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प्रोजेक्ट परख–तैयारी उड़ान के तहत परख ओलंपियाड examination संपन्न उपायुक्त मनीष कुमार ने किया परीक्षा केंद्र का निरीक्षण

On: August 3, 2026 5:57 PM
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चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और उन्हें प्रतियोगी examination के लिए बेहतर ढंग से तैयार करने के उद्देश्य से संचालित ‘प्रोजेक्ट परख–तैयारी उड़ान’ के अंतर्गत रविवार को परख ओलंपियाड परीक्षा का सफल आयोजन किया गया। जिले के तीन परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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परीक्षा के दौरान पूरी व्यवस्था शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और पारदर्शी रही। जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग ने परीक्षा के सफल संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले से ही सुनिश्चित कर ली थीं, जिससे परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।

उपायुक्त मनीष कुमार ने टाटा कॉलेज परीक्षा केंद्र का किया निरीक्षण

परीक्षा की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार स्वयं चाईबासा स्थित टाटा कॉलेज परीक्षा केंद्र पहुंचे।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने परीक्षा कक्षों का भ्रमण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से परीक्षा संचालन की प्रक्रिया की जानकारी ली तथा यह सुनिश्चित किया कि सभी परीक्षार्थियों को शांत और अनुकूल वातावरण में परीक्षा देने का अवसर मिले।

उपायुक्त ने परीक्षा केंद्र पर मौजूद विद्यार्थियों से भी बातचीत की और उनकी सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

पेयजल प्रकाश और बैठने की व्यवस्था का लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने परीक्षा केंद्र पर उपलब्ध पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, पंखों की कार्यशीलता, बैठने की व्यवस्था, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं की विस्तार से जांच की।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान किसी भी विद्यार्थी को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। यदि कहीं कोई कमी दिखाई दे तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि बेहतर परीक्षा वातावरण विद्यार्थियों के प्रदर्शन को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है, इसलिए सभी व्यवस्थाओं का सुचारु होना अत्यंत आवश्यक है।

प्रोजेक्ट परख–तैयारी उड़ान से विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

परीक्षा समाप्त होने के बाद उपायुक्त मनीष कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘प्रोजेक्ट परख–तैयारी उड़ान’ जिले के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल है।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता का आकलन करना, उनकी प्रतिस्पर्धात्मक सोच को विकसित करना तथा उन्हें बोर्ड परीक्षाओं एवं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना है।

उन्होंने कहा कि यदि छात्र नियमित अभ्यास, अनुशासन और समर्पण के साथ अध्ययन करें तो वे किसी भी प्रतियोगिता में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

विद्यार्थियों को अनुशासन और निरंतर अध्ययन का दिया संदेश

अपने संबोधन में उपायुक्त ने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर अध्ययन, समय का सही प्रबंधन और सकारात्मक सोच ही विद्यार्थियों को उनके लक्ष्य तक पहुंचाती है।

उन्होंने छात्रों से कहा कि वे केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने व्यक्तित्व, ज्ञान और कौशल का भी निरंतर विकास करें।

शीर्ष 100 विद्यार्थियों को मिलेगा विशेष शैक्षणिक सहयोग

उपायुक्त मनीष कुमार ने जानकारी दी कि परख ओलंपियाड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष 100 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा।

इन चयनित विद्यार्थियों को जिला प्रशासन की ओर से विशेष शैक्षणिक सहयोग, विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन, अकादमिक सहायता, नियमित मेंटरिंग तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य जिले के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का उचित अवसर प्रदान करना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है।

प्रोजेक्ट चेंज के तहत सामाजिक जागरूकता का भी दिया संदेश

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विद्यार्थियों को ‘प्रोजेक्ट चेंज’ की जानकारी भी दी।

उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए भी लगातार अभियान चला रहा है। इन अभियानों के माध्यम से विद्यार्थियों और आम नागरिकों को समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि शिक्षित युवा समाज में सकारात्मक परिवर्तन के सबसे बड़े वाहक होते हैं।

सड़क सुरक्षा से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक कई विषयों पर किया जागरूक

उपायुक्त ने विद्यार्थियों को विभिन्न सामाजिक विषयों पर चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की जानकारी दी।

उन्होंने विशेष रूप से—

  • सड़क सुरक्षा,
  • साइबर अपराध से बचाव,
  • नशामुक्ति अभियान,
  • स्वच्छता,
  • जल संरक्षण,
  • पर्यावरण संरक्षण,
  • बाल विवाह रोकथाम,
  • टीबी उन्मूलन,
  • कौशल विकास

जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए विद्यार्थियों से इन अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनना भी है।

शिक्षा विभाग और प्रशासन की रही सक्रिय भूमिका

परख ओलंपियाड परीक्षा के सफल आयोजन में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

परीक्षा के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली गई थीं। प्रशासनिक अधिकारियों ने परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी रखी।

निरीक्षण के दौरान प्रशिक्षु आईएएस, जिला शिक्षा अधीक्षक तथा शिक्षा विभाग के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे और परीक्षा संचालन की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को मिलेगा नया आयाम

‘प्रोजेक्ट परख–तैयारी उड़ान’ पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन की एक दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रतियोगी भावना विकसित करना, उनकी शैक्षणिक क्षमता को पहचानना और उन्हें उच्च स्तर की परीक्षाओं के लिए तैयार करना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को भी बढ़ावा देते हैं। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली छात्रों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी संदेश

परख ओलंपियाड परीक्षा के सफल आयोजन ने यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बेहतर समाज निर्माण का आधार भी है।

उपायुक्त मनीष कुमार ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को भी समझें, अनुशासन और ईमानदारी को जीवन का हिस्सा बनाएं तथा अपने ज्ञान का उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास में करें।

‘प्रोजेक्ट परख–तैयारी उड़ान’ के माध्यम से जिला प्रशासन का यह प्रयास निश्चित रूप से पश्चिमी सिंहभूम के विद्यार्थियों को नई दिशा देने, उनकी प्रतिभा को निखारने और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

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