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दिव्यांग बच्ची की मदद को आगे आए त्रिशानु राय, शिक्षा दिलाने की पहल

On: March 10, 2026 3:58 PM
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चाईबासा (जय कुमार): पश्चिम सिंहभूम जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्र टोंटो प्रखंड के ग्राम बानाईकेड़ा से मानवता और संवेदनशीलता की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। यहां की 12 वर्षीय दिव्यांग बच्ची मदेय कुंडिया की मदद के लिए कांग्रेस प्रवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता त्रिशानु राय आगे आए हैं और उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा की व्यवस्था कराने की पहल की है।

पिता का निधन, आर्थिक तंगी से जूझ रहा परिवार

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मदेय कुंडिया के पिता माटा कुंडिया का कुछ समय पहले निधन हो गया था। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। ऐसे में बच्ची की माँ जसमनी कुंडिया, जो कि उसकी एकमात्र अभिभावक हैं, आर्थिक तंगी के कारण बेटी की शिक्षा और परवरिश को लेकर काफी चिंतित थीं।

सूचना मिलते ही सक्रिय हुए त्रिशानु राय

स्थानीय ग्रामीणों से मामले की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता सह सामाजिक कार्यकर्ता त्रिशानु राय ने तुरंत मानवीय संवेदनाओं के आधार पर पहल की सोमवार को वे बच्ची के भविष्य को संवारने के उद्देश्य से नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय (बालिका), सदर चाईबासा पहुंचे।

विद्यालय प्रशासन से किया प्रवेश का अनुरोध

त्रिशानु राय ने विद्यालय की प्राचार्या बबीता महतो से मुलाकात कर बच्ची की स्थिति से अवगत कराया और कक्षा पाँच में उसके प्रवेश पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का अनुरोध किया।

इस दौरान उन्होंने बच्ची का प्रवेश आवेदन पत्र,

  • स्थानीय मुखिया,
  • मुंडा,
  • तथा प्राथमिक विद्यालय बानाईकेड़ा के प्रधान शिक्षक द्वारा प्रमाणित आवश्यक दस्तावेज भी विद्यालय प्रशासन को सौंप दिए।

प्राचार्या ने दिया आश्वासन

विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती बबीता महतो ने त्रिशानु राय को आश्वस्त करते हुए कहा कि भौतिक सत्यापन के बाद नियमों के अनुसार दिव्यांग बच्ची को विद्यालय में प्रवेश देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, ताकि उसका भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल बन सके।

मौके पर मौजूद रहीं शिक्षिकाएं

इस दौरान विद्यालय की कई शिक्षिकाएं भी उपस्थित थीं और उन्होंने भी बच्ची की शिक्षा के प्रति सकारात्मक रुख दिखाय ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की इस दिव्यांग बच्ची के लिए त्रिशानु राय की पहल सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदना की मिसाल बनकर सामने आई है। यदि बच्ची को आवासीय विद्यालय में प्रवेश मिल जाता है तो यह उसके जीवन को नई दिशा देने वाला कदम साबित होगा।

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