
जमशेदपुर: Bagbeda क्षेत्र में स्टेशन से बड़ौदा घाट जाने वाले मुख्य मार्ग पर इंस्पेक्टर ऑफिस एवं सिद्धू कानू मैदान के नीचे नाला पर निर्माणाधीन बॉक्स ब्रिज पुलिया एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से पथ निर्माण विभाग द्वारा तैयार किया जा रहा यह महत्वपूर्ण पुलिया निर्माण कार्य तय समयसीमा के बावजूद अधूरा पड़ा हुआ है। स्थानीय जनता में लगातार बढ़ रही नाराजगी के बीच बागबेड़ा महानगर विकास समिति के अध्यक्ष सुबोध झा ने सरकार और विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

15 महीने में पूरा होना था निर्माण कार्य
जानकारी के अनुसार इस पुलिया का निर्माण कार्य करीब 15 महीने पहले शुरू किया गया था। विभागीय स्तर पर दावा किया गया था कि मई 2026 तक यह पुलिया जनता को समर्पित कर दिया जाएगा, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखकर ऐसा प्रतीत नहीं होता कि निर्माण कार्य समय पर पूरा हो पाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिया निर्माण की धीमी गति के कारण रोजाना हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि नाला पार करना जोखिम भरा हो जाता है।
जेई जितेंद्र मिश्रा ने दिया नया आश्वासन
पथ निर्माण विभाग के जेई जितेंद्र मिश्रा ने पहले दावा किया था कि 30 मई तक पुलिया निर्माण का कार्य पूरा कर जनता को सौंप दिया जाएगा। हालांकि कार्य अधूरा रहने के बाद अब उन्होंने फिर से नया आश्वासन देते हुए कहा है कि अगले 15 दिनों के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण कर दिया जाएगा।
उनके अनुसार बारिश और तकनीकी कारणों की वजह से निर्माण कार्य में देरी हुई है। उन्होंने बताया कि बॉक्स ब्रिज का मुख्य ढांचा लगभग तैयार हो चुका है तथा अब केवल एप्रोच रोड, मिट्टी कटिंग और गार्डवाल निर्माण का कार्य शेष है।
सुबोध झा ने सरकार पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
Bagbeda महानगर विकास समिति के अध्यक्ष सुबोध झा ने कहा कि जिस प्रकार बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना वर्ष 2018 से अब तक अधूरी पड़ी हुई है, उसी प्रकार यह पुलिया निर्माण कार्य भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा अन्य अधिकारियों द्वारा बार-बार जनता को झूठे आश्वासन दिए जा रहे हैं। न्यायालय में भी यह कहा गया था कि 1 जून 2026 तक घर-घर पानी पहुंचाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, लेकिन आज तक योजना अधूरी है।
सुबोध झा ने आरोप लगाया कि जनता के टैक्स के पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है और विकास योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित रखा जा रहा है।
15 जून तक दोनों योजनाएं पूरी करने का दावा
विभागीय अधिकारियों की ओर से अब दावा किया जा रहा है कि 15 जून 2026 तक पुलिया निर्माण कार्य और ग्रामीण जलापूर्ति योजना दोनों को पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि जनता और सामाजिक संगठनों को इन दावों पर भरोसा नहीं रह गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर बार नई तारीख देकर काम को टाल दिया जाता है। बरसात शुरू होने से पहले यदि पुलिया निर्माण पूरा नहीं हुआ तो आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
राज यादव एजेंसी कर रही निर्माण कार्य
पथ निर्माण विभाग के अनुसार इस परियोजना का निर्माण कार्य चाईबासा की राज यादव एजेंसी द्वारा किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि कार्य तेजी से कराया जा रहा है और शेष काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग दिखाई दे रही है। पुलिया के आसपास अभी भी अधूरे निर्माण सामग्री, मिट्टी के ढेर और अधूरी सड़कें दिखाई दे रही हैं।
2005 से जारी है आंदोलन और संघर्ष
Bagbeda महानगर विकास समिति पिछले दो दशकों से सड़क और पुलिया निर्माण की मांग को लेकर लगातार आंदोलन करती रही है। समिति के अध्यक्ष सुबोध झा के नेतृत्व में कई बार धरना, प्रदर्शन, घेराव और भूख हड़ताल जैसे आंदोलन किए गए।
सुबोध झा ने बताया कि वर्ष 2005 से ही बागबेड़ा क्षेत्र के विकास के लिए संघर्ष जारी है। जनता की समस्याओं को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा गया।
रघुवर दास और विद्युत वरण महतो ने किया था समर्थन
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 18 अप्रैल 2015 को सिद्धू कानू मैदान में बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना का शिलान्यास किया था। उसी दौरान स्टेशन से बड़ौदा घाट सड़क एवं पुलिया निर्माण की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई थी।
जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए मामले को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया था। बाद में सड़क निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया, लेकिन रेलवे पाइपलाइन और अन्य तकनीकी समस्याओं के कारण पुलिया निर्माण लंबे समय तक शुरू नहीं हो पाया।

सांसद और विधायक ने किया था शिलान्यास
जब सभी तकनीकी बाधाओं को दूर किया गया, तब लगभग 4 करोड़ की लागत से पुलिया निर्माण के लिए टेंडर जारी हुआ। इसके बाद सांसद विद्युत वरण महतो और विधायक संजीव सरदार ने संयुक्त रूप से शिलान्यास कर निर्माण कार्य की शुरुआत कराई।
लेकिन निर्माण शुरू होने के बाद भी काम की गति बेहद धीमी रही। परिणामस्वरूप निर्धारित समयसीमा के बावजूद पुलिया अब तक अधूरी पड़ी हुई है।
बरसात से पहले निर्माण पूरा होने की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात शुरू होने से पहले हर हाल में पुलिया निर्माण कार्य पूरा कराया जाए। लोगों का कहना है कि यदि जल्द निर्माण पूरा नहीं हुआ तो आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
सुबोध झा ने कहा कि यदि विभाग समय पर काम पूरा नहीं करता है तो बागबेड़ा महानगर विकास समिति फिर से आंदोलन करने को मजबूर होगी।

Bagbeda की जनता विकास कार्यों में पारदर्शिता चाहती है
Bagbeda क्षेत्र की जनता अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि जमीन पर काम देखना चाहती है। लगातार देरी और अधूरे निर्माण कार्यों ने लोगों का भरोसा कमजोर कर दिया है।
जनता का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं होतीं तो यह प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण है।
Bagbeda में बन रहा बॉक्स ब्रिज पुलिया केवल एक निर्माण परियोजना नहीं बल्कि हजारों लोगों की दैनिक जरूरत से जुड़ा मुद्दा है। वर्षों से संघर्ष कर रही जनता अब जल्द समाधान चाहती है। यदि विभाग और सरकार समय रहते इस परियोजना को पूरा कर देते हैं तो इससे बागबेड़ा और बड़ौदा घाट क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
अब सभी की निगाहें 15 जून 2026 की नई समयसीमा पर टिकी हुई हैं। देखना होगा कि इस बार जनता को पुलिया का लाभ मिलता है या फिर एक और नया आश्वासन सुनने को मिलता है।









