
– NTA को भंग करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की उठी मांग
गिरिडीह : All India Students Association और Revolutionary Youth Association के बैनर तले रविवार को गिरिडीह जिले के Suriya में NEET UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर जोरदार प्रतिवाद मार्च निकाला गया। छात्रों और युवाओं ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग की।

प्रतिवाद मार्च सरिया पार्टी कार्यालय से शुरू होकर बाजार क्षेत्र का भ्रमण करते हुए झंडा चौक पहुंचा, जहां नुक्कड़ सभा आयोजित की गई। सभा की अध्यक्षता RYA राष्ट्रीय परिषद सदस्य कॉमरेड सोनू पांडेय ने की, जबकि संचालन AISA राज्य उपाध्यक्ष राहुल राज मंडल ने किया।
“पेपर लीक ने छात्रों का भविष्य संकट में डाला”
सभा को संबोधित करते हुए कॉमरेड सोनू पांडेय ने आरोप लगाया कि राजस्थान पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि NEET UG परीक्षा का कथित “गेस पेपर” परीक्षा से पहले ही प्रसारित हो चुका था, जिससे सैकड़ों अंकों के उत्तर लीक होने की बात सामने आई है।
उन्होंने कहा कि बिना जवाबदेही तय किए केवल परीक्षा दोबारा कराने का फैसला छात्रों के साथ अन्याय है।
सोनू पांडेय ने कहा कि पिछले दस वर्षों में देशभर में पेपर लीक की दर्जनों घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें JEE Mains, NEET UG और UGC NET जैसी परीक्षाएं भी शामिल हैं। उनके अनुसार, इससे यह साबित होता है कि NTA छात्रों की मेहनत और भविष्य को सुरक्षित रखने में विफल रही है।

“निजी कोचिंग माफिया को संरक्षण मिल रहा”
छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय की लापरवाही के कारण निजी कोचिंग माफिया को बढ़ावा मिल रहा है। वक्ताओं ने कहा कि हर वर्ष प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती।
उन्होंने मांग की कि सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पारदर्शी और जवाबदेह सरकारी संस्थाओं के माध्यम से कराई जाएं तथा पेपर लीक में शामिल नेटवर्क और निजी कोचिंग माफिया की निष्पक्ष जांच हो।
“छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर”
सभा में वक्ताओं ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों छात्रों के भविष्य पर संकट गहरा रहा है। उन्होंने छात्र आत्महत्या के बढ़ते मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में अविश्वास छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ा रहा है।
AISA राज्य उपाध्यक्ष राहुल राज मंडल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि बार-बार NEET जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक हो रहे हैं, तो यह शिक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कई छात्र-युवा कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में AISA राज्य अध्यक्ष कॉमरेड विभा पुष्पा दीप, RYA जिला अध्यक्ष कॉमरेड कामेश्वर यादव, प्रखंड अध्यक्ष जिम्मी चौरसिया, छोटेलाल रविदास, बिनोद मंडल, सिकंदर मंडल, कुश कुशवाहा, कुंदन मंडल, अमन पांडेय, विक्की मंडल, सौरव सामंतों, अरविंद पांडेय, विजय, बबीता, सृष्टि, पूजा, दीपिका, रानी, कल्पना, विनोद, हिमांशु और कौशल सहित बड़ी संख्या में छात्र-युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
क्यों बढ़ रही है परीक्षा प्रणाली पर चिंता?
देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लाखों छात्र वर्षों तक कठिन मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और भरोसे को प्रभावित करती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, डिजिटल रूप से मजबूत और जवाबदेह बनाने की जरूरत है, ताकि छात्रों का विश्वास दोबारा कायम हो सके।
सरिया में आयोजित AISA-RYA का यह प्रतिवाद मार्च केवल एक स्थानीय विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि देशभर में बढ़ती छात्र असंतोष की आवाज के रूप में देखा जा रहा है। छात्रों और युवा संगठनों ने साफ संकेत दिया है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित किए बिना युवाओं का भरोसा लौटाना आसान नहीं होगा।













