मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया

पूर्व सैनिकों ने विद्यार्थियों को सुनाई 1971 के युद्ध की वीरगाथा, देशभक्ति के नारों से गूंजा वातावरण

On: December 16, 2025 9:04 AM
Follow Us:

स्कूलों में ‘विजय संदेश’ पढ़कर मनाया गया विजय दिवस

जमशेदपुर : अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के तत्वावधान में विजय दिवस के अवसर पर शहर के विभिन्न विद्यालयों में ‘विजय संदेश’ पढ़कर देश की ऐतिहासिक जीत को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। यह आयोजन 16 दिसंबर 1971 को भारत-पाक युद्ध में भारत की ऐतिहासिक विजय और बांग्लादेश के निर्माण की स्मृति में किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत देशभक्ति से ओतप्रोत पंक्तियों के साथ हुई—

“इतनी सी बात हवाओं को बताए रखना,
रोशनी होगी, चिरागों को चलाए रखना…
लहू देकर जिसकी हिफाजत की है हमने,
उस तिरंगे को भी दिल में बसाए रखना।”

---Advertisement---
Netaji Advertisement

इन पंक्तियों के माध्यम से विद्यार्थियों को देश, तिरंगा और शहीदों के बलिदान का महत्व समझाया गया।

THE NEWS FRAME

पूर्व सैनिकों ने विद्यार्थियों को बताया कि किस प्रकार 1971 के युद्ध में मात्र 14 दिनों (3 से 16 दिसंबर) के भीतर भारतीय सेना ने अद्भुत शौर्य और रणनीति का परिचय देते हुए पाकिस्तान को पराजित किया। युद्ध के बाद पाकिस्तान के जनरल नियाजी ने 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों के साथ भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जिसके परिणामस्वरूप विश्व के मानचित्र पर एक नए राष्ट्र बांग्लादेश का उदय हुआ। यह घटना विश्व युद्ध इतिहास में एक अविस्मरणीय अध्याय बन गई।

अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के तहत लगभग पाँच विद्यालयों में विजय संदेश पढ़ा गया।

  • आवासी नेताजी सुभाष, गोलमुरी में राष्ट्र चेतना सुभाष कुमार,
  • गोलमुरी के किला भारती विद्यालय में श्री राजीव कुमार,
  • संत जोसेफ हाई स्कूल एवं ओल्ड बारीडीह में संतोष सिंह
    द्वारा विद्यार्थियों को विजय संदेश पढ़कर सुनाया गया। अन्य विद्यालयों में शिक्षकों ने बच्चों को विजय संदेश सुनाकर 1971 के वीरों को नमन किया।
THE NEWS FRAME

पूर्व सैनिकों ने कहा कि 1971 का भारत-पाक युद्ध भारतीय सेना के पराक्रम, साहस और अनुशासन का प्रतीक है। यह पहली बार था जब किसी सेना ने न केवल युद्ध में जीत दर्ज की, बल्कि अपने शौर्य से इतिहास के साथ-साथ भूगोल भी बदल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शहीदों के बलिदान को स्मरण रखते हुए राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।

परिषद ने जानकारी दी कि 16 दिसंबर को शहीद स्मृति स्थल, गोलमुरी से विजय दिवस के शौर्यमय अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। विजय संदेश पढ़ने का मुख्य उद्देश्य युवाओं में भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और देशभक्ति की भावना को जीवंत बनाए रखना है।

कार्यक्रम के दौरान “भारत माता की जय” और “वीर शहीद अमर रहें” के गगनभेदी नारों से वातावरण ओज और देशभक्ति से भर उठा।

---Advertisement---
Netaji Advertisement
---Advertisement---
Netaji Advertisement

Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

और पढ़ें

NIT जमशेदपुर के शोधार्थी कमल बहादुर यादव ने किया पीएचडी शोध का सफल बचाव

नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में 1600 से अधिक विद्यार्थियों को मिली उपाधि, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया सम्मानित

PM-YASASVI स्कॉलरशिप ने झारखंड के विश्वजीत मंडल का एमबीए का सपना किया साकार, IIM रायपुर तक पहुंचने वाले समुदाय के पहले छात्र बने

केरला पब्लिक स्कूल, मानगो में वरिष्ठ छात्र परिषद (सीनियर स्कूल कैबिनेट) का शपथ ग्रहण एवं पदभार ग्रहण समारोह आयोजित

श्रीनाथ विश्वविद्यालय के ‘शंखनाद 2026’ में उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रमों और भविष्य की योजनाओं का ऐलान

श्रीनाथ विश्वविद्यालय में ‘शंखनाद-2026’ का आयोजन, नए शैक्षणिक सत्र का हुआ भव्य स्वागत – डॉ. रश्मि

Leave a Comment