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Tata स्टील ने जमशेदपुर एयरपोर्ट पर व्यापक आपातकालीन अभ्यास आयोजित किया

On: June 11, 2026 4:34 PM
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जमशेदपुर: Tata स्टील एविएशन सर्विसेज ने मंगलवार सुबह जमशेदपुर एयरपोर्ट पर पूर्ण स्तरीय आपातकालीन अभ्यास (फुल स्केल इमरजेंसी एक्सरसाइज–FSEE) का सफल आयोजन किया। यह अभ्यास सुबह 9:30 बजे शुरू हुआ और इसे डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) द्वारा निर्धारित सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CAR) के प्रावधानों के अनुरूप संचालित किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित विमान दुर्घटना या अन्य आपातकालीन स्थिति में संबंधित एजेंसियों की तैयारी, समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करना था।

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सार्वजनिक उपयोग वाले एयरपोर्ट पर सुरक्षा मानकों की हुई समीक्षा

जमशेदपुर एयरपोर्ट सार्वजनिक उपयोग श्रेणी के अंतर्गत लाइसेंस प्राप्त हवाई अड्डा है, जिसका संचालन Tata स्टील के एविएशन विभाग द्वारा किया जाता है। नियामकीय प्रावधानों के अनुसार ऐसे हवाई अड्डों पर समय-समय पर फुल स्केल इमरजेंसी एक्सरसाइज आयोजित करना अनिवार्य होता है, ताकि किसी भी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में सभी संबंधित एजेंसियां समन्वित रूप से कार्य कर सकें।

इस अभ्यास के माध्यम से एयरपोर्ट पर लागू आपदा प्रबंधन प्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और बचाव तंत्र की प्रभावशीलता का आकलन किया गया। साथ ही यह भी देखा गया कि किसी वास्तविक आपात स्थिति में कितनी तेजी और दक्षता के साथ राहत एवं बचाव कार्य किए जा सकते हैं।

विमान दुर्घटना की काल्पनिक स्थिति बनाकर किया गया अभ्यास

मॉक ड्रिल के दौरान एक काल्पनिक विमान दुर्घटना का परिदृश्य तैयार किया गया। सूचना मिलते ही एयरपोर्ट की आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली सक्रिय हो गई और विभिन्न एजेंसियों ने अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए बचाव कार्य शुरू किया।

अभ्यास के दौरान अग्निशमन दल ने आग पर नियंत्रण पाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया, जबकि चिकित्सा टीमों ने घायलों को प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था का अभ्यास किया। इसके साथ ही संचार व्यवस्था, कंट्रोल रूम संचालन, राहत एवं बचाव समन्वय और सुरक्षा प्रबंधन की भी व्यापक जांच की गई।

विभिन्न एजेंसियों ने निभाई सक्रिय भूमिका

इस आपातकालीन अभ्यास में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, एयरपोर्ट सुरक्षा कर्मी, Tata स्टील फायर एंड सिक्योरिटी सर्विसेज, नगर अग्निशमन सेवा, सरकारी स्वास्थ्य एजेंसियां, Tata मेन हॉस्पिटल की चिकित्सा टीम, बीएसएनएल के प्रतिनिधि, एयरलाइन ऑपरेटर और एयरपोर्ट प्रशासन के अधिकारी सक्रिय रूप से शामिल हुए।

अभ्यास के दौरान सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित संचार व्यवस्था देखने को मिली, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि आपातकालीन परिस्थितियों में संयुक्त रूप से प्रभावी कार्रवाई करने की तैयारी मजबूत है।

आपदा प्रबंधन प्रणाली की तैयारियों का हुआ मूल्यांकन

फुल स्केल इमरजेंसी एक्सरसाइज का उद्देश्य केवल मॉक ड्रिल आयोजित करना नहीं था, बल्कि एयरपोर्ट की संपूर्ण आपदा प्रबंधन योजना की समीक्षा करना भी था। इसके तहत उपलब्ध संसाधनों, प्रशिक्षित मानवबल, अग्निशमन उपकरणों, एंबुलेंस सेवाओं, चिकित्सा सुविधाओं और संचार नेटवर्क की कार्यक्षमता का परीक्षण किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभ्यास वास्तविक आपात स्थितियों में त्वरित निर्णय लेने और बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे संभावित कमियों की पहचान कर उन्हें समय रहते दूर किया जा सकता है।

मीडिया प्रबंधन की जिम्मेदारी कॉरपोरेट कम्युनिकेशन विभाग ने संभाली

अभ्यास के दौरान सूचना प्रबंधन और मीडिया समन्वय की जिम्मेदारी Tata स्टील के कॉरपोरेट कम्युनिकेशन विभाग ने संभाली। आपातकालीन परिस्थितियों में सही और प्रमाणिक जानकारी समय पर उपलब्ध कराना भी आपदा प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इस पहलू का भी अभ्यास के दौरान परीक्षण किया गया।

के. के. पांडेय ने किया अभ्यास का संचालन

पूरे आपातकालीन अभ्यास की योजना, संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी Tata स्टील के सीनियर एग्जीक्यूटिव (एविएशन ऑपरेशंस) के. के. पांडेय ने संभाली। उनके नेतृत्व में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर पूरे अभ्यास को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।

उन्होंने बताया कि इस तरह के नियमित अभ्यास एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाते हैं तथा कर्मचारियों और संबंधित एजेंसियों को वास्तविक परिस्थितियों के लिए तैयार रखते हैं।

डीजीसीए को भेजी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट

अभ्यास के दौरान प्राप्त अनुभवों, निष्कर्षों और विभिन्न एजेंसियों के प्रदर्शन के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस रिपोर्ट को समीक्षा और नियामकीय अनुपालन के लिए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) को भेजा जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की नियमित मॉक ड्रिल न केवल विमानन सुरक्षा मानकों को मजबूत करती हैं, बल्कि किसी भी अप्रत्याशित आपदा की स्थिति में जान-माल के नुकसान को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जमशेदपुर एयरपोर्ट पर आयोजित यह व्यापक अभ्यास इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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