गिरिडीह : जिले के बगोदर थाना क्षेत्र अंतर्गत अटका में सड़क हादसे में छात्रा की मौत के बाद पोस्टमार्टम नहीं होने से आक्रोशित ग्रामीणों व परिजनों ने शनिवार को बगोदर ट्रामा सेंटर में जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान लोगों ने ट्रामा सेंटर की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए तोड़फोड़ की।
परिजनों का आरोप: “ड्यूटी पर कोई मौजूद नहीं था”
ग्रामीणों और मृत छात्रा के परिजनों का आरोप है कि छात्रा के शव का समय पर पोस्टमार्टम होना था, लेकिन शनिवार को जब वे शव लेकर ट्रामा सेंटर पहुंचे तो वहां कोई भी जिम्मेदार कर्मी ड्यूटी पर मौजूद नहीं था।
इसके बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
आउटसोर्सिंग कर्मियों की हड़ताल बनी वजह
बताया जा रहा है कि आउटसोर्सिंग कर्मियों की हड़ताल के कारण ट्रामा सेंटर के भी कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इसी वजह से आवश्यक प्रक्रिया बाधित हुई और शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया।
पुलिस पहुंची, तब तक आरोपी फरार
घटना की सूचना मिलते ही बगोदर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक तोड़फोड़ करने वाले लोग वहां से फरार हो चुके थे। हालांकि मृत छात्रा के परिजन शव के साथ ट्रामा सेंटर में मौजूद रहे और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार करते रहे।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को अटका में घर लौटने के दौरान छात्रा की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। छात्रा के शव का पोस्टमार्टम होना था, लेकिन अगले दिन शनिवार को ट्रामा सेंटर में व्यवस्था ठप होने के कारण प्रक्रिया नहीं हो सकी—और यही आक्रोश की वजह बन गई।
यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था की लचर स्थिति और हड़ताल के कारण उत्पन्न प्रशासनिक अव्यवस्था को उजागर करती है। समय पर पोस्टमार्टम जैसी जरूरी प्रक्रिया नहीं होने से ग्रामीणों में असंतोष बढ़ा और मामला हिंसक रूप ले बैठा। अब देखना होगा कि प्रशासन दोषियों की पहचान कर क्या कार्रवाई करता है और ट्रामा सेंटर की व्यवस्था कब पटरी पर लौटती है।












