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20 चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ दो शातिर गिरफ्तार पश्चिमी सिंहभूम-Jamshedpur पुलिस ने अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का किया भंडाफोड़

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On: June 2, 2026 9:16 PM
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जमशेदपुर: पश्चिमी सिंहभूम और Jamshedpur पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में वाहन चोरी के एक बड़े अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 20 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। बरामद वाहनों की अनुमानित कीमत 25 से 30 लाख रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई को कोल्हान क्षेत्र में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी वाहन चोरी विरोधी सफलताओं में से एक माना जा रहा है।

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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के माध्यम से एक ऐसे संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो जमशेदपुर सहित कोल्हान क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से मोटरसाइकिल चोरी कर उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में कम कीमत पर बेचने का काम करता था। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।

गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक को वाहन चोरी से जुड़े एक सक्रिय गिरोह के संबंध में गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही एक विशेष टीम का गठन किया गया और नोवामुंडी थाना क्षेत्र में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया गया।

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी शुरू की। जांच के दौरान टीम को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया। पुलिस की रणनीतिक योजना के तहत विभिन्न संभावित ठिकानों पर नजर रखी गई और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों का अध्ययन किया गया।

पहला आरोपी गिरफ्तार पांच बाइक बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने नोवामुंडी थाना क्षेत्र के टुकानसाई निवासी सोनू लोहरा उर्फ भोला (20 वर्ष) को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।

उसकी निशानदेही पर पुलिस ने पांच चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं। बरामद वाहनों के दस्तावेजों और इंजन नंबर की जांच के बाद पुष्टि हुई कि ये वाहन विभिन्न स्थानों से चोरी किए गए थे।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी लंबे समय से वाहन चोरी के कारोबार से जुड़ा हुआ था और चोरी की मोटरसाइकिलों को सुरक्षित स्थानों पर छिपाकर रखने का काम करता था।

दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी से खुला बड़ा नेटवर्क

सोनू लोहरा से पूछताछ के दौरान पुलिस को गिरोह के दूसरे सदस्य के बारे में जानकारी मिली। इसके आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राज पुरती (23 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया।

राज पुरती की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को गिरोह के नेटवर्क और चोरी की मोटरसाइकिलों के भंडारण स्थलों के बारे में अहम जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी शुरू की।

जांच अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी ने पूरे नेटवर्क को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और इससे आगे भी कई खुलासे होने की संभावना है।

छोटानागरा और किरीबुरू में छापेमारी, 15 और बाइक बरामद

गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने छोटानागरा थाना क्षेत्र के टोंटोगाड़ा गांव तथा किरीबुरू थाना क्षेत्र के टाटीबा बिरहोर टोला में विशेष छापेमारी अभियान चलाया।

इन स्थानों से पुलिस ने 15 अन्य चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं। इस प्रकार कुल बरामद वाहनों की संख्या 20 तक पहुंच गई। पुलिस ने सभी वाहनों को जब्त कर थाना परिसर में सुरक्षित रखा है और उनके वास्तविक मालिकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

अधिकारियों का कहना है कि बरामद मोटरसाइकिलों में कई वाहन ऐसे हैं जिनकी चोरी की शिकायत पहले से विभिन्न थानों में दर्ज है।

महंगी और लोकप्रिय बाइकें बरामद

पुलिस द्वारा बरामद की गई मोटरसाइकिलों में कई लोकप्रिय और महंगी मॉडल शामिल हैं। इनमें:

  • होंडा एक्टिवा
  • बजाज पल्सर एनएस-200
  • यामाहा आर-15
  • यामाहा एफजेड
  • हीरो सुपर स्प्लेंडर
  • हीरो ग्लैमर

जैसे वाहन शामिल हैं।

पुलिस का कहना है कि इन मोटरसाइकिलों की बाजार कीमत को देखते हुए बरामद वाहनों का कुल मूल्य लगभग 25 से 30 लाख रुपये के बीच आंका गया है। इतनी बड़ी संख्या में वाहनों की बरामदगी से पुलिस को यह भी अंदेशा है कि गिरोह काफी समय से सक्रिय था।

ग्रामीण इलाकों में कम कीमत पर बेची जाती थीं चोरी की बाइकें

प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि गिरोह शहरों और बाजार क्षेत्रों से मोटरसाइकिल चोरी करने के बाद उन्हें ग्रामीण इलाकों में बेहद कम कीमत पर बेच देता था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, कई बार चोरी की बाइकें बिना किसी वैध दस्तावेज के बेची जाती थीं। कुछ मामलों में वाहन के इंजन और चेसिस नंबर से छेड़छाड़ किए जाने की भी आशंका जताई जा रही है।

गिरोह का मुख्य उद्देश्य कम समय में अधिक लाभ कमाना था। ग्रामीण क्षेत्रों में कम कीमत पर वाहन उपलब्ध होने के कारण कुछ लोग बिना पूरी जांच-पड़ताल के ऐसे वाहन खरीद लेते थे, जिससे चोरी के इस नेटवर्क को बढ़ावा मिलता था।

गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी

पुलिस का मानना है कि इस मामले में केवल दो लोगों की गिरफ्तारी से पूरा नेटवर्क समाप्त नहीं हुआ है। जांच में यह संभावना व्यक्त की जा रही है कि गिरोह में कई अन्य सदस्य भी शामिल हो सकते हैं, जो वाहन चोरी, परिवहन, छिपाने और बिक्री जैसे कार्यों में भूमिका निभाते थे।

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। इसके माध्यम से गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी

पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और चोरी की घटनाओं से जुड़े अन्य मामलों को भी इन आरोपियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपियों का संबंध किसी बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क से तो नहीं है और चोरी के वाहन किन-किन क्षेत्रों में बेचे गए।

वाहन मालिकों में जगी उम्मीद

इस बड़ी बरामदगी के बाद वाहन चोरी के शिकार लोगों में उम्मीद जगी है। पुलिस अब बरामद मोटरसाइकिलों के वास्तविक मालिकों का पता लगाने में जुटी हुई है। जिन लोगों की बाइक चोरी हुई थी, वे अब अपने वाहन वापस मिलने की संभावना से उत्साहित हैं।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उनका वाहन चोरी हुआ है तो संबंधित दस्तावेजों के साथ थाना संपर्क करें ताकि पहचान की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

वाहन चोरी के खिलाफ पुलिस की बड़ी उपलब्धि

कोल्हान क्षेत्र में लगातार बढ़ रही वाहन चोरी की घटनाओं के बीच यह कार्रवाई पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है। एक साथ 20 चोरी की मोटरसाइकिलों की बरामदगी और गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों की गिरफ्तारी से वाहन चोरों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि वाहन चोरी और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे अपने वाहनों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

पश्चिमी सिंहभूम और Jamshedpur पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने एक सक्रिय अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। दो आरोपियों की गिरफ्तारी और 20 चोरी की मोटरसाइकिलों की बरामदगी ने यह साबित किया है कि पुलिस संगठित अपराध के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में सक्षम है। मामले की जांच अभी जारी है और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी खुलासा होगा। यह कार्रवाई न केवल वाहन चोरी के मामलों पर अंकुश लगाने में मदद करेगी, बल्कि आम लोगों के बीच सुरक्षा और विश्वास की भावना को भी मजबूत करेगी।

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