
- दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ, विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए गीत और नृत्य
जामशेदपुर: श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन में शुक्रवार 08 मई 2026 को गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर शिक्षकों और प्रशिक्षणार्थियों ने टैगोर के जीवन, साहित्य और शैक्षिक विचारों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम में श्रीनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. शिवानंद सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर केवल महान साहित्यकार ही नहीं बल्कि एक दूरदर्शी शिक्षाविद भी थे। उनके साहित्य और विचारों ने भारतीय शिक्षा और संस्कृति को नई दिशा देने का कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि टैगोर मातृभाषा के माध्यम से शिक्षा देने पर विशेष जोर देते थे और उनका मानना था कि शिक्षा तभी प्रभावी हो सकती है जब विद्यार्थी अपनी भाषा और संस्कृति से जुड़कर सीखें। प्रो. डॉ. शिवानंद सिंह ने कहा कि आज के समय में भी टैगोर के शैक्षिक विचार पूरी तरह प्रासंगिक हैं और नई पीढ़ी को उनसे प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षणार्थी बरखा ने रवींद्रनाथ टैगोर के विचारों पर प्रकाश डाला और उनके साहित्यिक योगदान को विस्तार से बताया। वहीं सुलेखा महतो ने टैगोर की प्रसिद्ध कविता का भावपूर्ण पाठ कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम का संचालन प्रशिक्षणार्थी अनामिका एवं अमित कुमार राणा ने संयुक्त रूप से किया। दोनों ने पूरे कार्यक्रम को प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ाया।
इस अवसर पर बीएड और डीएलएड के प्रशिक्षणार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत गीत और नृत्य ने समारोह को आकर्षक बना दिया। कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की सराहना की।
समारोह में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. मौसुमी महतो, सहायक प्राध्यापकगण तथा बड़ी संख्या में बीएड एवं डीएलएड के प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का माहौल साहित्य, संस्कृति और शिक्षा के मूल्यों से सराबोर नजर आया।














