मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया

मजदूर दिवस पर AIUTUC का विशाल जुलूस, मजदूर एकता का दिया गया संदेश

On: May 1, 2026 8:40 PM
Follow Us:

सरायकेला-खरसावां | 1 मई 2026

---Advertisement---
Netaji Advertisement

आज अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर AIUTUC (ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर) सरायकेला-खरसावां इकाई द्वारा एक भव्य जुलूस का आयोजन किया गया। यह जुलूस आदित्यपुर-2, रोड नंबर 19 से प्रारंभ होकर इमली चौक तक निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में मजदूरों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

जुलूस से सभा तक: एकजुटता का प्रदर्शन

जुलूस जब अपने गंतव्य स्थल इमली चौक पहुंचा, तो वह एक सभा में तब्दील हो गया। इस दौरान मजदूरों की एकजुटता, अधिकारों और संघर्ष को लेकर जोरदार आवाज उठाई गई। सभा में वक्ताओं ने मजदूर वर्ग के सामने मौजूद चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की और संगठित रहने का आह्वान किया।

मुख्य वक्ता आशीष कुमार धर का संबोधन

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में AIUTUC के प्रभारी एवं वरिष्ठ मजदूर नेता आशीष कुमार धर उपस्थित रहे। उन्होंने मजदूर दिवस के ऐतिहासिक महत्व और उसकी सीखों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि—

“वर्तमान समय में मजदूरों पर हो रहे हमले अत्यंत चिंताजनक हैं। ऐसे में मजदूरों को एकजुट होकर इन चुनौतियों का मुकाबला करना होगा।”

उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार लेबर कोड्स का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके लागू होने के बाद मजदूरों के शोषण में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इस पर गंभीर चिंतन और संगठित संघर्ष की आवश्यकता है।

THE NEWS FRAME

संगठन की मजबूती पर जोर

कार्यक्रम का संचालन मजदूर नेता विष्णु देव गिरि ने किया। उन्होंने भी मजदूरों से संगठित रहने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की।

इन कार्यकर्ताओं की रही अहम भूमिका

इस आयोजन को सफल बनाने में कई कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही, जिनमें प्रमुख रूप से सुशांत सरकार, गौतम महतो, विशाल बर्मन, लिली दास, लखीकांत पातर, सूरज, देवा मुखी और राजू कुमार शामिल रहे।

बढ़ते श्रम संकट के बीच एकता का संदेश

मजदूर दिवस के अवसर पर निकाला गया यह जुलूस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि वर्तमान समय में मजदूरों के सामने खड़ी चुनौतियों—जैसे श्रम कानूनों में बदलाव, रोजगार असुरक्षा और बढ़ते शोषण—के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी था। AIUTUC का यह प्रयास दर्शाता है कि श्रमिक वर्ग अब अपने अधिकारों के प्रति अधिक सजग और संगठित हो रहा है।

मजदूर दिवस के मौके पर सरायकेला-खरसावां में आयोजित यह जुलूस और सभा मजदूर एकता, संघर्ष और अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा देने वाला साबित हुआ। आने वाले समय में ऐसे आयोजन मजदूर आंदोलन को और मजबूती प्रदान कर सकते हैं।

---Advertisement---
Netaji Advertisement
---Advertisement---
Netaji Advertisement

Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

Leave a Comment