टेलीविजन इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री ईवा ग्रोवर ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर ऐसा खुलासा किया है, जिसने उनके प्रशंसकों को भावुक कर दिया है। बड़े अच्छे लगते हैं, करिश्मा का करिश्मा और शरारत जैसे लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों में अपनी शानदार अभिनय से पहचान बनाने वाली ईवा ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी शादीशुदा जिंदगी के कठिन दौर को साझा किया।
उन्होंने बताया कि उन्होंने महज 18 दिन की डेटिंग के बाद शादी करने का फैसला लिया, लेकिन यह निर्णय उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल साबित हुआ। अभिनेत्री के अनुसार, शादी के बाद उन्हें वर्षों तक घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना और शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। उनका यह खुलासा सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।
18 दिन की मुलाकात और फिर शादी का फैसला
ईवा ग्रोवर ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में बताया कि उनकी मुलाकात हैदर अली खान से एक कॉमन फ्रेंड के जरिए हुई थी। उस समय हैदर कतर एयरवेज में केबिन क्रू के रूप में कार्यरत थे और आर्थिक रूप से अच्छी स्थिति में थे।

ईवा ने बताया कि उस समय वह भी अपने अभिनय करियर में सफल थीं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर थीं। दोनों के बीच मुलाकातें बढ़ीं और केवल 18 दिनों की डेटिंग के बाद हैदर ने उन्हें शादी के लिए प्रपोज कर दिया।
उस समय उन्हें लगा कि उन्हें अपना जीवनसाथी मिल गया है और उन्होंने बिना ज्यादा समय लिए शादी का फैसला कर लिया।
परिवार की असहमति के बावजूद लिया बड़ा निर्णय
अभिनेत्री ने बताया कि दोनों अलग-अलग धर्म से थे। उनकी मां इस रिश्ते के पक्ष में नहीं थीं और उन्होंने इस शादी को लेकर चिंता भी जताई थी।
हालांकि, उस समय ईवा अपने फैसले को लेकर पूरी तरह आश्वस्त थीं। उन्हें विश्वास था कि प्यार हर मुश्किल को आसान बना देगा। लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही उन्हें महसूस होने लगा कि वास्तविकता उनकी उम्मीदों से बिल्कुल अलग है।
शादी के बाद शुरू हुआ कठिन दौर
ईवा ग्रोवर ने बताया कि शादी के बाद उनका वैवाहिक जीवन धीरे-धीरे तनावपूर्ण होता गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार, कई बार उनके साथ शारीरिक मारपीट भी की गई, जिससे वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गई थीं।
उन्होंने यह भी कहा कि उस समय वह लंबे समय तक यह सोचती रहीं कि शायद गलती उन्हीं की है और इसी वजह से वह चुपचाप सब कुछ सहती रहीं।
इंटीमेट मोमेंट्स के दौरान भी झेलनी पड़ी हिंसा
इंटरव्यू के दौरान ईवा ने अपनी जिंदगी के सबसे दर्दनाक अनुभवों में से एक का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि वैवाहिक जीवन के निजी पलों में भी उनके साथ हिंसक व्यवहार किया जाता था। इस अनुभव ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया और उनका आत्मविश्वास पूरी तरह प्रभावित हुआ।
उन्होंने बताया कि उस समय वह मानसिक रूप से बेहद कमजोर हो चुकी थीं और समझ नहीं पा रही थीं कि इस स्थिति से बाहर कैसे निकला जाए।
पति की मानसिक बीमारी का भी किया जिक्र
ईवा ग्रोवर ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि उनके पति स्किजोफ्रेनिया (Schizophrenia) जैसी मानसिक बीमारी से जूझ रहे थे।
उन्होंने कहा कि बाद में उन्हें इस बीमारी के बारे में जानकारी मिली। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी मानसिक बीमारी का होना किसी व्यक्ति द्वारा हिंसा करने का औचित्य नहीं बन सकता।
सालों तक खुद को ठहराती रहीं जिम्मेदार
अभिनेत्री ने बताया कि घरेलू हिंसा का सबसे बड़ा असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ा।
वह कई वर्षों तक खुद को ही हर समस्या का कारण मानती रहीं। उन्हें लगता था कि शायद अगर वह कुछ अलग करतीं तो उनका रिश्ता बच सकता था।
बाद में उन्होंने महसूस किया कि किसी भी प्रकार की हिंसा के लिए पीड़ित व्यक्ति जिम्मेदार नहीं होता।
घरेलू हिंसा पर खुलकर बोलने का फैसला
ईवा ग्रोवर का कहना है कि उन्होंने अपने अनुभव इसलिए साझा किए ताकि दूसरी महिलाएं ऐसी परिस्थितियों में खुद को अकेला महसूस न करें।
उनके अनुसार, यदि किसी रिश्ते में लगातार शारीरिक, मानसिक या भावनात्मक हिंसा हो रही है तो उस पर चुप रहने के बजाय मदद लेना जरूरी है।
उन्होंने महिलाओं को आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने और किसी भी प्रकार के अत्याचार को सामान्य मानकर स्वीकार न करने की सलाह दी।
फैंस हुए भावुक
ईवा ग्रोवर के इस इंटरव्यू के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनके साहस की सराहना की।
कई प्रशंसकों ने कहा कि इतने वर्षों बाद भी अपने दर्द को साझा करना आसान नहीं होता। वहीं कुछ लोगों ने घरेलू हिंसा जैसे गंभीर मुद्दे पर खुलकर बात करने के उनके फैसले का समर्थन किया।
घरेलू हिंसा एक गंभीर सामाजिक समस्या
विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू हिंसा केवल शारीरिक मारपीट तक सीमित नहीं होती। मानसिक उत्पीड़न, भावनात्मक दबाव, अपमानजनक व्यवहार और डर का माहौल भी हिंसा के दायरे में आते हैं।

ऐसे मामलों में समय रहते परिवार, मित्रों या संबंधित संस्थाओं से सहायता लेना महत्वपूर्ण माना जाता है।
ईवा ग्रोवर की कहानी यह बताती है कि केवल कुछ दिनों की पहचान या भावनात्मक आकर्षण के आधार पर जीवन का बड़ा निर्णय लेना कई बार मुश्किल परिस्थितियां पैदा कर सकता है। हालांकि, हर रिश्ता अलग होता है और किसी एक अनुभव के आधार पर सभी रिश्तों का आकलन नहीं किया जा सकता।
उनका अनुभव घरेलू हिंसा जैसे गंभीर मुद्दे पर जागरूकता बढ़ाने का अवसर भी देता है। किसी भी रिश्ते की बुनियाद सम्मान, विश्वास और सुरक्षा पर टिकी होती है। यदि किसी संबंध में लगातार हिंसा या उत्पीड़न हो रहा हो, तो उससे बाहर निकलने और सहायता लेने का निर्णय लेना व्यक्ति के आत्मसम्मान और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

















