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Murali इंटर कॉलेज में फ्रेशर्स डे एवं एमबीबीएस विदेश प्रवेश मार्गदर्शन कार्यक्रम का भव्य आयोजन

On: July 5, 2026 7:31 PM
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जमशेदपुर: Murali ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के अंतर्गत संचालित मुरली इंटर कॉलेज द्वारा फ्रेशर्स डे एवं विदेश में एमबीबीएस प्रवेश मार्गदर्शन कार्यक्रम (MBBS Abroad Admission Guidance Program) का भव्य आयोजन बिरसा मुंडा टाउन हॉल, सिदगोड़ा, जमशेदपुर में किया गया। यह कार्यक्रम न केवल नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत और उत्साहवर्धन के लिए आयोजित किया गया था, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए उच्च शिक्षा, विशेषकर विदेश में चिकित्सा शिक्षा के अवसरों के प्रति जागरूक करने का भी एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, शिक्षा विशेषज्ञों एवं गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

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नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत के साथ नई शुरुआत का संदेश

फ्रेशर्स डे का आयोजन कॉलेज में नए सत्र की शुरुआत के अवसर पर किया गया, जिसमें नवप्रवेशित विद्यार्थियों का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, ऊर्जा और प्रेरणा से भरपूर रहा। विद्यार्थियों के चेहरों पर नए सफर की खुशी साफ झलक रही थी। इस अवसर पर संस्थान परिवार की ओर से विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए यह संदेश दिया गया कि शिक्षा केवल परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, अनुशासन, आत्मविश्वास और जीवन के बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करने का आधार है।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को कॉलेज की शैक्षणिक परंपराओं, अनुशासन, सह-पाठयक्रम गतिविधियों और भविष्य की संभावनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। संस्थान प्रबंधन ने यह स्पष्ट किया कि मुरली इंटर कॉलेज विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तक आधारित शिक्षा तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें प्रतिस्पर्धी, जागरूक, सक्षम और करियर उन्मुख बनाने की दिशा में निरंतर कार्य करता है।

विदेश में एमबीबीएस की पढ़ाई पर विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विदेश में एमबीबीएस प्रवेश मार्गदर्शन सत्र रहा, जिसमें विद्यार्थियों और अभिभावकों को विदेश में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने की संपूर्ण प्रक्रिया के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि आज के समय में भारत के अनेक विद्यार्थी रूस, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, जॉर्जिया, नेपाल, किर्गिस्तान, फिलीपींस सहित अन्य देशों में मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विदेश में एमबीबीएस का विकल्प उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जो डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं, लेकिन विभिन्न कारणों से देश के निजी मेडिकल कॉलेजों की अत्यधिक फीस वहन नहीं कर पाते।

मार्गदर्शन सत्र के दौरान एमबीबीएस विदेश प्रवेश की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया, प्रवेश समय-सीमा, कॉलेज चयन, मान्यता, फीस संरचना, छात्रावास, सुरक्षा, भोजन व्यवस्था, भाषा संबंधी चुनौतियां और भविष्य में करियर की संभावनाओं जैसे विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि विदेश में मेडिकल शिक्षा लेने से पहले विद्यार्थियों और अभिभावकों को संबंधित विश्वविद्यालय की मान्यता, शैक्षणिक गुणवत्ता, क्लिनिकल एक्सपोजर, रहने की व्यवस्था तथा भारत में डिग्री की वैधता जैसे पहलुओं की गंभीरता से जांच करनी चाहिए।

कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा पर विशेष जोर

विशेषज्ञों ने अपने संबोधन में कहा कि विदेश में कई ऐसे मेडिकल विश्वविद्यालय हैं, जहां भारत की तुलना में अपेक्षाकृत कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने बताया कि यदि विद्यार्थी सही मार्गदर्शन और सही संस्थान का चयन करें, तो वे सीमित बजट में भी अपने डॉक्टर बनने के सपने को साकार कर सकते हैं। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि कई विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए स्कॉलरशिप, शुल्क में रियायत, आसान किस्तों में फीस भुगतान जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराते हैं।

अभिभावकों को यह जानकारी विशेष रूप से उपयोगी लगी कि विदेश में पढ़ाई के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, कौन-कौन से खर्च वास्तविक होते हैं और कौन सी जानकारियां भ्रम फैलाने वाली हो सकती हैं। विशेषज्ञों ने पारदर्शिता के साथ यह समझाने का प्रयास किया कि मेडिकल शिक्षा का निर्णय भावनात्मक नहीं, बल्कि तथ्यात्मक और सूचनात्मक आधार पर लिया जाना चाहिए।

विद्यार्थियों और अभिभावकों की जिज्ञासाओं का किया गया समाधान

कार्यक्रम की एक विशेष उपलब्धि यह रही कि इसमें उपस्थित विद्यार्थियों और अभिभावकों को सीधे विशेषज्ञों से संवाद करने का अवसर मिला। प्रश्नोत्तर सत्र में बड़ी संख्या में लोगों ने विदेश में एमबीबीएस से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे। इनमें प्रवेश प्रक्रिया, कुल खर्च, पढ़ाई की गुणवत्ता, भाषा की समस्या, रहने-खाने की व्यवस्था, सुरक्षा, डिग्री की मान्यता, भारत लौटने के बाद करियर, लाइसेंसिंग परीक्षा तथा आगे की पढ़ाई से संबंधित प्रश्न प्रमुख रहे।

विशेषज्ञों ने सभी प्रश्नों का सरल, स्पष्ट और व्यावहारिक उत्तर देते हुए अभिभावकों की शंकाओं का समाधान किया। इससे कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन न रहकर वास्तव में एक उपयोगी मार्गदर्शन मंच बन गया। कई अभिभावकों ने माना कि इस प्रकार के कार्यक्रम से उन्हें अपने बच्चों के भविष्य के बारे में सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

पद्मश्री सम्मानित श्रीमती जमुना टुडू रहीं मुख्य अतिथि

कार्यक्रम की गरिमा उस समय और बढ़ गई जब इसमें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित श्रीमती जमुना टुडू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनकी उपस्थिति ने विद्यार्थियों में विशेष उत्साह का संचार किया। उन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन में विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने, शिक्षा को प्राथमिकता देने और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि मेहनत, ईमानदारी और निरंतर प्रयास के बल पर कोई भी विद्यार्थी अपने जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है।

श्रीमती जमुना टुडू ने कहा कि आज के युवाओं के सामने अवसरों की कमी नहीं है, आवश्यकता केवल सही दिशा, सही मार्गदर्शन और दृढ़ इच्छाशक्ति की है। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी प्रेरित किया कि वे शिक्षा के माध्यम से न केवल अपने परिवार का नाम रोशन करें, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी सार्थक योगदान दें।

विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने बढ़ाई कार्यक्रम की शोभा

कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित अतिथियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने अपने अनुभव और विचारों से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. एस. एन. मंडल, श्रीमती पूजा श्रीवास्तव, अंकित, सोनिया जी, आशीष दे, एनसीए कंप्यूटर से श्री दुलाल महतो, श्री कालिंदी, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक श्री रामस्वरूप यादव तथा श्रीमती संध्या प्रधान शामिल रहे। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें अनुशासन, मेहनत, सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की आदत अपनाने की सलाह दी।

अतिथियों ने इस बात की सराहना की कि मुरली इंटर कॉलेज और मुरली ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों को बदलते समय के अनुसार करियर मार्गदर्शन, प्रतिस्पर्धी शिक्षा और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ने का सार्थक प्रयास कर रहे हैं।

निदेशक पी. के. मुरली ने विद्यार्थियों को दिया प्रेरक संदेश

संस्थान के निदेशक श्री पी. के. मुरली ने अपने संबोधन में कहा कि मुरली ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ देश और विदेश में उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही दिशा, कौशल, अनुशासन और मेहनत के साथ आगे बढ़ना आवश्यक है।

उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि वे अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहेंगे, नियमित अध्ययन करेंगे, समय का सदुपयोग करेंगे और अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन का पालन करेंगे, तो सफलता निश्चित रूप से उनके कदम चूमेगी। उन्होंने अभिभावकों का भी आभार व्यक्त किया कि उन्होंने संस्थान पर विश्वास जताया और अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस कार्यक्रम में भागीदारी की।

शिक्षकों, कर्मचारियों और सहयोगी टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका

कार्यक्रम की सफलता में संस्थान के शिक्षकों, कर्मचारियों और सहयोगी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से जिम्मेदारी निभाई और कार्यक्रम को व्यवस्थित, प्रेरणादायी तथा उपयोगी बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया।

इस अवसर पर भूतपूर्व आर्मी, एयर फोर्स, आर्मी एवं नेवी टीम से जुड़े सदस्यों का भी विशेष योगदान रहा। सहयोग करने वालों में श्री सुशील कुमार, शशिकला, नमिता, निशा, रंजना देवी, श्री एस. मिस्त्री, छवि, दिव्यांशी, तनिषा, टीना, देवी राणा, सुदीप दत्ता, अर्पित, गोपाल, स्नेहा और आरती सहित अनेक सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

इसके अतिरिक्त संस्थान के सलाहकार श्री अनिल कुमार मौर्या का योगदान भी सराहनीय रहा। उन्होंने आयोजन की रूपरेखा, समन्वय और कार्यक्रम संचालन को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संस्थान प्रबंधन ने सभी सहयोगियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और टीम सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

शिक्षा के साथ करियर मार्गदर्शन का प्रभावी संगम

यह आयोजन इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण बना कि यदि शैक्षणिक संस्थान केवल कक्षाओं तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों को करियर, प्रतिस्पर्धा और वैश्विक अवसरों के प्रति जागरूक करें, तो उसका सकारात्मक प्रभाव दूरगामी हो सकता है। फ्रेशर्स डे जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में अपनापन, आत्मविश्वास और प्रेरणा का संचार करते हैं, वहीं विदेश में एमबीबीएस प्रवेश मार्गदर्शन जैसे सत्र उनके करियर को नई दिशा देने का कार्य करते हैं।

मुरली इंटर कॉलेज द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों के लिए एक उपयोगी, प्रेरक और ज्ञानवर्धक मंच साबित हुआ। इससे यह संदेश भी गया कि संस्थान विद्यार्थियों के समग्र विकास, उच्च शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के प्रति गंभीर और प्रतिबद्ध है।

राष्ट्रगान के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम का समापन गरिमामय वातावरण में राष्ट्रगान के साथ हुआ। समापन के समय विद्यार्थियों, अभिभावकों और अतिथियों के बीच संतोष, उत्साह और प्रेरणा का भाव स्पष्ट दिखाई दे रहा था। उपस्थित लोगों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को सही दिशा देने, अभिभावकों की शंकाएं दूर करने और शिक्षा को करियर से जोड़ने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।

Murali इंटर कॉलेज का यह प्रयास निश्चित रूप से शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जाएगा। संस्थान द्वारा भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने की उम्मीद जताई गई, ताकि विद्यार्थियों को समय-समय पर नई जानकारी, करियर मार्गदर्शन और प्रेरणा मिलती रहे।

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