
जमशेदपुर: गोलमुरी स्थित आर.डी. टाटा टेक्निकल एजुकेशन सेंटर NTTF में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए 15 दिवसीय ‘रोप-इन’ (Rope-In) प्रशिक्षण कार्यक्रम का उत्साहपूर्ण वातावरण में शुभारंभ किया गया। टाटा स्टील फाउंडेशन एवं NTTF के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को संस्थान की कार्यसंस्कृति, अनुशासन, तकनीकी शिक्षा की आवश्यकताओं, उद्योगों की अपेक्षाओं तथा समग्र व्यक्तित्व विकास से परिचित कराना है।

कार्यक्रम के पहले दिन विद्यार्थियों में काफी उत्साह देखने को मिला। संस्थान प्रबंधन ने इसे विद्यार्थियों के शैक्षणिक और व्यावसायिक जीवन की मजबूत शुरुआत बताते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण भविष्य की चुनौतियों के लिए उन्हें मानसिक, शारीरिक और व्यावसायिक रूप से तैयार करेगा।
प्राचार्य प्रीता जॉन ने किया कार्यक्रम का उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान की प्राचार्य प्रीता जॉन ने किया। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें एनटीटीएफ परिवार का हिस्सा बनने पर शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि कौशल आधारित शिक्षा (Skill-Based Education) सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि भारत तेजी से औद्योगिक और तकनीकी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित और दक्ष मानव संसाधन तैयार करना अत्यंत आवश्यक है। एनटीटीएफ इसी उद्देश्य के साथ वर्षों से गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्रदान कर रहा है।
आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में कौशल विकास की अहम भूमिका
प्रीता जॉन ने अपने संबोधन में कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में कौशल विकास की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। आधुनिक उद्योगों को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो तकनीकी रूप से दक्ष होने के साथ-साथ अनुशासित, जिम्मेदार और टीमवर्क में विश्वास रखने वाले हों।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे प्रशिक्षण के प्रत्येक सत्र को गंभीरता से लें, समय का सदुपयोग करें और सीखने की निरंतर इच्छा बनाए रखें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह 15 दिवसीय कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और व्यावसायिक कौशल को नई दिशा देगा।

अनुशासन, समयपालन और टीमवर्क पर दिया गया विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि तकनीकी शिक्षा केवल मशीनों और तकनीक तक सीमित नहीं होती, बल्कि अनुशासन, समयपालन, जिम्मेदारी और टीम भावना भी एक सफल पेशेवर की पहचान होती है।
प्राचार्य ने विद्यार्थियों से कहा कि वे समय की पाबंदी को अपनी आदत बनाएं और प्रत्येक गतिविधि में सक्रिय रूप से भाग लें। उन्होंने कहा कि उद्योगों में सफलता प्राप्त करने के लिए तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ सकारात्मक व्यवहार और प्रभावी संवाद कौशल भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
15 दिनों तक होंगे विविध प्रशिक्षण और गतिविधियां
संस्थान की ओर से बताया गया कि 15 दिवसीय ‘रोप-इन’ कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए अनेक शैक्षणिक, शारीरिक और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
इन गतिविधियों में योग, समूह पीटी (Physical Training), टीम बिल्डिंग एक्सरसाइज, व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल, नेतृत्व विकास, समूह चर्चा, प्रेरक व्याख्यान, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा तकनीकी एवं व्यवहारिक अभ्यास शामिल होंगे।
इन सभी गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, टीमवर्क, निर्णय लेने की क्षमता, नेतृत्व गुण और व्यावसायिक दक्षताओं का विकास करना है।
उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार होंगे विद्यार्थी
संस्थान प्रबंधन ने बताया कि एनटीटीएफ का प्रशिक्षण मॉडल पूरी तरह उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है ताकि वे प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सीधे उद्योगों में कार्य करने के लिए तैयार हो सकें।
संस्थान में आधुनिक मशीनों, तकनीकी प्रयोगशालाओं और अनुभवी प्रशिक्षकों की सहायता से विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक वातावरण का अनुभव कराया जाता है। इससे उनके रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ती हैं।

अभिभावकों के लिए भी आयोजित किया गया विशेष परामर्श सत्र
कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों के लिए एक विशेष काउंसलिंग एवं ओरिएंटेशन सत्र भी आयोजित किया गया। इस सत्र में संस्थान की कार्यप्रणाली, प्रशिक्षण व्यवस्था, अनुशासन, पाठ्यक्रम, उद्योगों के साथ साझेदारी, प्लेसमेंट प्रक्रिया तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं।
संस्थान प्रबंधन ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता में परिवार और अभिभावकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यदि अभिभावक और संस्थान मिलकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करें तो उनके बेहतर भविष्य की मजबूत नींव रखी जा सकती है।
NTTF की गुणवत्ता और राष्ट्रीय मान्यता
संस्थान ने जानकारी दी कि एनटीटीएफ (Nettur Technical Training Foundation) भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अंतर्गत नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (NCVET) द्वारा मान्यता प्राप्त Awarding Body एवं Assessment Agency है।
संस्थान का उद्देश्य उद्योगों के लिए ऐसे तकनीकी पेशेवर तैयार करना है जो आधुनिक तकनीक, अनुशासन, नवाचार और व्यावसायिक उत्कृष्टता के साथ कार्य करने में सक्षम हों। वर्षों से एनटीटीएफ देशभर के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के लिए कुशल तकनीशियनों और इंजीनियरिंग पेशेवरों का निर्माण करता आ रहा है।
तकनीकी शिक्षा के साथ जीवन मूल्यों पर भी विशेष ध्यान
संस्थान का मानना है कि केवल तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। एक सफल पेशेवर बनने के लिए नैतिक मूल्य, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी, सकारात्मक सोच और बेहतर संवाद कौशल भी आवश्यक हैं।
इसी सोच के साथ रोप-इन कार्यक्रम में विद्यार्थियों को तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ जीवन मूल्यों, कार्यस्थल की नैतिकता, पेशेवर व्यवहार, सहयोग की भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व के बारे में भी प्रशिक्षित किया जाएगा।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
टाटा स्टील फाउंडेशन एवं आर.डी. टाटा टेक्निकल एजुकेशन सेंटर के संयुक्त प्रयास से आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। संस्थान का लक्ष्य ऐसे युवा तैयार करना है जो केवल तकनीकी रूप से सक्षम ही नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
प्रबंधन का कहना है कि इस प्रकार के ओरिएंटेशन कार्यक्रम से विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक वातावरण में सहज होने, आत्मविश्वास बढ़ाने और अपने करियर के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण विकसित करने में मदद मिलती है।
राष्ट्रगान के साथ हुआ उद्घाटन समारोह का समापन
कार्यक्रम का सफल संचालन मृण्मय कुमार महतो एवं ज्योति ठाकुर ने संयुक्त रूप से किया। पूरे आयोजन के दौरान विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और संस्थान के अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
अंत में राष्ट्रगान के साथ उद्घाटन समारोह का समापन हुआ। संस्थान प्रबंधन ने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी 15 दिनों का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, तकनीकी दक्षता, नेतृत्व क्षमता और रोजगारोन्मुख कौशल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा उन्हें भविष्य की औद्योगिक चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने के लिए तैयार करेगा।















