
Water Conservation Awareness | JAMSHEPDUR : ‘विश्व जल दिवस’ के अवसर पर श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन के ‘इको क्लब’ द्वारा जल संसाधनों के संरक्षण के महत्व को बताने और विद्यार्थियों को जल संरक्षण के लिए जागरूक करने के लिए कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को जल संकट और उसके संरक्षण की आवश्यकता के प्रति संवेदनशील बनाना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप मे श्रीमती अकाली टुडू, सचिव, जुमिद तिरला गवंटा ट्रस्ट एवं झारखंड की जल योद्धा चैंपियन द्वारा जल संरक्षण पर एक सत्र आयोजित किया गया।


अपने संबोधन में उन्होंने जल संरक्षण में नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया तथा दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल आदतें अपनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने वर्षा जल संचयन, जल की बर्बादी कम करने और प्राकृतिक जल स्रोतों की रक्षा जैसे व्यावहारिक उपाय भी साझा किए।
छात्रों और शिक्षकों ने इस जागरूकता कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम में जल संरक्षण के लिए शपथ ग्रहण भी शामिल था।
विद्यार्थियों ने भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम जारी रखने की बात कही जिससे जल-सुरक्षित समाज का निर्माण किया जा सके।
Water Conservation Awareness | JAMSHEPDUR : ‘विश्व जल दिवस’ के अवसर पर श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन के ‘इको क्लब’ द्वारा जल संसाधनों के संरक्षण के महत्व को बताने और विद्यार्थियों को जल संरक्षण के लिए जागरूक करने के लिए कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को जल संकट और उसके संरक्षण की आवश्यकता के प्रति संवेदनशील बनाना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप मे श्रीमती अकाली टुडू, सचिव, जुमिद तिरला गवंटा ट्रस्ट एवं झारखंड की जल योद्धा चैंपियन द्वारा जल संरक्षण पर एक सत्र आयोजित किया गया।


अपने संबोधन में उन्होंने जल संरक्षण में नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया तथा दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल आदतें अपनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने वर्षा जल संचयन, जल की बर्बादी कम करने और प्राकृतिक जल स्रोतों की रक्षा जैसे व्यावहारिक उपाय भी साझा किए।
छात्रों और शिक्षकों ने इस जागरूकता कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम में जल संरक्षण के लिए शपथ ग्रहण भी शामिल था।
विद्यार्थियों ने भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम जारी रखने की बात कही जिससे जल-सुरक्षित समाज का निर्माण किया जा सके।










































