
जमशेदपुर। शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रही नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी (NSU) ने विद्यार्थियों के लिए एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 5 वर्षीय एकीकृत बीए-एलएलबी (BA-LLB) पाठ्यक्रम की शुरुआत कर दी है। विश्वविद्यालय ने इस नए कोर्स के लिए 60 सीटों पर नामांकन प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इससे झारखंड सहित आसपास के राज्यों के उन विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी, जो कानून के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं।

कानूनी शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत हो रहा विश्वविद्यालय
विश्वविद्यालय का विधि विभाग पहले से ही अपनी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए जाना जाता है। वर्ष 2019 से यहां एलएलबी और बीबीए-एलएलबी पाठ्यक्रमों का सफल संचालन किया जा रहा है। इसके बाद वर्ष 2022 में विश्वविद्यालय को एलएलएम (LLM) पाठ्यक्रम संचालित करने की भी स्वीकृति मिली। अब बीए-एलएलबी की शुरुआत के साथ विश्वविद्यालय कानूनी शिक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा रहा है।
‘यह विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर’
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने नए पाठ्यक्रम की शुरुआत पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि बीए-एलएलबी कोर्स की शुरुआत विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में कुशल, संवेदनशील और जिम्मेदार विधि विशेषज्ञ बनकर देश की न्याय व्यवस्था को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभा सकें।
अनुभवी फैकल्टी और आधुनिक शिक्षण व्यवस्था
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रभात कुमार पाणी ने बताया कि बीए-एलएलबी पाठ्यक्रम के लिए अनुभवी एवं विशेषज्ञ फैकल्टी सदस्यों की टीम तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि कानून की व्यावहारिक समझ भी विकसित कराई जाएगी। विश्वविद्यालय का लक्ष्य छात्रों को उत्कृष्ट शिक्षा के साथ बेहतर करियर के अवसर उपलब्ध कराना है।
मूट कोर्ट और आधुनिक लाइब्रेरी की सुविधा
विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार, नए पाठ्यक्रम के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है। इसमें मूट कोर्ट, आधुनिक लॉ लाइब्रेरी तथा अन्य शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे विद्यार्थियों को न्यायालयीन कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।
60 सीटों पर नामांकन जारी
बीए-एलएलबी पाठ्यक्रम में केवल 60 सीटें उपलब्ध हैं। सीमित सीटों को देखते हुए विश्वविद्यालय ने इच्छुक विद्यार्थियों से शीघ्र आवेदन करने की अपील की है। छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट अथवा पोखारी स्थित कैंपस में जाकर नामांकन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
कानून के क्षेत्र में करियर बनाने का सुनहरा अवसर
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी में बीए-एलएलबी पाठ्यक्रम शुरू होने से झारखंड के विद्यार्थियों को राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी। आधुनिक शिक्षण व्यवस्था, अनुभवी फैकल्टी और व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ यह पाठ्यक्रम कानून के क्षेत्र में सफल करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकता है।














