जमशेदपुर: राष्ट्रीय Legal सेवा प्राधिकरण (नालसा) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के निर्देशानुसार तथा डालसा अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में पूर्वी सिंहभूम जिले में संचालित 90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान के तहत मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा), जमशेदपुर द्वारा सिविल कोर्ट परिसर स्थित न्याय सदन में एक आकर्षक विधिक जागरूकता प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य आम नागरिकों को उनके विधिक अधिकारों, निःशुल्क कानूनी सहायता तथा न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए उपलब्ध योजनाओं की जानकारी देना था।
प्रदर्शनी का उद्देश्य
इस विधिक प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर गरीब, कमजोर और वंचित लोगों को यह बताना था कि वे किस प्रकार निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही लोगों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, सेवाओं और कार्यक्रमों से अवगत कराया गया।
विभिन्न योजनाओं की दी गई जानकारी
प्रदर्शनी में नालसा एवं झालसा द्वारा संचालित कई महत्वपूर्ण योजनाओं को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया। इसमें निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, मध्यस्थता (मेडिएशन), पीड़ित प्रतिकर योजना, पारा विधिक स्वयंसेवकों (अधिकार मित्र) की भूमिका, विधिक जागरूकता कार्यक्रम तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पूर्वी सिंहभूम की विभिन्न उपलब्धियों और गतिविधियों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया।
प्रदर्शनी में लगाए गए सूचना बोर्ड, पोस्टर और पुस्तिकाओं के माध्यम से लोगों को यह समझाया गया कि किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से कैसे सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
लोगों ने दिखाई उत्साहपूर्ण भागीदारी
सिविल कोर्ट परिसर में आयोजित इस प्रदर्शनी में न्यायालय आने वाले वादकारियों, अधिवक्ताओं, कानून के विद्यार्थियों तथा आम नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। आगंतुकों ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और विधिक अधिकारों, सरकारी योजनाओं तथा निःशुल्क कानूनी सहायता संबंधी जानकारी प्राप्त की।
इस दौरान उपस्थित लोगों को विधिक योजनाओं से संबंधित पुस्तिकाएं, जागरूकता सामग्री एवं अन्य सूचना पत्र भी वितरित किए गए, ताकि वे भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर इन सेवाओं का लाभ उठा सकें।
विशेषज्ञों ने दिए कानूनी परामर्श
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने बताया कि प्रदर्शनी के दौरान मध्यस्थ अधिवक्ताओं, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्यों, अधिकारियों तथा पारा विधिक स्वयंसेवकों ने आगंतुकों को विभिन्न कानूनी सेवाओं की उपलब्धता, पात्रता, लोक अदालत की प्रक्रिया, मध्यस्थता के लाभ तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों में कानूनी जागरूकता विकसित करना और न्याय तक उनकी पहुंच को आसान बनाना भी है।
न्याय तक आसान पहुंच की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
कुमार सौरभ त्रिपाठी ने कहा कि 90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान के तहत आयोजित यह प्रदर्शनी समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों तक न्याय की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या का सामना करना पड़े तो वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं का लाभ अवश्य उठाएं।
विधिक जागरूकता अभियान रहेगा जारी
डालसा की ओर से बताया गया कि 90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आगे भी जागरूकता कार्यक्रम, विधिक शिविर, प्रदर्शनी, संवाद कार्यक्रम और जनसंपर्क अभियान आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक कानूनी जानकारी पहुंचाना तथा उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है।
सिविल कोर्ट परिसर स्थित न्याय सदन में आयोजित यह विधिक जागरूकता प्रदर्शनी न केवल आम नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों से परिचित कराने में सफल रही, बल्कि निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, मध्यस्थता और अन्य जनहितकारी योजनाओं की जानकारी देकर न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक प्रभावी प्रयास साबित हुई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की यह पहल समाज में विधिक साक्षरता बढ़ाने और प्रत्येक नागरिक को न्याय के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम मानी जा रही है।




















