जमशेदपुर, पोटका : नवरात्र के पावन अवसर पर पूर्व जिला पार्षद श्रीमती प्रतिमा रानी मंडल एवं करुणामय मंडल (पूर्व जिला पार्षद, पोटका, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड) ने मां दुर्गा के सप्तम, अष्टमी और नवमी रूपों की वंदना करते हुए समाज से एक भावपूर्ण संदेश साझा किया।
मां कालरात्रि की स्तुति 🙏
सप्तमी तिथि पर मां कालरात्रि की स्तुति की गई—
मां को उग्रचंडा, अश्ववाहिनी, त्रिनेत्री, चतुर्भुजा, खड़्ग और लौहास्त्र धारण करने वाली, व्याघ्र चर्म धारण किए रक्तवस्त्रा देवी के रूप में नमन किया गया। श्रद्धालुओं ने प्रार्थना की कि मां कालरात्रि सभी अशुभ शक्तियों और असुरों का नाश करें।
महाष्टमी पर मां महागौरी का पूजन 🌸
महाष्टमी के अवसर पर मां महागौरी को वृषवाहिनी, श्वेतांबरा, त्रिशूलधारिणी और सौम्य शांति स्वरूपिणी के रूप में वंदन किया गया। मां महागौरी को शुभ-शांति, समृद्धि, सिद्धि, शुद्धि और मोक्ष प्रदान करने वाली देवी मानते हुए भक्तों ने नमन किया।
इसी अवसर पर प्रतिमा रानी मंडल एवं करुणामय मंडल ने संदेश दिया—
“सच्ची दुर्गा पूजा केवल पूजा-अर्चना से नहीं, बल्कि नारी को जीवन में सच्चे मन से श्रद्धा और सम्मान देने से होगी।”
नवमी पर मां सिद्धिदात्री का आह्वान 🌼
मां सिद्धिदात्री की स्तुति में भक्तों ने कहा—
शंख, चक्र, गदा और पद्म धारण करने वाली, सिंहवाहिनी, पद्मासन पर विराजमान देवी को नमन। मां सिद्धिदात्री को सर्व सिद्धि, प्रसन्नता और कल्याण की दायिनी मानते हुए भक्तों ने प्रार्थना की कि वे सभी दुर्गति और अरिष्टों का नाश करें।
सामाजिक संदेश 🌺
करुणामय मंडल ने इस अवसर पर कहा—
“नवरात्र का यह पर्व मातृशक्ति की आराधना का समय है। इस अवसर पर समाज को यह संकल्प लेना चाहिए कि नारी को वास्तविक सम्मान और श्रद्धा देंगे। यही दुर्गा पूजा का सच्चा अर्थ है।”
🌺 नवरात्र स्तुति एवं संदेश
सप्तमी – मां कालरात्रि की स्तुति
“सप्तमे मां कालरात्रि
उग्रचंडा मां कालिके।
चतुर्भुजा अश्व बाहिनी
त्रिनेत्री मां चंडीके।।
हस्ते खड़्ग लौहास्त्र धृत
वरद अभय दात्री।
व्याघ्र चर्म परिहिता
देवी रक्तिम वस्त्री।।
उग्र रूपिणी नव दुर्गे
सर्व शक्ति शालिनी।
नमामी मां कालरात्रि
अशुभ असुर नाशिनी।।”
अष्टमी – मां महागौरी की स्तुति
“महाष्टमी महा दुर्गा
वृषारूढ़ा श्वेतांबरी।
चतुर्भुजा सौम्य शांति
नमामी मां महागौरी।।
नंदी पृष्ठे आरोहिणी
मां त्रिशूल धारिनी।
शुभ शांति समृद्धि
सिद्धि शुद्धि प्रदायिनी।।
पाप ताप निवारिणी
सुख मोक्ष दायिनी।
नमामी श्रेष्ठ रूपिणी
दुर्गा दुर्गति नाशिनी।।”
नवमी – मां सिद्धिदात्री की स्तुति
“नमामी मां नवम दुर्गे
सिद्धि धात्री चतुर्भुजे।
शंख चक्र गदा पद्म
धृत माते कराम्बुजे।।
मां सिंह बाहिनी देवी
पद्म पुष्प विराजिनी।
सर्व सिद्धि प्रदायिनी
प्रसन्ना प्रसन्न दायिनी।।
नमामी मां नवम दुर्गे
सर्व दुर्गति नाशिनी।
सर्व अरिष्ट नाशिनी
सर्व कल्याण कारिनी।।”
🌸 शुभकामनाएँ एवं संदेश
“शुभ महाष्टमी एवं शुभ नवमी की हार्दिक शुभकामनाएँ।”
इस अवसर पर श्रीमती प्रतिमा रानी मंडल एवं करुणामय मंडल (पूर्व जिला पार्षद, पोटका, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड) ने कहा—
“नवरात्र मातृशक्ति के पूजन का उत्सव है। आइए, हम सब केवल मुख से ही नहीं बल्कि हृदय और आचरण से भी नारी को सच्चा सम्मान दें। यही वास्तविक दुर्गा पूजा है। नारी के प्रति श्रद्धा और सम्मान ही मां दुर्गा की सच्ची आराधना है।”













