
जमशेदपुर: सिंहभूम मंडल के Post विभाग ने ‘दीन दयाल स्पर्श’ और ‘ढाई आखर’ पत्र लेखन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया। जमशेदपुर में ये कार्यक्रम शिक्षा और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए हुआ। Post विभाग ने प्रतिभाओं को नवाजा – 6 मेधावी बच्चों को 6,000 रुपये की छात्रवृत्ति और तनीषा कुमारी ने राज्य स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया। ऐसे प्रयास बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाते हैं। आइए, इस Post विभाग ने प्रतिभाओं को नवाजा की पूरी कहानी जानते हैं।

दीन दयाल स्पर्श योजना मेधावी बच्चों का सम्मान
Post विभाग ने प्रतिभाओं को नवाजा – ये कहावत चरितार्थ हुई दीन दयाल स्पर्श योजना के तहत। सिंहभूम मंडल में आयोजित पत्र लेखन प्रतियोगिता में 6 होनहार बच्चों का चयन हुआ। विभाग ने हर विजेता को 6,000 रुपये का चेक और डाकघर बचत खाता देकर सम्मानित किया। ये न सिर्फ पुरस्कार है, बल्कि वित्तीय साक्षरता की शुरुआत भी। बच्चे बचत खाते से पैसे बचाना सीखेंगे, जो जीवनभर काम आएगा।
विजेताओं की सूची जमशेदपुर के गौरव
Post विभाग ने प्रतिभाओं को नवाजा और इन नामों ने शहर का नाम रोशन किया:
- श्री कृष्णा पब्लिक स्कूल: उमंग कुमार गुप्ता, अनुष्का कुमारी, आर्यमन चतुर्वेदी।
- मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल: आराध्या सृष्टि।
- वैली व्यू स्कूल: रोनित पात्रा, सजन कुमार भगत।
ये बच्चे अपनी लेखनी से सबको प्रभावित करने वाले हैं। प्रतियोगिता में उन्होंने पत्र लिखकर सामाजिक मुद्दों, परिवार और शिक्षा पर विचार व्यक्त किए। दीन दयाल स्पर्श योजना Post टिकट संग्रह और पत्र लेखन को जोड़ती है, जो बच्चों में इतिहास के प्रति रुचि जगाती है।
ढाई आखर प्रतियोगिता तनीषा का कमाल
राष्ट्रीय स्तर की ‘ढाई आखर’ पत्र लेखन प्रतियोगिता में जमशेदपुर की बेटी तनीषा कुमारी पांडे ने कमाल कर दिखाया। सीएम एसओई गर्ल्स स्कूल साकची की छात्रा ने 18 वर्ष वर्ग में पूरे झारखंड में दूसरा स्थान जीता। Post विभाग ने प्रतिभाओं को नवाजा – उन्हें 10,000 रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। डिजिटल युग में हाथ से पत्र लिखना भूलते जा रहे बच्चे, ये प्रतियोगिता उस कला को जिंदा रखती है।
तनीषा ने अपनी भावनाओं को शब्दों में इतनी खूबसूरती से उकेरा कि जज प्रभावित हुए। ढाई आखर हर साल आयोजित होती है, जिसमें हिंदी, अंग्रेजी या स्थानीय भाषा में पत्र लिखा जा सकता है। ये प्रतियोगिता सर्किल से नेशनल स्तर तक जाती है, जहां 50,000 रुपये तक का पुरस्कार मिल सकता है। तनीषा का राज्य स्तर पर आना प्रेरणा है।
Post अधीक्षक का संदेश लेखन कला को जिंदा रखें
Post अधीक्षक उदयभान सिंह ने कहा, “ऐसे आयोजनों से बच्चों में पत्र लेखन की विलुप्त होती कला के प्रति रुचि जागृत होती है।” Post विभाग ने प्रतिभाओं को नवाजा और भविष्य में भी प्रतियोगिताएं जारी रखेगा। उन्होंने सभी को शुभकामनाएं दीं और अन्य बच्चों को हिस्सा लेने को प्रेरित किया। ये प्रयास डाक विभाग की सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाते हैं।
शिक्षा जगत ने भी सराहना की। मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल की प्राचार्य ने कहा कि Post विभाग ने प्रतिभाओं को नवाजा – ये पुरस्कार बच्चों का मनोबल बढ़ाते हैं। रचनात्मकता के साथ मुख्यधारा शिक्षा जोड़ना जरूरी है। ऐसे कार्यक्रम स्कूलों को प्रोत्साहित करते हैं।

Post विभाग की पहलें शिक्षा से जुड़े प्रयास
Post विभाग सिर्फ पत्र भेजने तक सीमित नहीं। दीन दयाल स्पर्श योजना डाक टिकट संग्रह को बढ़ावा देती है, जो बच्चों को इतिहास, संस्कृति सिखाती है। ढाई आखर भावनात्मक अभिव्यक्ति पर जोर देती है। सिंहभूम मंडल ने हाल ही में ‘उड़ान-2026’ और ‘ज्ञान पोस्ट’ पुस्तक वितरण जैसे कार्यक्रम किए। ये सब बच्चों को बचत, लेखन और जागरूकता सिखाते हैं। जमशेदपुर जैसे शहर में ये पहल स्वागतयोग्य हैं।

इन प्रतियोगिताओं का महत्व बच्चे क्यों हिस्सा लें?
आज स्मार्टफोन के जमाने में पत्र लिखना पुरानी बात लगती है। लेकिन Post विभाग ने प्रतिभाओं को नवाजा – ये दिखाता है कि हाथ की लेखनी का जादू बरकरार है। दीन दयाल स्पर्श योजना वित्तीय शिक्षा देती है – बच्चे बचत खाता खोलकर पैसे का महत्व समझते हैं। ढाई आखर राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाने का मौका देती है। अभिभावक सोचें – ये न सिर्फ पुरस्कार, बल्कि आत्मविश्वास बढ़ाती हैं।
पिछले वर्ष झारखंड में रांची प्रमंडल से 26 विजेता निकले। सिंहभूम ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। 2025-26 में ढाई आखर में 50,000 रुपये का टॉप पुरस्कार था। ऐसे आयोजनों से बच्चे डिजिटल दुनिया से हटकर रचनात्मक बनते हैं। स्कूलों को इन्हें कैलेंडर में शामिल करना चाहिए।
लाभ पुरस्कार से आगे की सीढ़ी
- आर्थिक मदद: 6,000-10,000 रुपये और बचत खाता।
- मान्यता: राज्य-राष्ट्रीय स्तर पर नाम।
- कौशल विकास: लेखन, वित्तीय साक्षरता, आत्मविश्वास।
- भविष्य के अवसर: प्रतियोगिताएं कॉलेज एडमिशन में मदद करती हैं।
Post विभाग ने प्रतिभाओं को नवाजा – ये बच्चों के लिए सुनहरा मौका है।
Post अधीक्षक ने भरोसा दिया कि भविष्य में भी डाक विभाग ऐसे आयोजन करेगा। वसंत पंचमी पर पुस्तक वितरण, उड़ान कार्यक्रम – सब जारी रहेंगे। अभिभावक और स्कूल तैयार रहें। दीन दयाल स्पर्श और ढाई आखर हर साल आती हैं। ज्यादा बच्चे हिस्सा लें, ज्यादा नाम रोशन हों।
शिक्षक संगठनों ने सुझाव दिया कि Post घरों पर लेखन कार्यशालाएं हों। ये बच्चों को प्रेरित करेगी। Post विभाग ने प्रतिभाओं को नवाजा – अब बारी आपकी है, अपने बच्चों को आगे बढ़ाएं।
Post विभाग ने प्रतिभाओं को नवाजा – ये सिर्फ पुरस्कार नहीं, बच्चों के सपनों को बल है। दीन दयाल स्पर्श और ढाई आखर जैसी प्रतियोगिताएं लेखन कला को जिंदा रखेंगी। उमंग, तनीषा जैसे बच्चे प्रेरणा हैं। अभिभावक, स्कूल – सब मिलकर हिस्सा लें। Post विभाग भविष्य के लिए निवेश कर रहा है। अपनी प्रतिभा को पहचानें, आगे बढ़ें।














