
जमशेदपुर: देश का Soldier सम्मान का प्रतीक है, लेकिन जमशेदपुर में कदमा थाना पुलिस द्वारा एक पूर्व Soldier के साथ की गई कथित बर्बरता ने पूरे समाज को झकझोर दिया। 16 अप्रैल 2026 को हुई इस घटना के खिलाफ अखिल भारतीय पूर्व Soldier सेवा परिषद ने जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व Soldier ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की, वरना बड़ा आंदोलन की चेतावनी दी। यह मामला न केवल सैनिक सम्मान का है, बल्कि कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाता है।

घटना का विवरण और पृष्ठभूमि
कदमा थाना क्षेत्र में 16 अप्रैल को एक Soldier /पूर्व Soldier के साथ पुलिस ने कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की। आरोपी पुलिसकर्मी एएसआई पीसीआर महावीर उपाध्याय और ड्राइवर संजीव कुमार हैं। पूर्व सैनिक समाज इसे अमानवीय और सेना के अपमान का बताया। यदि कोई त्रुटि हुई भी, तो पुलिस को सेना अधिकारियों को सूचित करना चाहिए था, न कि खुद दमन करना।
यह घटना जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में सुरक्षा चिंता बढ़ाती है। सैनिकों का सम्मान न होने से समाज में भय का माहौल बनता। पूर्व Soldier ने इसे असहनीय ठहराया।
पूर्व Soldier का प्रदर्शन
अखिल भारतीय पूर्व Soldier सेवा परिषद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पूर्व Soldier कदमा थाना पहुंचे। उन्होंने नारेबाजी कर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने तत्काल निलंबन और कठोर कार्रवाई की मांग की। चेतावनी दी कि अन्यथा आंदोलन व्यापक होगा—राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा।
परिषद ने कहा कि पूर्व Soldier प्रशासन के सहयोगी रहे, लेकिन अब उनका सम्मान खतरे में। सवाल उठाया Soldier सुरक्षित न हों, तो आम नागरिक कैसे? प्रदर्शन में वरुण कुमार, प्रकाश पटेल, एस.के. सिंह, अवधेश कुमार, राजीव कुमार, मनोज कुमार सिंह, एस.बी. सिंह, संजय सिंह, सुखविंदर सिंह, बिरजू कुमार, गोपाल कुमार सहित 30+ पूर्व सैनिक शामिल।

प्रदर्शन के प्रमुख बिंदु
- दोषी पुलिसकर्मियों का तुरंत निलंबन।
- कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित।
- SSP और सेना अधिकारियों से शीघ्र मुलाकात।
- न्याय न मिला तो जनआंदोलन।
परिषद की चेतावनी और अगला कदम
परिषद की स्पष्ट चेतावनी: “शीघ्र न्याय न मिला तो बड़ा जनआंदोलन, जिम्मेदारी प्रशासन की।” वे SSP और सेना के उच्च अधिकारियों से मिलेंगे। यह आंदोलन सैनिक सम्मान की लड़ाई बनेगा। पूर्व सैनिक समाज एकजुट हो गया।
ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जरूरी, वरना भरोसा टूटेगा। प्रशासन को संवेदनशीलता दिखानी होगी।
पूर्व Soldier की भूमिका समाज में
पूर्व Soldier देश सेवा के बाद समाज सेवा में सक्रिय रहते। आपदा प्रबंधन, ट्रेनिंग, सामाजिक कार्य—वे सहयोग देते। जमशेदपुर में उनकी संख्या अच्छी, लेकिन सम्मान न मिले तो असंतोष बढ़ेगा। परिषद जैसे संगठन उनकी आवाज बनते।
यह घटना पूरे झारखंड के लिए चेतावनी। सैनिकों से सम्मानजनक व्यवहार अनिवार्य।
पुलिस और Soldier के बीच संबंध
पुलिस का कर्तव्य कानून व्यवस्था है, Soldier का रक्षा। दोनों सहयोगी होने चाहिए। गलती पर विभागीय कार्रवाई, लेकिन हिंसा अस्वीकार्य। प्रशिक्षण में सैनिक सम्मान पर जोर दें। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सैनिकों को विशेष दर्जा।
जमशेदपुर में कानून व्यवस्था
जमशेदपुर औद्योगिक केंद्र, विविध आबादी। कदमा जैसे क्षेत्रों में तनाव आम। पूर्व Soldier का प्रदर्शन प्रशासन को सतर्क करेगा। SSP को मामले की गहराई से जांच करनी। मीडिया कवरेज से दबाव बनेगा।
संभावित परिणाम और समाधान
- दोषियों पर कार्रवाई से शांति।
- सैनिक-पुलिस संवाद समिति बने।
- जागरूकता अभियान चलाएं।
- न्याय मिला तो भरोसा कायम।
प्रशासन देरी न करे। पूर्व सैनिकों का गुस्सा जायज।
Soldier के साथ पुलिस बर्बरता के खिलाफ पूर्व Soldier का उग्र विरोध जायज है। सम्मान पर आघात बर्दाश्त नहीं। प्रशासन तत्काल कार्रवाई करे, वरना आंदोलन फैलेगा। सैनिक राष्ट्र रक्षक—उनका मान रखें।














