प्रशांत महासागर में एक बेहद शक्तिशाली चक्रवाती तूफान ने दस्तक देकर जापान और चीन की चिंता बढ़ा दी है। इस Storm का नाम टाइफून ‘डॉल्फिन’ बताया जा रहा है। तूफान की तेज हवाओं और समुद्र में उठ रही ऊंची लहरों को देखते हुए जापान के कई इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
टाइफून की वजह से जापान के ओकिनावा और कागोशिमा क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित हुआ है। बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द की गई हैं, हजारों घरों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है और कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तूफान के आगे बढ़ने के साथ तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा बढ़ सकता है।
जापान में भूकंप के बाद अब तूफान का खतरा
जापान पहले से ही प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील देश है। पिछले कुछ समय से यहां भूकंप के झटकों और समुद्र में ऊंची लहरों को लेकर चिंता बनी हुई थी। सुनामी के खतरे की आशंकाओं ने वर्ष 2011 की विनाशकारी सुनामी की यादें भी ताजा कर दी थीं।
अब प्रशांत महासागर में बने शक्तिशाली टाइफून ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। जापान के मौसम विभाग ने तूफान की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी है। प्रशासन ने तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
टाइफून ‘डॉल्फिन’ की रफ्तार कितनी खतरनाक?
टाइफून डॉल्फिन की सबसे बड़ी चिंता इसकी तेज हवाओं को लेकर है। रिपोर्ट के अनुसार, तूफान के प्रभाव वाले इलाकों में हवाओं की रफ्तार करीब 144 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही है। वहीं हवा के तेज झोंकों की रफ्तार करीब 200 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई है।
तूफान के चीन की ओर बढ़ने पर भी इसकी रफ्तार काफी खतरनाक रह सकती है। कुछ क्षेत्रों में हवाओं की गति 50 से 162 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है, जबकि तेज झोंकों की रफ्तार 216 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

इतनी तेज गति वाली हवाएं पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर निर्माण वाले मकानों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इससे बिजली आपूर्ति और सड़क यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
जापान में 2.6 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
टाइफून के खतरे को देखते हुए जापान प्रशासन ने बड़े स्तर पर बचाव और राहत अभियान शुरू किया है। ओकिनावा और कागोशिमा क्षेत्र के करीब 2.6 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने लोगों से कहा है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। खासतौर पर समुद्र के किनारे, निचले इलाकों और बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
500 से ज्यादा उड़ानें रद्द
तूफान का असर जापान के हवाई यातायात पर भी पड़ा है। खराब मौसम और तेज हवाओं के कारण 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द की गई हैं। यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति जांचने और मौसम विभाग तथा एयरलाइंस के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
तूफान के दौरान तेज हवाओं के कारण विमानों के संचालन में खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए उड़ानों को रद्द या स्थगित करना प्रशासन और एयरलाइंस के लिए जरूरी कदम माना जाता है।
ओकिनावा में 14 हजार से ज्यादा घरों की बिजली गुल
टाइफून डॉल्फिन का असर जापान के ओकिनावा क्षेत्र में साफ दिखाई दे रहा है। तेज हवाओं के कारण 14 हजार से ज्यादा घरों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की जानकारी सामने आई है।
बिजली के खंभों और लाइनों को नुकसान पहुंचने की वजह से कई इलाकों में अंधेरा छा गया है। बिजली कंपनियां स्थिति सामान्य करने के लिए काम कर रही हैं, लेकिन तेज हवाओं और खराब मौसम के कारण मरम्मत कार्य में मुश्किलें आ सकती हैं।
बिजली कटौती के अलावा सड़कों पर पेड़ और अन्य मलबा गिरने की वजह से आवागमन भी प्रभावित होने की आशंका है।
कुमे द्वीप के पास पहुंचा टाइफून
जापान मौसम विभाग के अनुसार, टाइफून डॉल्फिन ओकिनावा के कुमे द्वीप के ऊपर पहुंच गया है। यह इलाका जापान की राजधानी टोक्यो से लगभग 160 किलोमीटर दूर उत्तर-पश्चिम दिशा में बताया गया है।
कुमे द्वीप को पार करने के बाद तूफान के पूर्वी चीन सागर की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके बाद इसका रुख चीन के पूर्वी तट की तरफ हो सकता है। इस वजह से जापान के साथ-साथ चीन के तटीय इलाकों में भी प्रशासन अलर्ट पर है।
समुद्र में 16.5 मीटर तक ऊंची लहरों का खतरा
टाइफून डॉल्फिन का सबसे बड़ा खतरा केवल तेज हवाओं से नहीं है। तूफान के कारण समुद्र में बेहद ऊंची और खतरनाक लहरें उठ सकती हैं।
जानकारी के मुताबिक, समुद्र में 12 से 16.5 मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका है। इतनी ऊंची समुद्री लहरें तटीय क्षेत्रों में भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं। समुद्र का पानी रिहायशी इलाकों और सड़कों तक पहुंचने का खतरा भी बढ़ सकता है।
इसी वजह से प्रशासन ने मछुआरों और समुद्र के नजदीक रहने वाले लोगों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी है।
चीन के पूर्वी तट पर भी बढ़ा खतरा
जापान को प्रभावित करने के बाद टाइफून डॉल्फिन के पूर्वी चीन सागर की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके बाद चीन के पूर्वी तटीय क्षेत्रों में भी तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा बढ़ सकता है।
चीन के तटीय इलाकों में प्रशासन ने मौसम की स्थिति पर नजर बढ़ा दी है। तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने पर शहरी क्षेत्रों में जलभराव, बाढ़ और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

भारी बारिश से बढ़ सकती हैं मुश्किलें
टाइफून के साथ तेज बारिश भी लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। कम समय में बहुत ज्यादा बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी भर सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है।
इसके अलावा नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। प्रशासन की ओर से लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है।
क्या 216 KM की हवा तबाही मचा सकती है?
216 किलोमीटर प्रति घंटे तक के हवा के झोंके बेहद खतरनाक हो सकते हैं। इस स्तर की हवा से कमजोर इमारतों को नुकसान, पेड़ों के गिरने, बिजली के खंभों के टूटने और संचार व्यवस्था बाधित होने का खतरा रहता है।

यदि तेज हवाओं के साथ समुद्र में ऊंची लहरें और भारी बारिश भी होती है, तो नुकसान कई गुना बढ़ सकता है। खासकर तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए ऐसी परिस्थितियां बेहद जोखिम भरी होती हैं।
हालांकि वास्तविक नुकसान इस बात पर निर्भर करेगा कि तूफान किस दिशा में और कितनी ताकत के साथ आगे बढ़ता है तथा उसका लैंडफॉल कहां होता है।
लोगों को घरों में रहने की सलाह
जापान में प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की अपील की है। लोगों को खिड़कियों और दरवाजों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, जरूरी सामान तैयार रखने और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए समुद्र के पास जाना विशेष रूप से खतरनाक हो सकता है। ऐसे में प्रशासन द्वारा जारी evacuation आदेशों को गंभीरता से लेने की जरूरत है।
लगातार तूफान की निगरानी कर रहे मौसम विभाग
जापान का मौसम विभाग टाइफून की दिशा, गति और ताकत पर लगातार नजर बनाए हुए है। तूफान के आगे बढ़ने के साथ इसकी तीव्रता में बदलाव हो सकता है।
मौसम विभाग की चेतावनियों के आधार पर प्रशासन राहत और बचाव की तैयारियों को आगे बढ़ा रहा है। लोगों से भी अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के बजाय आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करें।
प्रशांत महासागर में बना टाइफून डॉल्फिन जापान और चीन के लिए गंभीर मौसमीय खतरा बन सकता है। करीब 216 किलोमीटर प्रति घंटे तक के हवा के झोंके, 12 से 16.5 मीटर तक ऊंची समुद्री लहरें, तेज बारिश और बाढ़ जैसी परिस्थितियां तटीय इलाकों में बड़ी परेशानी पैदा कर सकती हैं।
जापान में पहले ही हजारों घरों की बिजली प्रभावित हो चुकी है और 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। करीब 2.6 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि टाइफून डॉल्फिन आगे किस दिशा में बढ़ता है और लैंडफॉल के समय इसकी ताकत कितनी रहती है।




















