
चाईबासा: बढ़ती गर्मी और Heat वेव के खतरे को देखते हुए मंगलवार को Heat एक्शन डे 2026 के अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा में जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को भीषण गर्मी, लू (हीटवेव) और उससे होने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरों के प्रति जागरूक करना तथा जनस्वास्थ्य सुरक्षा को बढ़ावा देना था।

रैली का शुभारंभ सिविल सर्जन, डीएस एवं जिला आरसीएच पदाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने लोगों से गर्मी के मौसम में विशेष सावधानी बरतने और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।
गर्मी और लू के बढ़ते खतरे को लेकर विशेष अभियान
हर वर्ष गर्मी के मौसम में तापमान बढ़ने के साथ ही Heat वेव का खतरा भी बढ़ जाता है। अत्यधिक गर्मी के कारण कई बार लोगों को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा हीट एक्शन डे के अवसर पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि हीटवेव केवल असुविधा का कारण नहीं है, बल्कि यह कई बार जानलेवा भी साबित हो सकती है। विशेष रूप से बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं तथा पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोग इसके प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। इसलिए समय रहते जागरूकता और सावधानी अत्यंत आवश्यक है।
अधिकारियों ने दिया सावधानी बरतने का संदेश
रैली के शुभारंभ अवसर पर अधिकारियों ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान मौसम में तापमान लगातार बढ़ रहा है और ऐसे में लोगों को अपनी दिनचर्या में आवश्यक सावधानियां अपनानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि गर्मी के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, शरीर को हाइड्रेट रखना, हल्के और सूती कपड़े पहनना तथा दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना बेहद जरूरी है।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि किसी कारणवश धूप में निकलना आवश्यक हो तो सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढंककर निकलें और समय-समय पर पानी या अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहें।
जागरूकता रैली के माध्यम से दिया गया महत्वपूर्ण संदेश
स्वास्थ्य विभाग द्वारा निकाली गई रैली में विभिन्न स्लोगन, बैनर और पोस्टरों के माध्यम से लोगों को गर्मी से बचाव के उपाय बताए गए। रैली शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहां लोगों को हीटवेव के प्रति जागरूक किया गया।
रैली के दौरान यह संदेश दिया गया कि गर्मी को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, चक्कर आना, अत्यधिक पसीना आना, सिरदर्द, उल्टी, कमजोरी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
अभियान का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं था, बल्कि लोगों को व्यवहारिक रूप से तैयार करना भी था ताकि वे स्वयं और अपने परिवार को हीटवेव के प्रभाव से सुरक्षित रख सकें।
हीट स्ट्रोक के लक्षणों की दी गई जानकारी
रैली के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षणों के बारे में भी जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि हीट स्ट्रोक गर्मी से जुड़ी सबसे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है।
उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति में निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें तो तुरंत सावधानी बरतनी चाहिए—
- शरीर का अत्यधिक गर्म होना
- तेज बुखार
- चक्कर आना
- बेहोशी
- अत्यधिक कमजोरी
- तेज धड़कन
- सांस लेने में कठिनाई
- उल्टी या बेचैनी
ऐसी स्थिति में प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार स्थान पर ले जाना चाहिए, ठंडा पानी देना चाहिए तथा आवश्यक होने पर निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराना चाहिए।
बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान देने की अपील
स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि गर्मी का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है। छोटे बच्चे अक्सर खेलकूद के दौरान धूप में अधिक समय बिताते हैं, जिससे उनमें डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
वहीं बुजुर्गों की शारीरिक क्षमता अपेक्षाकृत कम होने के कारण वे भी गर्मी से जल्दी प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए परिवार के सदस्यों को चाहिए कि वे बच्चों और बुजुर्गों को पर्याप्त पानी पिलाएं और उन्हें लंबे समय तक धूप में न रहने दें।
इसके अलावा मधुमेह, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निभाई सक्रिय भूमिका
जागरूकता रैली में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, स्वास्थ्य स्वयंसेवकों तथा अन्य संबंधित कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
रैली के दौरान सभी प्रतिभागियों ने लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया और गर्मी से बचाव संबंधी संदेशों का प्रचार-प्रसार किया। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से ही जनजागरूकता अभियान को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
आशा कार्यकर्ताओं ने लोगों को घर-घर जाकर भी गर्मी से बचाव के उपायों की जानकारी देने का संकल्प लिया।
जनस्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर गंभीर है प्रशासन
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार गर्मी से होने वाले संभावित खतरों को लेकर गंभीर है। इसी क्रम में विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों को भी सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।
अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक दवाइयों और सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गर्मी के कारण किसी भी व्यक्ति को गंभीर स्वास्थ्य संकट का सामना न करना पड़े।
जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
विशेषज्ञों का मानना है कि Heat वेव से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता है। यदि लोग समय रहते सावधानी बरतें तो अधिकांश मामलों में गर्मी से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को रोका जा सकता है।
पर्याप्त पानी पीना, संतुलित भोजन करना, धूप से बचना और शरीर को ठंडा रखना जैसे सरल उपाय जीवनरक्षक साबित हो सकते हैं। यही संदेश स्वास्थ्य विभाग द्वारा हीट एक्शन डे के अवसर पर लोगों तक पहुंचाया गया।
Heat एक्शन डे 2026 के अवसर पर चाईबासा में आयोजित जागरूकता रैली ने लोगों को गर्मी और हीटवेव के खतरों के प्रति सचेत करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिए गए संदेशों और सुझावों का पालन कर आम नागरिक स्वयं को और अपने परिवार को भीषण गर्मी के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रख सकते हैं। बढ़ते तापमान के इस दौर में जागरूकता, सतर्कता और समय पर उपचार ही स्वास्थ्य सुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे गर्मी को हल्के में न लें और आवश्यक सावधानियों का पालन करते हुए सुरक्षित एवं स्वस्थ रहें।








