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सरयू राय ने बाल विवाह मुक्ति रथ को दिखाई हरी झंडी, जागरूकता अभियान की शुरुआत

On: February 5, 2026 6:33 PM
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जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक विशेष पहल की शुरुआत करते हुए बाल विवाह मुक्ति रथ को रवाना किया। यह रथ सोनारी स्थित आदर्श सेवा संस्थान की ओर से संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य समाज में बाल विवाह जैसी कुप्रथा के प्रति लोगों को जागरूक करना है।

बिष्टुपुर स्थित अपने आवास-सह-कार्यालय से रथ को हरी झंडी दिखाते हुए सरयू राय ने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक अपराध है, जिसे रोकने के लिए देश में कई कड़े कानून बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कानून तभी प्रभावी होंगे, जब समाज के लोग बाल विवाह के दुष्परिणामों को समझेंगे और इसके खिलाफ आवाज उठाएंगे। उन्होंने आदर्श सेवा संस्थान द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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विधायक ने बताया कि यह बाल विवाह मुक्ति रथ घाटशिला समेत विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को जागरूक करेगा। रथ के माध्यम से गांव-गांव और मोहल्लों में जाकर लोगों को बाल विवाह के कानूनी पहलुओं, इसके दुष्प्रभावों और इससे बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही रथ में बाल विवाह से संबंधित जागरूकता साहित्य और पंपलेट भी उपलब्ध हैं, जिन्हें आम लोगों में वितरित किया जाएगा।

सरयू राय ने कहा कि बाल विवाह से बच्चों का बचपन और भविष्य दोनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को शिक्षा और बेहतर भविष्य देने पर ध्यान दें, न कि कम उम्र में विवाह कर उनकी संभावनाओं को सीमित करें। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों—शिक्षकों, अभिभावकों, सामाजिक संगठनों और प्रशासन—को मिलकर इस कुप्रथा के खिलाफ काम करना होगा।

उदाहरण के तौर पर, यदि किसी गांव में 14–15 वर्ष की लड़की का विवाह तय किया जाता है, तो यह उसके स्वास्थ्य, शिक्षा और मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। ऐसी स्थिति में जागरूक नागरिक, शिक्षक या स्थानीय संगठन संबंधित अधिकारियों को सूचना देकर बाल विवाह को रोक सकते हैं। इस तरह के प्रयास न केवल एक बच्चे का भविष्य बचाते हैं, बल्कि पूरे समाज को एक बेहतर दिशा देते हैं।

आदर्श सेवा संस्थान के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह अभियान कई चरणों में चलाया जाएगा और स्कूलों, पंचायतों व सामुदायिक स्थलों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। संस्थान का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोगों तक बाल विवाह के खिलाफ संदेश पहुंचे और समाज में इसके प्रति सख्त विरोध की भावना विकसित हो।

कार्यक्रम के दौरान सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की उपस्थिति भी रही, जिन्होंने इस पहल का समर्थन किया। अंत में सरयू राय ने संस्थान की पूरी टीम को इस अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि इस तरह की पहलें समाज को बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं से मुक्त करने में अहम साबित होंगी।

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