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श्री साईं सेंटर में गूंजा गुरुजी का संदेश भक्ति का अर्थ प्रेम और करुणा

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On: January 21, 2026 6:43 PM
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जमशेदपुर:-सर्किट हाउस एरिया स्थित श्री साईं सेंटर आज उस समय आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो उठा, जब महान आध्यात्मिक गुरु, प्रख्यात साईं भक्त एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डॉ. चंद्रभानु सत्पथी जी का शुभागमन हुआ। उनके आगमन से संपूर्ण परिसर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना से सराबोर हो गया।

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उल्लेखनीय है कि वर्ष 1972 बैच के पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉ. सत्पथी जी ने ही 18 अक्टूबर 2012 को श्री साईं सेंटर की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न कराई थी। एक दशक से अधिक समय बाद उनके पुनः आगमन को भक्तों ने सौभाग्य और आशीर्वाद के रूप में स्वीकार किया।

भव्य स्वागत और सम्मान

केंद्र के अध्यक्ष एवं विख्यात उद्योगपति श्री एस. के. बेहरा ने गुरुजी का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर महासचिव श्री अमरेश सिन्हा, श्री विजय मेहता सहित अन्य पदाधिकारियों ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इसके पश्चात गुरुजी ने बाबा साईंनाथ की विशेष पूजा-अर्चना एवं प्रदक्षिणा की और सैकड़ों उपस्थित श्रद्धालुओं को अपने अमृतवचन से लाभान्वित किया।

मंदिरों को विंडो शॉपिंग न बनाएं

अपने ओजस्वी और विचारोत्तेजक संबोधन में डॉ. सत्पथी जी ने कहा:-साईं बाबा किसी विशेष पूजा पद्धति का नाम नहीं, बल्कि वे प्रेम, करुणा और मानवता के सजीव प्रतीक हैं। आज मंदिरों को ‘भगवान की विंडो शॉपिंग’ बना दिया गया है, जो चिंता का विषय है। सच्ची भक्ति केवल मंदिर जाने से नहीं, बल्कि जीवन में अच्छे कर्म, संवेदनशीलता और सेवा भाव अपनाने से प्रकट होती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धर्म दिखावे का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और सामाजिक जिम्मेदारी का मार्ग है।

संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व पर बल

गुरुजी ने वर्तमान सामाजिक परिदृश्य और पारिवारिक मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धर्म के नाम पर आडंबर बढ़ रहा है। उन्होंने तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष जोर दिया—

  • माता-पिता की सेवा: माता-पिता की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं। परिवार की जिम्मेदारी निभाना ही सच्ची पूजा है।
  • बच्चों के संस्कार: बच्चों में संस्कार बचपन से ही विकसित होते हैं। उन्हें आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ना माता-पिता का कर्तव्य है।
  • कर्मयोगी संतों की सीख: संतों को केवल चमत्कारों तक सीमित करना उनकी शिक्षाओं के साथ अन्याय है। साईं बाबा हों या गुरु गोबिंद सिंह, उनके त्याग, करुणा और सेवा के आदर्शों को अपनाना ही जीवन की सच्ची सफलता है।

सांस्कृतिक प्रस्तुति और सेवा कार्यों की झलक

कार्यक्रम के दौरान उत्कल एसोसिएशन के कलाकारों ने ओड़िशी नृत्य एवं भजनों की मनोहारी प्रस्तुति दी, जिसने वातावरण को पूर्णतः भक्तिमय बना दिया। वहीं महासचिव श्री अमरेश सिन्हा ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से श्री साईं सेंटर द्वारा संचालित सामाजिक और सेवा कार्यों की विस्तृत जानकारी दी, जिसकी गुरुजी ने मुक्तकंठ से सराहना की।

अध्यक्ष का वक्तव्य

केंद्र के अध्यक्ष श्री एस. के. बेहरा ने कहा कि
“डॉ. सत्पथी जी का मार्गदर्शन हमारे लिए ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत है। उनके द्वारा दिखाए गए प्रेम और करुणा के मार्ग पर चलते हुए श्री साईं सेंटर समाज सेवा के नए आयाम स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

डॉ. सत्पथी जी ने सेंटर के निरंतर विकास पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ

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