण और ज्ञानवर्धक रहा। कक्षा 9वीं और 10वीं के करीब 200 विद्यार्थियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की कार्यप्रणाली, सरकारी योजनाओं और कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी गई।
मुख्य अतिथि योगिता कुमारी ने बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी, पोक्सो एक्ट, गुड टच-बैड टच, नशा उन्मूलन, डायन प्रथा, घरेलू हिंसा और पीड़ित मुआवजा योजना सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विद्यार्थियों को जागरूक किया।
इसके अलावा डालसा टीम ने केंदडीह गांव में ग्रामीणों के बीच भी कानूनी जागरूकता अभियान चलाया। इस प्रकार के कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों को उनके अधिकारों और कानूनी सहायता के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


















