जमशेदपुर । रंगमंच, साहित्य और ललित कला के संवर्धन के लिए समर्पित अखिल भारतीय सांस्कृतिक संस्था संस्कार भारती, जमशेदपुर इकाई द्वारा गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित ‘गुरु पूर्णिमा उत्सव सह पद्मश्री बाबा योगेन्द्रनाथ स्मृति सम्मान समारोह–2026’ श्रद्धा, सम्मान और सांस्कृतिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर शहर के वरिष्ठ नाट्य गुरु श्री अवतार सिंह को ‘पद्मश्री बाबा योगेन्द्रनाथ स्मृति सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
तुलसी भवन के चित्रकूट कक्ष में आयोजित समारोह का शुभारंभ अतिथियों के तुलसी पौधा भेंट कर स्वागत, दीप प्रज्ज्वलन तथा ध्येय गीत के साथ हुआ। ध्येय गीत की प्रस्तुति श्रीमती उपासना सिन्हा एवं कोषाध्यक्ष श्री नीलाम्बर चौधरी ने दी।
संस्कार भारती की अध्यक्ष डॉ. रागिनी भूषण ने स्वागत भाषण में गुरु पूर्णिमा के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. सुशील कुमार ‘अंकन’ का संदेश भी उपस्थित जनों के बीच पढ़कर सुनाया। समारोह में कोल्हान विभाग प्रमुख श्री विजय भूषण भी मंचासीन रहे।

वरिष्ठ सदस्य श्रीमती कृष्णा सिन्हा द्वारा प्रस्तुत गुरु वंदना ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद श्रीमती सरिता सिंह ने सम्मानित अतिथि नाट्य गुरु श्री अवतार सिंह का परिचय प्रस्तुत किया। सम्मान समारोह के दौरान उन्हें अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न एवं सम्मान पत्र भेंट कर पद्मश्री बाबा योगेन्द्रनाथ स्मृति सम्मान से अलंकृत किया गया।
सम्मान प्राप्त करने के बाद अपने संबोधन में श्री अवतार सिंह ने गुरु की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु हर क्षेत्र में विद्यमान हैं और उनकी प्रेरणा जीवन को नई दिशा देती है। उन्होंने नाटक, संगीत और नृत्य की विभिन्न विधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मंच पर प्रस्तुत नाटक दर्शकों के मन-मस्तिष्क पर गहरी छाप छोड़ता है और वर्षों तक याद रहता है।
इस अवसर पर डॉ. स्नेहलता ने कहा कि गुरु केवल शिक्षा देने वाले नहीं होते, बल्कि वे व्यक्तित्व निर्माण कर समाज को सही दिशा प्रदान करने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।
समारोह के द्वितीय सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुतियां हुईं। भजन, गीत, कविता, लोकनृत्य और एकांकी अभिनय के माध्यम से कलाकारों ने गुरु की महिमा का भावपूर्ण चित्र प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉ. आलोक मंजरी विदुषी, डॉ. पुष्पा कुमारी, धृतिमान मंडल, शुभम कुमार, डॉ. लक्ष्मी झा, डॉ. आशा गुप्ता, पूनम सिंह, नूपुर गोस्वामी, संगीता मिश्रा, सुनीता वेदी, बसंत जमशेदपुरी, आरती श्रीवास्तव विपुला, उपासना सिन्हा, सरिता सिंह, नीलम पेरीवाल, पूरबी घोष, राजेन्द्र साह ‘राज’, माधुरी मिश्रा और नीता सागर चौधरी सहित अनेक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के अंत में महामंत्री अरुणा भूषण ने सभी अतिथियों, कलाकारों एवं उपस्थित दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया। वंदे मातरम् के सामूहिक गायन और प्रसाद वितरण के साथ समारोह का समापन हुआ। यह आयोजन गुरु परंपरा के सम्मान, भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और कला-साधकों के सम्मान का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया।


















