मौसम मनोरंजन चुनाव टेक्नोलॉजी खेल क्राइम जॉब सोशल लाइफस्टाइल देश-विदेश व्यापार मोटिवेशनल मूवी धार्मिक त्योहार Inspirational गजब-दूनिया

बढ़ती महंगाई का डबल नहीं, अब “ट्रिपल अटैक”: पेट्रोल-डीजल, सोना-चांदी और LPG ने बिगाड़ा आम आदमी का बजट

Ce94618781f51ab2727e4c0bd2ddd427
On: May 15, 2026 4:40 PM
Follow Us:
IMG 20260515 163650
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

B 1

नई दिल्ली/पटना: देश में महंगाई एक बार फिर आम लोगों की सबसे बड़ी चिंता बनती जा रही है। रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर निवेश और यात्रा तक, हर क्षेत्र में कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस (LPG), सोना-चांदी, दूध और CNG जैसी जरूरी चीजों के दाम बढ़ने से मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।

A 2

हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण ईंधन महंगा हुआ है, जबकि वैश्विक अनिश्चितता के चलते सोना-चांदी की कीमतों ने भी रिकॉर्ड स्तर छू लिया है।

पेट्रोल-डीजल ने बढ़ाई मुश्किलें

14 मई 2026 से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी लागू की गई है। बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल ₹108.55 प्रति लीटर और डीजल ₹94.63 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। वहीं दिल्ली, मुंबई और अन्य महानगरों में भी ईंधन के दाम तेजी से बढ़े हैं।

पेट्रोल-डीजल महंगा होने का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है। निजी वाहन चलाने वालों का खर्च बढ़ जाता है, वहीं माल ढुलाई महंगी होने से फल, सब्जी, राशन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें भी ऊपर चली जाती हैं। परिवहन लागत बढ़ने से बाजार में हर चीज धीरे-धीरे महंगी होने लगती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और कच्चे तेल की सप्लाई में बाधा के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। यदि यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले महीनों में ईंधन के दाम और बढ़ सकते हैं।

सोना-चांदी ने तोड़े रिकॉर्ड

महंगाई के इस दौर में सोना और चांदी भी आम लोगों की पहुंच से दूर होते जा रहे हैं। निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प माने जाने वाले इन धातुओं की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया है।

MCX पर सोना ₹1.53 लाख के पार पहुंच गया, जबकि चांदी ने ₹2.62 लाख प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छू लिया। सिर्फ एक कारोबारी सप्ताह में सोने की कीमतों में ₹4,000 से ज्यादा और चांदी में ₹24,000 प्रति किलो तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

विशेषज्ञ बताते हैं कि जब दुनिया में युद्ध या आर्थिक अस्थिरता का माहौल बनता है, तब निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोना-चांदी में निवेश करते हैं। यही कारण है कि मिडिल ईस्ट संकट के बीच इनकी कीमतों में तेज उछाल आया है।

इस बढ़ोतरी का असर केवल निवेशकों पर नहीं बल्कि आम परिवारों पर भी पड़ रहा है। शादी-ब्याह और पारंपरिक खरीदारी करने वाले लोगों के लिए सोना खरीदना अब पहले से कहीं ज्यादा महंगा हो गया है।

LPG और CNG ने बढ़ाया घरेलू बोझ

घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दाम फिलहाल स्थिर जरूर हैं, लेकिन कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल आया है। 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर का दाम बढ़कर ₹3,071.50 तक पहुंच गया है।

इसका सबसे ज्यादा असर छोटे होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और फूड बिजनेस पर पड़ा है। व्यवसायियों का कहना है कि गैस महंगी होने से उनके संचालन का खर्च काफी बढ़ गया है, जिसका असर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी दिखाई देगा।

वहीं CNG की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में CNG महंगी होने से ऑटो, टैक्सी और सार्वजनिक परिवहन का खर्च बढ़ गया है। इससे रोज सफर करने वाले लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

दूध और जरूरी सामान भी महंगे

महंगाई का असर अब रसोई तक पहुंच चुका है। अमूल और मदर डेयरी जैसी कंपनियों ने दूध के दाम ₹2 प्रति लीटर तक बढ़ा दिए हैं। इसके अलावा दाल, तेल, सब्जियां और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

थोक महंगाई दर (WPI) अप्रैल 2026 में 42 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। इससे साफ है कि आने वाले समय में खुदरा बाजार में भी कीमतों का दबाव बना रह सकता है।

सरकार की चिंता और आगे का खतरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से तेल की खपत कम करने और अनावश्यक सोना खरीदने से बचने की अपील की है। सरकार ने सोना और चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है, ताकि आयात कम हो और देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव घटे।

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक तनाव लंबा खिंचता है और कच्चे तेल की कीमतें 120-130 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचती हैं, तो भारत में महंगाई और गंभीर रूप ले सकती है।

आम आदमी क्या करे?

आज स्थिति यह है कि एक तरफ ईंधन महंगा है, दूसरी तरफ रसोई का खर्च बढ़ रहा है और तीसरी ओर निवेश के लिए सोना-चांदी भी महंगे हो चुके हैं। यानी आम आदमी पर महंगाई का “ट्रिपल अटैक” हो रहा है।

ऐसे में लोगों को अनावश्यक खर्चों में कटौती, बचत बढ़ाने और बजट बनाकर खर्च करने की जरूरत है। वहीं सरकार के सामने चुनौती है कि वह महंगाई पर जल्द नियंत्रण करे, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और अर्थव्यवस्था पर दबाव कम हो।

WhatsApp Image 2026 05 11 At 11.09.39 AM
Ce94618781f51ab2727e4c0bd2ddd427

Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

Leave a Comment

Link copied