गिरिडीह: समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने और जरूरतमंद लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति Awareness करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), गिरिडीह द्वारा शुक्रवार को सरिया प्रखंड मुख्यालय सभागार में एक दिवसीय प्रखंड स्तरीय कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम रांची DALSA के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह के चेयरमैन मार्तंड प्रताप मिश्रा एवं सचिव सफदर अली नैयर के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
शिविर में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता, सरकारी योजनाओं और उनके संवैधानिक अधिकारों की जानकारी देना था।
दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ DLSA के LADC डिप्टी चीफ गौरी शंकर सहाय, पैनल अधिवक्ता अमित कुमार, सरिया बीडीओ ललित नारायण तिवारी तथा सीएलएफ रीना देवी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक झारखंडी संस्कृति के अनुरूप हुई, जहां JSLPS की महिलाओं ने अतिथियों का जोहार माला और पुष्पगुच्छ भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया। इससे कार्यक्रम का माहौल और अधिक प्रेरणादायक एवं सकारात्मक बन गया।
समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना ही DLSA का उद्देश्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए LADC डिप्टी चीफ गौरी शंकर सहाय ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि आज भी कई लोग अपने अधिकारों और कानूनी सुविधाओं की जानकारी के अभाव में न्याय से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में विधिक जागरूकता शिविर लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी कानूनी समस्या या विवाद की स्थिति में विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क करें और उपलब्ध निःशुल्क सेवाओं का लाभ उठाएं।
कोई भी व्यक्ति पैसों के कारण न्याय से वंचित न रहे
पैनल अधिवक्ता अमित कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि आर्थिक कमजोरी किसी भी व्यक्ति के लिए न्याय पाने में बाधा नहीं बननी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से गरीब, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों को पूरी तरह मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
उन्होंने उपस्थित लोगों को बताया कि यदि कोई व्यक्ति अधिवक्ता रखने में सक्षम नहीं है, तो उसे विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है।
मुफ्त कानूनी सहायता और सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
शिविर के दौरान ग्रामीणों को विभिन्न कानूनी सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
बताया गया कि छोटे-छोटे विवादों का समाधान सुलह-समझौते के माध्यम से भी किया जा सकता है, जिससे लोगों का समय और धन दोनों की बचत होती है।

इसके अलावा लोगों को सलाह दी गई कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तथा कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) से संपर्क करें।
महिला अधिकार घरेलू हिंसा और बाल विवाह पर विशेष चर्चा
कार्यक्रम में महिलाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
अधिवक्ताओं ने महिला अधिकार, घरेलू हिंसा, बाल विवाह निषेध कानून, श्रम कानून, बच्चों के अधिकार तथा महिला सुरक्षा संबंधी कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
महिलाओं को बताया गया कि यदि उनके साथ किसी प्रकार का उत्पीड़न या अन्याय होता है, तो वे बिना किसी डर के विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क कर सकती हैं।
बीडीओ ने बताया राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य
सरिया प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) ललित नारायण तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत गठित विधिक सेवा प्राधिकार का उद्देश्य समाज के कमजोर, गरीब और जरूरतमंद वर्ग को न्याय दिलाना है।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे और कोई भी नागरिक केवल जानकारी के अभाव में अपने अधिकारों से वंचित न रहे।
उन्होंने ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तथा कानूनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन और विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क बनाए रखने की अपील की।
ग्रामीणों को अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को उनके मौलिक अधिकारों, सरकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और न्यायिक प्रक्रिया के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी गई।
विशेष रूप से महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, अनुसूचित जाति एवं जनजाति तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि सरकार और न्याय व्यवस्था का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को समान अवसर और न्याय उपलब्ध कराना है।
पंचायत प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों की रही सक्रिय भागीदारी
कानूनी Awareness शिविर में पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम में मुखिया प्रतिनिधि चिरुआ रफीक अंसारी, कोइरीडीह के बालेश्वर मरांडी, मंदरामो पश्चिमी के महेंद्र मंडल, बीपीआरओ संजय वर्णवाल, बीसीएसबीएम अमित वर्मा, PLV प्रदीप कुमार, सचिव बैजनाथ, कैलाश कुमार सहित सभी पंचायत सचिव, मुखिया एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने पूछे सवाल विशेषज्ञों ने दिए समाधान
शिविर के दौरान उपस्थित ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न कानूनी समस्याओं और सरकारी योजनाओं से जुड़े प्रश्न भी पूछे।
विशेषज्ञों ने सभी सवालों के सरल और व्यवहारिक उत्तर दिए तथा लोगों को बताया कि वे किस प्रकार अपने अधिकारों का उपयोग कर सकते हैं।
इस संवादात्मक सत्र से ग्रामीणों में कानूनी जानकारी के प्रति काफी उत्साह देखने को मिला।

विधिक जागरूकता शिविर का उद्देश्य हुआ सफल
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने कहा कि ऐसे शिविरों का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों को न्याय व्यवस्था से जोड़ना भी है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक मुफ्त कानूनी सहायता और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जा सके।
सरिया प्रखंड मुख्यालय में आयोजित प्रखंड स्तरीय कानूनी Awareness शिविर ने यह संदेश दिया कि “कोई भी व्यक्ति न्याय और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।” जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुफ्त कानूनी सहायता, महिला अधिकार, घरेलू हिंसा, बाल विवाह निषेध, श्रम कानून और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में निःसंकोच विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क करें। यह शिविर न्याय को आम जनता तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल साबित हुआ।




















