जमशेदपुर: Srinath यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस वर्ष का दूसरा मेगा अप्रेंटिसशिप कम जॉब फेयर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन बीओपीटी-ईस्टर्न रीजन, भारत सरकार के सहयोग से किया गया। जॉब फेयर में 39 से अधिक कंपनियों और रिक्रूटर्स ने हिस्सा लिया और विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए 1,000 से अधिक नौकरी और अप्रेंटिसशिप के अवसर उपलब्ध कराए गए।
इस जॉब फेयर का उद्देश्य विद्यार्थियों को सीधे उद्योग और कंपनियों से जोड़ना तथा उन्हें रोजगार की वास्तविक संभावनाओं से परिचित कराना था। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को अलग-अलग कंपनियों के प्रतिनिधियों से बातचीत करने, उपलब्ध पदों की जानकारी लेने और अपनी योग्यता के अनुसार अवसर चुनने का मौका मिला।
39 से अधिक कंपनियों ने लिया हिस्सा
मेगा जॉब फेयर में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी 39 से अधिक कंपनियों और रिक्रूटर्स ने भाग लिया। कंपनियों के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों से बातचीत की और रोजगार एवं अप्रेंटिसशिप से संबंधित अवसरों की जानकारी दी।
एक ही स्थान पर बड़ी संख्या में कंपनियों की मौजूदगी से विद्यार्थियों को अलग-अलग संस्थानों में उपलब्ध नौकरियों को समझने और अपनी रुचि एवं योग्यता के अनुसार अवसर तलाशने का मौका मिला।
युवाओं के लिए 1,000 से अधिक अवसर
जॉब फेयर में विद्यार्थियों और युवाओं के लिए 1,000 से अधिक नौकरी और अप्रेंटिसशिप के अवसर उपलब्ध कराए गए। रोजगार के इन अवसरों ने युवाओं को अपने करियर की शुरुआत के लिए बेहतर मंच प्रदान किया।
अप्रेंटिसशिप के अवसर विशेष रूप से विद्यार्थियों के लिए उपयोगी रहे, क्योंकि इनके माध्यम से उन्हें पढ़ाई के साथ उद्योग की कार्यप्रणाली और व्यावहारिक अनुभव को समझने का मौका मिलता है।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलन के साथ हुई। उद्घाटन समारोह में कंपनियों के प्रतिनिधि, रिक्रूटर्स, विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।
कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने विद्यार्थियों को रोजगार की बदलती जरूरतों और उद्योग में सफल होने के लिए आवश्यक कौशल के बारे में जानकारी दी।
क्रॉस लिमिटेड के जनरल मैनेजर रहे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में क्रॉस लिमिटेड के जनरल मैनेजर-एचआर एंड एडमिनिस्ट्रेशन श्री रमाकांत गिरि मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए रोजगार के लिए जरूरी कौशल और उद्योग की अपेक्षाओं के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव हासिल करने पर जोर दिया। उनके अनुसार वर्तमान प्रतिस्पर्धी माहौल में केवल शैक्षणिक योग्यता पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के पास उद्योग से जुड़ा व्यावहारिक ज्ञान और आवश्यक कौशल भी होना चाहिए।
सी. राजा राव सम्मानित अतिथि के रूप में हुए शामिल
भारत सरकार के बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन के डिप्टी डायरेक्टर श्री सी. राजा राव कार्यक्रम में सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
उन्होंने अप्रेंटिसशिप और जॉब फेयर के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अप्रेंटिसशिप विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यस्थल के वातावरण को समझने और काम सीखने का अवसर देती है।
कुलाधिपति सुखदेव महतो ने किया स्वागत
उद्घाटन सत्र में श्रीनाथ यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति श्री सुखदेव महतो ने सभी उद्योग प्रतिनिधियों, रिक्रूटर्स और प्रतिभागियों का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि आज के समय में विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना पर्याप्त नहीं है। शिक्षा के साथ उन्हें उद्योग की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण और व्यावहारिक जानकारी भी दी जानी चाहिए।
उन्होंने इंडस्ट्री ओरिएंटेड ट्रेनिंग को विद्यार्थियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार शिक्षा संस्थानों और उद्योगों के बीच मजबूत संबंध विद्यार्थियों को रोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार करने में मदद कर सकते हैं।
इंडस्ट्री ओरिएंटेड ट्रेनिंग पर जोर
कुलाधिपति ने कहा कि रोजगार के बदलते स्वरूप को देखते हुए विद्यार्थियों को उद्योग की जरूरतों के अनुसार तैयार करना जरूरी है। इसके लिए विश्वविद्यालयों में इंडस्ट्री ओरिएंटेड ट्रेनिंग, स्किल डेवलपमेंट और व्यावहारिक शिक्षा पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
जॉब फेयर जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को सीधे कंपनियों के प्रतिनिधियों से जोड़कर इस अंतर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रमाकांत गिरि ने कौशल विकास को बताया जरूरी
मुख्य अतिथि श्री रमाकांत गिरि ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि रोजगार प्राप्त करने के लिए पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव भी जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी तकनीकी क्षमता के साथ कम्युनिकेशन, टीमवर्क, समस्या समाधान और कार्यस्थल के व्यवहार जैसे कौशल विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि उद्योग ऐसे युवाओं को प्राथमिकता देता है जो अपने विषय के ज्ञान के साथ उसे व्यवहारिक रूप से लागू करना भी जानते हों।
अप्रेंटिसशिप से मिलता है व्यावहारिक अनुभव
श्री सी. राजा राव ने अप्रेंटिसशिप के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को काम सीखने और उद्योग को करीब से समझने का अवसर मिलता है।
अप्रेंटिसशिप के दौरान युवा वास्तविक कार्य वातावरण में काम करने की प्रक्रिया, जिम्मेदारियों और उद्योग की कार्यशैली को समझ सकते हैं। इससे भविष्य में स्थायी रोजगार प्राप्त करने की उनकी संभावनाएं भी बेहतर हो सकती हैं।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि उन्हें उपलब्ध अप्रेंटिसशिप और रोजगार के अवसरों का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए।
विद्यार्थियों को कंपनियों से सीधे बातचीत का अवसर
जॉब फेयर में विद्यार्थियों को कंपनियों के प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत करने का मौका मिला। प्रतिभागियों ने उपलब्ध पदों, योग्यता, कार्यक्षेत्र और करियर की संभावनाओं के बारे में जानकारी हासिल की।
इस तरह के आयोजनों से विद्यार्थियों को यह समझने में मदद मिलती है कि कंपनियां नए उम्मीदवारों से किस प्रकार की योग्यता और कौशल की अपेक्षा करती हैं।
ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट विभाग ने दी जानकारी
कार्यक्रम के समापन सत्र में सीनियर डायरेक्टर-ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट श्री ए. के. शाही ने विश्वविद्यालय में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि श्रीनाथ यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों को इंडस्ट्री फोकस्ड, जॉब सेंट्रिक और स्टूडेंट स्पेसिफिक ट्रेनिंग देने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना और उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाना है।
जॉब सेंट्रिक ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान
विश्वविद्यालय की ओर से विद्यार्थियों को नौकरी के लिए तैयार करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाते हैं। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ उनकी व्यक्तिगत क्षमता और करियर लक्ष्य को भी ध्यान में रखा जाता है।
जॉब सेंट्रिक ट्रेनिंग के माध्यम से विद्यार्थियों को इंटरव्यू, कार्यस्थल की जरूरतों और उद्योग से जुड़ी व्यावहारिक परिस्थितियों के लिए तैयार करने का प्रयास किया जाता है।
वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार ने भी किया संबोधित
कार्यक्रम में श्रीनाथ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. एस. एन. सिंह और रजिस्ट्रार डॉ. याहया मजूमदार ने भी विद्यार्थियों और युवा प्रोफेशनल्स को संबोधित किया।

उन्होंने युवाओं को अपने कौशल को लगातार बेहतर बनाने और उपलब्ध रोजगार अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में युवाओं को अपने क्षेत्र में अपडेट रहने के साथ नई तकनीकों और कार्यशैली को सीखने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।
बड़ी संख्या में विद्यार्थी और युवा रहे मौजूद
मेगा जॉब फेयर में विद्यार्थियों और युवाओं की अच्छी भागीदारी रही। कार्यक्रम में श्री सुभदीप भादुड़ी, श्री विकास गुप्ता और श्री शुभम नायक सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, युवा और अन्य प्रतिभागी मौजूद रहे।
प्रतिभागियों ने विभिन्न कंपनियों के स्टॉल और चयन प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी हासिल की तथा रोजगार के संभावित अवसरों को समझा।

आयोजन को सफल बनाने में डॉ. जे. राजेश की महत्वपूर्ण भूमिका
जॉब फेयर की पूरी व्यवस्था को सफल बनाने में श्रीनाथ यूनिवर्सिटी के डीन एडमिनिस्ट्रेशन डॉ. जे. राजेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उन्होंने कार्यक्रम की तैयारियों, आवश्यक व्यवस्थाओं और आयोजन से जुड़े विभिन्न कार्यों की योजना बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने पूरी टीम के साथ समन्वय करते हुए कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में सहयोग किया।
इंडस्ट्री और यूनिवर्सिटी के बीच मजबूत हुआ कनेक्शन
इस मेगा जॉब फेयर ने विश्वविद्यालय और उद्योग जगत के बीच संपर्क को मजबूत करने का अवसर प्रदान किया। एक ही मंच पर कंपनियों और विद्यार्थियों के आने से दोनों पक्षों के बीच सीधा संवाद संभव हुआ।
जहां कंपनियों को संभावित उम्मीदवारों से मिलने का अवसर मिला, वहीं विद्यार्थियों को उद्योग की वास्तविक जरूरतों को समझने का मौका मिला।
रोजगार परक शिक्षा को बढ़ावा
Srinath यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित यह जॉब फेयर रोजगार परक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। वर्तमान समय में उच्च शिक्षा के साथ रोजगार योग्य कौशल विकसित करना विद्यार्थियों के लिए बेहद जरूरी है।
ऐसे आयोजनों के जरिए विद्यार्थियों को यह समझने में मदद मिलती है कि उनके विषय और कौशल का उद्योग में किस तरह उपयोग किया जा सकता है।
युवाओं के लिए करियर बनाने का बड़ा अवसर
1,000 से अधिक नौकरी और अप्रेंटिसशिप के अवसरों ने युवाओं को अपने करियर की दिशा तय करने का बड़ा मंच दिया। खासकर उन विद्यार्थियों के लिए यह आयोजन महत्वपूर्ण रहा जो अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार की तलाश कर रहे हैं या उद्योग में शुरुआती अनुभव हासिल करना चाहते हैं।
कंपनियों से सीधा संवाद करने के कारण विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं और करियर विकल्पों को लेकर बेहतर समझ विकसित करने का अवसर मिला।
Srinath यूनिवर्सिटी में आयोजित मेगा अप्रेंटिसशिप कम जॉब फेयर विद्यार्थियों और युवाओं के लिए रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण आयोजन साबित हुआ। भारत सरकार के बीओपीटी-ईस्टर्न रीजन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में 39 से अधिक कंपनियों और रिक्रूटर्स ने भाग लिया और 1,000 से अधिक नौकरी एवं अप्रेंटिसशिप के अवसर उपलब्ध कराए गए।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव, कौशल विकास और इंडस्ट्री ओरिएंटेड ट्रेनिंग के महत्व की जानकारी दी। विश्वविद्यालय के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट विभाग ने भी विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
कुलाधिपति श्री सुखदेव महतो, वाइस चांसलर डॉ. एस. एन. सिंह, रजिस्ट्रार डॉ. याहया मजूमदार सहित विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने युवाओं को अपने कौशल को लगातार बेहतर बनाने और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
39 से अधिक रिक्रूटर्स और 1,000 से ज्यादा रोजगार अवसरों वाला यह आयोजन युवाओं के लिए करियर की नई संभावनाएं खोलने के साथ-साथ श्रीनाथ यूनिवर्सिटी के स्किल डेवलपमेंट, इंडस्ट्री कनेक्ट और रोजगारपरक शिक्षा के प्रयासों को भी मजबूत करने वाला साबित हुआ।



















